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Wednesday ,26 Jun 2019

उत्तराखंड

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फिर शुरू होगी देहरादून- मुंबई के बीच उड़ान, चार धाम यात्रियों को होगी सुविधा

देहरादून का हवाई अड्डा एक बार फिर से देश के सबसे बड़े शहर मुंबई से जुड़ने जा रहा है. जिसके लिए स्पाइस जेट विमान कंपनी  कल से अपनी नई हवाई सेवा शुरू करने जा रही है. पिछले एक महीने से देहरादून और मुंबई के बीच की हवाई सेवा बंद पड़ी थी, जिसका असर एयरपोर्ट के साथ ही पर्यटन और फिल्म निर्माण पर भी पड़ रहा था. अब फिर से हवाई सेवा शुरू होने के बाद चार धाम के यात्रियों समेत अन्य पर्यटकों को आवागमन में आसानी होगी.

एयर सेवा बंद होने से लोग काफी परेशान थे और सरकार से मांग कर रहे थे कि देहरादून से मुंबई के बीच हवाई सेवा शुरू की जाए. बता दें की पूर्व में देहरादून और मुंबई के बीच हवाई सेवा जेट एयरवेज दे रहा था, लेकिन एक माह से आर्थिक संकट से गुजर रही जेट एयरवेज ने अपनी सभी उड़ाने बंद कर दी थी. जिस कारण देहरादून के हवाई अड्डे से संचालित होने वाली तमाम उड़ाने बंद होने से कई शहरों से देहरादून का आवागमन बंद हो गया था. 

एयरपोर्ट निदेशक डी के गौतम ने बताया कि अब देहरादून और मुंबई के बीच सीधी उड़ान कल से शुरू हो रही है, जिसको लेकर लोग बेहद खुश है. स्पाई जेट का विमान कल  11 बजकर 20 मिनट पर मुंबई  एयरपोर्ट पर पहुंचेगा और 12 यात्रियों को लेकर उड़ान भरेगा. इस विमान के शुरू होने से जहां देहरादून का मुंबई तक की दूरी कम समय में तय की जा सकेगी, तो वहीं चार धाम, पर्यटन के साथ ही फिल्म जगत से जुड़े लोग आसानी से उत्तराखंड आ सकेंगे. इसके अलावा भी अन्य बड़े शहरों की बंद पड़ी हवाई सेवाएं भी जल्द शुरू होने की संभावनाएं हैं. 

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KNEWS !1 month ago

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एनआईटी कैंपस मामले ने नैनीताल हाईकोर्ट ने दिए भूगर्भीय जांच के आदेश

नैनीताल हाइकोर्ट ने शुक्रवार को एनआईटी कैंपस शिफ्ट करने के मामले में सुनवाई की, साथ ही केंद्र सरकार को सोमाडी में एनआईटी के स्थापित स्थायी कैंपस की 3 माह में भूगर्भीय जांच कर लिखित जवाब पेश करने का आदेश भी दिया.

मामले की सुनवाई के दौरान आज यूनियन ऑफ इंडिया के उच्चाधिकारी कोर्ट में उपस्थित हुए, जहां उन्होंने एन.आई.टी. कैंपस को सोमाड़ी में स्थापित करने के लिए राज्य सरकार के प्रस्ताव पर तीन माह में जांच करने की बात कही. जिस पर न्यायालय ने नाराजगी व्यक्त करते हुए उच्चाधिकारी को निर्देश दिया कि, वो इस बयान को शपथपत्र के माध्यम से लिखित रूप में मंगलवार तक कोर्ट में पेश करें.

बता दें कि एन.आई.टी. के पूर्व छात्र जसवीर सिंह ने जनहित याचिका दायर कर न्यायालय से कहा था कि, केंद्र ने उत्तराखंड को एन.आई.टी. जैसा प्रतिष्ठित संस्थान दिया, जिसे जगह की किल्लत के चलते राज्य से बाहर राजस्थान में शिफ्ट करने की तैयारी पूरी हो गई है.

खण्डपीठ ने मामले में राज्य सरकार से चार जगह चिन्हित कर न्यायालय को बताने को कहा था, लेकिन राज्य सरकार यह बताने में असफल रही थी. इसके बाद मुख्य सचिव के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की गई, जो न्यायालय में लंबित है. न्यायालय के आज के आदेश के बाद अब केंद्र सरकार को लिखित में अपना जवाब देना होगा. वहीं मामले में अगली सुनवाई मंगलवार को होगी.

