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Wednesday ,21 Aug 2019

स्वास्थ्य

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कैसे दूर करें रक्त की कमी

नई दिल्ली : एनीमिया यानी आम भाषा में कहा जाए तो खून की कमी....मुख्य तौर पर छोटे बच्चों, महिला खिलाड़ियों, सर्जरी या एक्सीडेंट के मरीजों में एनीमिया का खतरा अधिक होता है। वहीं महिलाओं में माहवारी के दौरान होने वाले रक्त के भाव एवं गर्भावस्था के कारण यह समस्या हो सकती है…आइए आपको बताते है... आप कैसे खूनी की कमी को दूर सकते है....

चुकंदर

शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने के साथ चुकंदर पेट के गैस की परेशानी में भी फायदेमंद है। इतना ही नहीं त्वचा को जवां बनाए रखने में चुकंदर बेहद कारगर है। चुकंदर से ज्‍यादा लौह तत्‍व इसकी पत्तियों में होता है।

आंवला

शरीर में खून की कमी दूर करने के लिए आंवला बहुत कारगर है। विटामिन सी होने की वजह से यह सेहत को अच्छा रखता है। आंवले को मुरब्बा, जूस, सलाद औऱ कच्चे फल के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

तुलसी

तुलसी भी खून की कमी को दूर करती है। रोज सुबह उठकर तुलसी की ताजा पत्तियां चबाने से रक्त की अम्लता दूर होगी और रक्त बढ़ेगा।

 

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पालक और मेथी

मेथी खून को साफ करने के साथ-साथ हीमोग्लोबिन बढ़ाता है। इसे पालक के साथ मिलाकर खाने से रक्त शुद्धि भी होती है औऱ खून भी बढ़ता है। अगर न खा पाएं तो रोज एक बार इन दोनों का जूस पी लें।

अमरूद

अमरूद ऐसा फल है जो खून की कमी दूर करने के साथ साथ शरीर को जरूरी एंटी-ऑक्सिडेंट भी देता है। खासकर पके हुए अमरूद को खाने से शरीर में ज्यादा खून बनता है।

टमाटर

खून की मात्रा को बढ़ाने में टमाटर फायदेमंद है। ये शरीर की प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाता है। टमाटर सेवन से कभी भी खून की कमी नहीं रहती है। टमाटर का सूप या टमाटर खाने से खून की मात्रा शरीर में बढ़ती है।

केला

केले से मिलने वाला प्रोटीन, आयरन, और खनिज आपके शरीर में खून को बढ़ाते हैं। इसलिए दूध के साथ हर सुबह केले का सेवन करें।

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KNEWS !3 months ago

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बुखार में डॉक्टर को कहें बॉय-बॉय

नई दिल्ली : जब बच्चे को बुखार आता है...तो हम कैसे घबरा जाते है...डर जाते है... समझ नहीं आता क्या करे और क्या ना करें तुंरत बच्चे को डॉक्टर के पास लेकर भागते है...लेकिन अब घबराने की जरूरत नहीं है.. हम आपको कुछ ऐसे घरेलु नुस्खे बताने जा रहे है... जिसके बाद घर बैठे घरेलु तरीको से बच्चे को बुखार से आराम दिला सकते है......इसके लिए आपको कही भागने की जरूरत नहीं है...

आलू

दो आलू को घिसकर उसका पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को अपने बच्चे की जुराबों में डालें। फिर इन जुराबों को अपने बच्चे को पहनाएं। ये कुछ ही मिनटों में बच्चे के बढ़े हुए तापमान को नीचे ले आएगा।

ब्रांडी और पानी

आधे कप पानी में आधा कप ब्रांडी मिलाएं। अब एक पतला सूती कपड़ा इसमें डुबाएं। अब इस कपड़े को अपने बच्चे की जुराबों में डाल दें। ये तापमान को नियंत्रित करने का एक कारगर उपाय है।

गीला कपड़ा

एक सूती कपड़े को पानी में भिगाएं, अब इसे निचोड़ कर बच्चे के माथे पर रखें। इसे कुछ देर के लिए रखें और इस प्रक्रिया को तब तक करते रहें जब तक बुखार कम ना हो जाए।

 

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आप बच्चे को भरपूर मात्रा में ठंडे पेय पदार्थ दें। ये काफी ज़रूरी उपाय है। आप उसे दही या आइसक्रीम खिला सकते हैं। ये आपके बच्चे को हाईड्रेट रखेगा और उसका शरीर ठंडा करके बुखार कम करेगा।

 

ढीले कपड़े

अगर आपके बच्चे ने बॉडी फिटिंग के हिसाब से कपड़े पहने हैं तो बेहतर होगा आप उन्हें थोड़े ढीले कपडे पहना दें। लूज़ कपड़ों से शरीर को राहत मिलेगी और तापमान कम हो जाएगा। बच्चे ने अगर एक्स्ट्रा कपड़े पहने हैं तो उसे उतर दें। लेकिन यदि आपके बच्चे को ठंड लग रही है और वो कांप रहा हो तो उसे कंबल में लपेट लें।

 

पंखे का इस्तेमाल करें

अपने बच्चे के लिए पंखे का इस्तेमाल करें जिससे उसका बुखार कम हो सके। लेकिन बच्चे को ज़्यादा देर तक पंखे के सामने ना रखें इससे वो ठंड पकड़ सकता है। साथ ही पंखे की स्पीड भी कम पर ही रखें।

 

 

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KNEWS !3 months ago

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पीरियड्स दर्द से मिलेगा छुटकारा

नई दिल्ली : लड़कियों को हर  महीने असहनीय दर्द सहना पड़ता है.. जी हम बात कर रहे है...पीरिडस की ...आप इस दर्द को खत्म करने के लिए पेनकिलर का इस्तेमाल करते है..तो अब आपको ऐसा करने की जरूरत नहीं हैं क्‍योंकि आज हम आपको कुछ easy tips के बारे में बता रहे हैं जिन्‍हें अपनाकर आप इस पेन को कम कर सकती हैं।

 

बेहद फायदेमंद पानी 

पानी कई तरह की बीमारियों को दूर करता है लेकिन पीरियड्स की बात आने पर पानी जादू की तरह काम करता है। कम से कम 12-15 गिलास पीने से आपकी सूजन में हेल्‍प मिलती है, जिससे आपकी ऐंठन से राहत मिलेगी

 

एक्सरसाइज

वैसे तो माना जाता है कि पीरियड्स में एक्‍सरसाइज नहीं करनी चाहिए, लेकिन यह धारणा गलत हैं.. एक्‍सरसाइज से आप ब्‍लोटिंग को कम कर सकती हैं और ब्‍लोटिंग से ही आपको menstrual cramps होते हैं। थोड़ा बहुत योग भी आपकी मसल्‍स को रिलैक्‍स करने में हेल्‍प करेगा। In fact, हल्‍की वॉकिंग से भी आपको हेल्‍प मिल सकती है।

 

ये पढ़े : पीरियड्स की समस्या से पीसीओडी

 

मसालेदार भोजन

आपको बहुत ज्‍यादा चीजें करने की जरूरत नहीं हैं क्‍योंकि अच्‍छी डाइट पेट को ठीक करने और ऐंठन को कम करने में हेल्‍प करती है। इसलिए ज्‍यादा greasy फूड से बचें और हरी सब्जियों को अपनी डाइट में शमिल करें!

 