 

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KNEWS !1 month ago

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एन.आई.टी.भूमि चयन अवमानना मामले में नैनीताल हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को नोटिस जारी

नैनीताल हाईकोर्ट ने श्रीनगर गढ़वाल स्थित एन.आई.टी.भूमि चयन अवमानना मामले में मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है, साथ ही 15 मई तक जवाब देने का आदेश भी दिया है. सुनवाई के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने एकलपीठ को बताया कि प्रदेश के 10 जिलाधिकारियों ने सरकार से कहा है कि उनके पास उपयुक्त भूमि नहीं है. वहीं हरिद्वार, उधम सिंह नगर और चमोली जिले में उपलब्ध भूमि की जांच की जा रही है. सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति ने आदेश दिया कि सरकार जो भी भूमि देखे उससे खण्डपीठ और हमें अवगत कराए.

बता दें कि एन.आई.टी.के पूर्व छात्र जसवीर सिंह ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही करते हुए याचिका दायर की थी. पूर्व में कोर्ट की खंडपीठ ने नाराजगी जताते हुए पहाड़ अथवा मैदान में एन.आई.टी.कैंपस लगाने के लिए चार स्थान चिन्हित कर न्यायालय को बताने को कहा था. किन्तु सरकार तय सीमा तक कोई भी जगह चिन्हित कर कोर्ट के समक्ष नही रख पाई. जिस पर न्यायालय ने नाराजगी जताते हुए ये तक कहा था कि सरकार के सुस्त रवैये के चलते एक महत्वपूर्ण संस्थान को राज्य के बाहर ले जाया जा सकता है.

इसके बाद न्यायालय ने 25 अप्रैल को मामले को सुनने के बाद याचिकाकर्ता को प्रारंभिक अवमानना कार्यवाही शुरू करने को कहा था. याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अभिजय नेगी ने बताया कि आज अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई, जिसके बाद मुख्य सचिव को नोटिस जारी करते हुए 15 मई तक जवाब देने को कहा गया है.

 

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KNEWS !1 month ago

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"उत्तराखंड : 2014 से पिछड़ा 2019"

J.Thomas: उत्तराखंड की पांचों लोकसभा सीटों पर 11 अप्रैल को मतदान प्रक्रिया के साथ ही आरोप प्रत्यारोप का दौर सम्पन्न होने के बाद अब बीजेपी और कांग्रेस के बीच जीत के दावों की जुबानी जंग शुरू हो गई है। बीजेपी जहां वोटिंग को मोदी मैजिक बता कर 2014 का इतिहास दोहराने का दम भर रही है तो वहीं कांग्रेस पिछ्ली हार का हिसाब बराबर करने का दावा ठोक रही है। बात अगर  2014 लोकसभा चुनाव की करें तो मोदी लहर से सूबे में  अच्छी खासी वोटिंग की बदौलत  बीजेपी 5-0 से कांग्रेस का सूपड़ा साफ करने में भी कामयाब हुई थी। 

इस बार भी ऐसा लग रहा था कि पुलवामा हमले का बदला लेने के लिए  की गई एअर स्ट्राइक का असर सैनिक बाहुल उत्तराखंड में पिछ्ली बार की  वोटिंग से भी बढ़कर  देखने को मिलेगा। दोपहर 1 बजे तक करीब 41 फीसदी मतदान इस ओर इशारा भी कर रहा था लेकिन  देर शाम आए मतदान के अनंतिम आंकड़ों से ऐसा लगा मानो  1 से 5 बजे के बीच मतदाताओं का जोश ठंडा रहा, जो बम्पर वोटिंग की ओर जाता दिख रहा था वो ग्राफ वोटिंग खत्म होते - होते पिछली बार  से भी नीचे 57.85 फीसदी पर आकर थम गया जबकि  2014 लोकसभा चुनाव की बात करें तो राज्य में 62.15 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। हालांकि मतदान प्रतिशत की असल  तसवीर वोटिंग की अगली शाम तक ही साफ हो पाई जब निर्वाचन विभाग  ने अंतिम आंकड़े जारी किए। इस बार  सूबे में 61.50 फीसदी मतदान  हुआ यानी पिछली बार के मुकाबले  0.65 प्रतिशत कम जबकि राज्य में  2004 से लेकर 2014 तक के लोकसभा चुनाव में हर बार वोटिंग प्रतिशत में बढ़ोतरी देखने को मिली थी।

फौजियों  के सूबे कहे जाने वाले उत्तराखंड में  चुनाव के ऐलान के बाद सबसे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की रैली हुई जिसमें उन्होंने 'चौकीदार चोर' के नारे से न केवल पीएम मोदी पर जमकर हमला बोला बल्कि सुस्त पड़े संगठन में जान फूंकने का काम भी किया। पार्टी  देश -प्रदेश में " चौकीदार" पर तीखे हमले के अलावा हर साल 5 करोड़ गरीब परिवारों के खाते में  के 72 हज़ार देने के वायदे से बड़ी उम्मीद पाले बैठी थी कि हाथ का साथ देने के लिए वोटर थोक के भाव घर से निकलेंगे।

वहीं बीजेपी  राष्ट्रवाद के नारे, ज़मीन पर मजबूत संगठन, बड़े नेताओं की रैलियां- रोड शो के साथ पीएम मोदी की 3 सभाओं (1 फोन से ) से फुल चार्ज थी। भ्रष्टाचार पर सोनिया- राहुल को लपेटने , कांग्रेस पर पाकिस्तान परस्त होने  का आरोप चस्पा करने के साथ एयर स्ट्राइक, वन रैंक वन पेंशन और  उत्तराखंड में पांचवें धाम" सैनिक धाम " जैसे  मुद्दों के सहारे बीजेपी भी यह मानकर चल रही थी कि उसे वोट देने जन सैलाब उमड़ेगा लेकिन हुआ दोनों दलों की उम्मीदों के बिल्कुल उलट। मतदान के मोर्चे पर नया रिकॉर्ड बनाना तो दूर उत्तराखंड 2014 के लोकसभा चुनाव के मतदान की बराबरी भी नही कर पाया। वोटर का घर से कम निकलना, कई जगह स्थानीय मुद्दे को लेकर वोटिंग बहिष्कार, वोटर की उदासीनता और नाराज़गी जाहिर कर रहा है और इसने नतीजों को लेकर कांग्रेस और बीजेपी दोनों की टेंशन बढ़ा दी है। आपको बता दें कि सूबे के तकरीबन दर्जन भर बूथों पर लटके लोकल मुद्दों से नाराज़ जनता ने वोटिंग का बहिष्कार कर अपना विरोध जाहिर किया। अगर यह बहिष्कार न हुआ होता तो यकीनन मतदान का आंकड़ा नया कीर्तिमान स्थापित करता। 

पर्वतीय भूगोल वाली अल्मोड़ा और पौड़ी सीट पर क्रमशः 51.82 और 54.47 फीसदी वोटिंग हुई। वोटिंग में आई गिरावट को कांग्रेस अपनी पार्टी के अपने पक्ष में मान रही है और टिहरी में 2014 के मुकाबले 1 प्रतिशत की कमी को भी कमल के मुरझाने का संकेत बता रही है। वहीं  मैदान- तराई की हरिद्वार और नैनीताल सीट जहां दलित और मुस्लिम वोट जीत हार में अहम किरदार अदा करता है, वहां  करीब 68 -68 प्रतिशत के मतदान को भी कांग्रेस अपने लिए शुभ और फायदेमंद मानकर चल रही है। उधर  बीजेपी की माने तो 23 मई से पहले वोटिंग प्रतिशत को लेकर कांग्रेस चाहे जितना खुशफहमी  पाल ले नतीजे साफ कर देंगें कि मैदान हो या पहाड़ पांचों सीटों पर पंजे को परास्त कर एक बार फिर कमल ही खिलने वाला है।

खैर, सूबे की 5 सीटों पर कुल 52 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में बंद हो चुकी है, दोनों दलों के दावे से इतर जीत किसकी हुई है इसके लिए इंतज़ार 23 मई का करना होगा। इतना जरूर है कि नतीजों को लेकर ज्यादा दवाब बीजेपी पर है क्योकि 2014 में पांचों सीटें उसी के नाम रही थीं अगर कांग्रेस अपना खाता खोलने में भी कामयाबी हुई तो यकीनन पार्टी में नए जोश और ऊर्जा का संचार होगा जो उसके लिए 2022 में होने वाले सूबे के सत्ता संग्राम में बीजेपी से लोहा लेने में काफी मददगार साबित होगा। हां अगर कहीं ऊंच - नीच हुई तो पिछ्ली हारों से पस्त पार्टी के लिए बड़ी चुनौती वजूद को बचाये रखने की होगी। इसके अलावा एक और बड़ा सवाल है कि क्या इस बार वो मिथक टूटेगा जिसके तहत अबतक सूबे में जिस पार्टी की सरकार रही है  लोकसभा चुनाव में उस पार्टी को पराजय झेलनी  पड़ी है। सवाल कई हैं मगर जवाब के लिए अटकलों के बजाए 23 मई तक इंतज़ार करना बेहतर है।

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KNEWS !2 months ago

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आचार संहिता का खुलेआम उल्लंघन, मतदान देते हुए फोटो डाली सोशल मीडिया पर

लोकसभा के पहले चरणा का मतदान 11 अप्रैल को खत्म हो गया है चुनाव के इस मौसम में जहां चुनाव आयोग लोगों से अधिक से अधिक वोटिंग करने कि अपील कर रहा है तो वहीं कुछ लोग आचार सहिंता का खुलेआम उल्लंघन करने में लगें हुए है. वोटिंग के दौरान और वोटिंग कक्ष मेंं फोन का इस्तेमाल करना मना है लेकिन नैनीताल और ऊधमसिंहनगर में  कुछ लोगों ने वोट देते हुए ईवीएम की फोटो भी ली और सोशल मीडिया पर अपलोड भी की जिसके बाद से विवाद शुरु हो गया है. लोगों ने वोट डालने के बाद मतदान कक्ष में ही सेल्फी ली और सोशल मीडिया पर अपलोड की जो सीधे तौर पर मतदान की गोपनीयता के उल्लंघन का मामला बनाता है. हरिद्वार में इस तरह के मामले सामने आने के बाद प्रशासन सख्त हुआ और ऐसी हरकतें करने वालों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किये गए, लेकिन ऊधमसिंहनगर और नैनीताल में ऐसी हरकत करने वालों के प्रति प्रशासन लचर नजर आ रहा है

ऊधमसिंहनगर में तमाम लोगों व नेताओं ने मतदान कक्ष के अंदर सेल्फी ली और फिर फेसबुक में अपना फोटो अपलोड कर दिया. इसी तरह नैनीताल, हल्द्वानी समेत अन्य विधानसभा इलाकों से भी लोगों ने वोट देते वक्त अपनी सेल्फी ली और फिर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दी. सेल्फी लेने और फिर उन्हें अपलोड करने वाले यह भी बता रहें है कि उन्होंने कमल के फूल को वोट दिया या फिर हाथ के पंजे को और अगर नियमों की बात करें तो मतदान कक्ष के भीतर किसी भी तरह के फोटो शूट या फिर मोबाइल के इस्तेमाल पर प्रतिबद्ध होता है. यहां तक की मीडिया को भी मतदान कक्ष के अंदर कवरेज की इजाजत नहीं होती. ऐसे में प्रशासन भी कटघरे में है कि लोग कैसे मोबाइल  मतदान कक्ष में लेकर अंदर गए और फिर आराम से सेल्फी भी ले ली.

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KNEWS !2 months ago

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केदारनाथ में बर्फ का कहर, मदिंर को हुआ लाखों का नुकसान

केदारनाथ धाम में बर्फबारी का कहर रुकने का नाम नहीं ले रहा है भारी बर्फबारी के कारण बद्री-केदार मंदिर समिति की सम्पत्ति को लाखों का नुकसान पहुंच चुका है। सम्पत्ति के नुकसान का जायजा लेने गई टीम को लिनचैली से धाम पहुंचने में भारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ा, बाजवूद इसके दल ने हार नहीं मानी और धाम पहुंचकर निरीक्षण किया। धाम में अभी भी पांच से सात फीट तक बर्फ जमी है, जिससे आवागमन में भारी परेशानियां हो रही हैं। साथ ही पुनर्निर्माण कार्य भी ठप पड़े हैं। 

दरअसल, जनवरी माह से केदारधाम में बर्फवारी का सिलसिला जारी है। बर्फबारी से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह के नेतृत्व में टीम केदारधाम भेजी गई। धाम पहुंचने के बाद दल ने मंदिर परिसर, कार्यालय, परिक्रमा पथ, पुजारी निवास, प्रवचन हाल का निरीक्षण किया।

आपको बता दें कि नौ मई को भगवान केदारनाथ के कपाट खुलने हैं। ऐसे में व्यवस्थाओं को जल्द से जल्द चाक-चैबंद किया जाना जरूरी है। लिनचैली से केदारनाथ धाम तक अभी भी बर्फ जमी हुई है। भारी बर्फवारी के बीच रास्ता तैयार कर मंदिर समिति की टीम धाम पहुंची। धाम में चारों ओर बर्फ ही बर्फ नजर आ रही है। पिछले जनवरी माह से धाम में लगातार बर्फवारी हो रही है। अभी भी धाम में पांच से सात फीट तक बर्फ जमी हुई है। बर्फवारी के कारण कर्मचारियों के लिए बने हट, भोग मंडी, भंडार गृह, पुजारी आवास सहित विद्युत लाइन को लाखों का नुकसान पहुंचा है। 

व्यवस्थाओं को दुरूस्त करने के लिए 14 अप्रैल को मंदिर समिति का अग्रिम दल केदारनाथ के लिए रवाना होगा, जो केदारनाथ पहुंचकर मंदिर परिसर एवं आसपास से बर्फ हटाने और बिजली, पानी की सुविधा बहाल करने के साथ ही रंग रौबन का कार्य करेगा। केदारनाथ धाम तक 100 से अधिक मजदूर रास्ते से बर्फ हटाने का कार्य कर रहे हैं। 15 अप्रैल तक केदारनाथ धाम तक रास्ता तैयार कर लिया जायेगा, जिसके बाद अन्य पुनर्निर्माण कार्यों को भी किया जायेगा। 

 

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KNEWS !2 months ago

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"मैं भी चौकीदार" पर भाजपा करेगी नुक्कड़ नाटक

भाजपा  मै भी चौकीदार का कैम्पेन है जिसके तहत पुरे देश में प्रधानमंत्री मोदी 31 मार्च को विडिओ कांफ्रेंस के जरिये कार्यकर्ताओ और चौकीदारों से वार्ता करेंगे जिसको सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओ को जिम्मेदारी सौपी गयी है वंही इस बीजेपी उससे पहले 29 मार्च को प्रदेश की  सभी जिला इकाइयों पर नुक्कड़ नाटक और बाइक रैली के माध्यम से मै भी चौकीदार का लिखी हुई टोपी , और   पटुका  सड़को पर निकल कर जनता को जागरूक करने का काम करेंगे। 

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KNEWS !2 months ago

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पोल से गिरने पर कर्मचारी हुआ घायल

रूडकी के लंढोरा में पोल पर टूटा तार जोडते वक्त विद्युत कर्मी पोल से गिरने पर गंभीर रूप से घायल हो गया मोके पर पबाउंची पुलिस ने घायल को निजी वाहन की मदत से रुड़की सिविल अस्पताल ले गए जहा कर्मी की हालत गंभीर बताई जा रही है इमरान विद्युत प्राइवेट लाइनमैन के रुप में काम करता है कस्बा लंढोरा के चौकी चौराहे के पास खड़ा विद्युत के पोल से एक तार टूट गया। इस पर स्थानीय लोगो ने  विद्युत स्टेशन को मामले की सूचना दी, और विद्युत आपूर्ति बंद करने को कहा। कर्मी ने सूचना पर विभाग ने शट्डाउन ले लिया।

पूरी खबर पढ़े....राहुल की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हुई उर्मिला मातोंडकर

कर्मी विद्युत पोल पर चढ़कर तार जोड़ ही रहा था, कि उसी दौरान अचानक एलटी लाइन का तार टूट गया जिससे वह पोल से नीचे आ गिरा। ओर गंभीर रूप से घायल हो गया ये देख सैकड़ों लोग मौके पर जमा हो गए स्थानीय लोगो ने मामले की सूचना जेई को दी। सूचना पाकर पुलिस और विभागीय कर्मी मोके पर पहुचे लोगो का आरोप है कि विद्युत पोल लगे तार कमजोर होने के कारण है कर्मी पोल से गिरा है  जिसके चलते कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया।

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KNEWS !2 months ago

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धर्म संकट में जनरल बीसी खंडूरी

J. Thomas: उत्तराखंड बीजेपी के सबसे बड़े चेहरे माने जाने वाले मौजूदा पौड़ी सांसद और पूर्व सीएम बीसी खंडूरी धर्मसंकट में हैं। 36 साल के शानदार फौजी करियर में मेजर जनरल बनकर रिटायर होने वाले खंडूरी की पहचान अपने उसूलों पर डटे रहने वाले शख्स की है, जनरल खंडूरी के नाम से मशहूर भुवन चन्द्र खंडूरी के तेवर सियासत में भी फौजी अफसरों वाले यानि कड़क मिज़ाज प्रशासक  की रही है। केंद्र में मंत्री से लेकर राज्य के मुख्यमंत्री तक के सियासी सफर में खंडूरी ने न जाने कितने ही चुनौतियों के चक्रव्यूह को भेदा है लेकिन लगता है कि जनरल खंडूरी इस बार बड़े धर्मसंकट में फंस गए हैं। 2019 की महाभारत में उन्हें पार्टी और पुत्र में से एक का साथ देना है ।अबतक पार्टी के लिए हर लक्ष्य पर अर्जुन की तरह निशाना लगाते आए जनरल इस बार अभिमन्यु की तरह चक्रव्यूह में फंस गए हैं। एक तरफ पिता का धर्म है तो दूसरी तरफ पार्टी के वफादार सिपाही का फर्ज, हमेशा सीधी सपाट राह पर चलने वाला यह भाजपाई जनरल इस जंग में खुद को दोराहे पर खड़ा पा रहा है, एक रास्ता कांग्रेस के हो चुके बेटे को अपनी पौड़ी की पॉलिटिक्स सौप राजनीति में स्थापित करने का है तो दूसरी तरफ उस पार्टी का फर्ज और कर्ज है जिसने उन्हें हर वो सम्मान दिया जिसे पाना कइयों के लिए आज भी सपना है,  केंद्र में मंत्री बनाना रहा हो या  राज्य में मुख्यमंत्री , बीजेपी ने हमेशा अपने इस जनरल का मान ही बढ़ाया। 2012  में उत्तराखण्ड विधानसभा चुनाव में पार्टी  "खंडूरी हैं ज़रूरी " के नारे के साथ रण में उतरी , पार्टी को जीताना तो छोड़िए खुद अपनी सीट पर  सीएम रहते जनरल जंग हार गए। पार्टी सत्ता से बेदखल हुई , जनता ने जनरल को गैर जरूरी बताया लेकिन पार्टी ने खंडूरी को ज़रूरी  बनाए  रखा। 2014 के लोकसभा चुनाव मेंं बीजेपी ने अपने इस जनरल को उसके गढ़ पौड़ी से  उतारा , जनता ने भी इस बार  खंडूरी को जरूरी बनाकर लोकसभा जिताया लेकिन 2014 से 2019 तक आते आते  उम्र के आठ दशक पार चुके इस योद्धा की सेेेहत  सियासी  महायुद्ध में हिस्सा लेंने से रोक रही थी लिहाजा  सत्ता के महासंंग्राम के शंंखनाद से पहले जनरल को जंग न लड़ने का एलान करना पड़ा।

पूरी खबर पढ़े....कांग्रेस का बड़ा ऐलान, सरकार बनी तो गरीबों को हर साल देंगे 72 हज़ार रुपये

जनरल के एलान से जहां बीजेपी  के सामने पौड़ी  के कुरुक्षेत्र के लिए नया रणबांकुरा तलाशने की चुनौती थी तो वहीं कांग्रेस ने खंडूरी नाम के सहारे नैया पार लगाने के लिए खंडूरी के बेटे मनीष को कांग्रेसी बना दिया। अब पौड़ी के अखाड़े में कांग्रेस के पहलवान मनीष खंडूरी हैं तो दूसरी ओर बीजेपी के कद्दावर पहलवान और खंडूरी के शागिर्द माने जाने वाले तीरथ सिंह रावत हैं। अब इन दोनो की टक्कर से टेंशन में जनरल खंडूरी हैं , साथ किसका दें पार्टी का या पुत्र का। खंडूरी दोराहे पर खड़े हैं एक रास्ता बेटे की तरफ जाता है क्योंकि बेटी ऋतु पहले ही बीजेपी से विधायक  बन सियासत में अपनी जड़े जमा चुकी हैं और अब बेटा अपनी सियासी पारी शुरू कर रहा है, अगर एक पिता के तौर पर 'विजयी भव '  के आशीर्वाद से काम चलाया और रण में साथ न दिया तो पुत्र की पॉलिटिकल पारी का आरंभ से पहले अंत हो जाएगा तो दूसरा रास्ता पार्टी की ओर जाता है ,  वो पार्टी है जिसने उन्हें सियासत में सिकन्दर बनाया, हर वह सम्मान दिया जिसके वह हकदार थे अगर उस पार्टी का साथ छोड़ा तो उम्र के इस पड़ाव में  तकरीबन तीन दशकों में पार्टी के वफादार के तौर पर कमाए  मान सम्मान वो गंवा बैठेंगे। हालांकि  जनरल कह रहे हैं कि उनके लिए परिवार से बढ़कर पार्टी है और पार्टी चाहे तो वो बेटे के खिलाफ प्रचार के लिए भी  तैयार हैं। इस महाभारत में श्रीकृष्ण की भूमिका में खंडूरी हैं उन्हें तय करना है कि सारथी किसका बनना है पुत्र का या पार्टी का। खैर चुनाव में मनीष और तीरथ में से एक का जीतना और एक का हारना तय है लेकिन यह भी तय है कि हारने और जीतने वाला दोनों जनरल का अपना होगा।

 

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KNEWS !3 months ago

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पेयजल में कीड़े होने की शिकायत पर जागा जल संस्थान

आजाद नगर वार्ड नंबर 4 में पेयजल में कीड़े आने की शिकायत पर जल संस्थान की नींद आखिरकार खुल गई है और लीकेज ढूंढ कर उन्हें ठीक करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। हालांकि स्थानीय लोगों की मानें तो कार्य सुस्त गति से चल रहा है। जिसकी वजह से अभी भी पानी में कीड़े की शिकायत आ रही है और कई घरों में पानी में कीड़े लगातार आ रहे हैं। ऐसे में जल संस्थान की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। इधर जल संस्थान के अधिशासी अभियंता नंद किशोर ने बताया कि क्षेत्रवासियों की शिकायत पर टीम भेजी गई हैं और जहाँ-जहाँ लीकेज है उसके लिए कार्यवाई की जा रही है और जल्द ही उक्त समस्या को ठीक कर लिया जाएगा।

'मैं आज जो कुछ भी हूं, मनोहर पर्रिकर की वजह से ही हूं'- प्रमोद सावंत... (आगे पढ़े)

वहीं सभासद दीपक बत्रा ने बताया कि जल संस्थान की लापरवाही से यहां पूर्व में भी पेयजल में कीड़े की समस्या आई थी हालांकि उसे ठीक कर लिया गया था जबकि एक बार फिर यह समस्या पैदा हो गई है उन्होंने कहा कि जल संस्थान के अधिकारियों से तीखी वार्ता करने के बाद कार्रवाई प्रारंभ की गई है उन्होंने उम्मीद जताई है कि अब समस्या का समाधान हो जाएगा वहीं त्योहारी सीजन के चलते पेयजल में कीड़े होने से क्षेत्र वासियों में भी आक्रोश व्याप्त है।

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जोश-ए-जवानी

भारत में ऐसे लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है जिनमें सेक्स के प्रति इच्छा में कमी देखी जा रही है और ज्यादातर लोग अपराधबोध की वजह से इस बारे में खुलकर बात भी नहीं कर पाते हैं लेकिन क्या आप जानते है कैसे सेक्स आपकी कैलोरी बर्न करने में मदद करता है, दरअसल कुछ वक्त पहले एक स्टडी सामने आई थी, जिसमें कहा गया कि सेक्स से कैलोरी बर्न करने में मदद मिलती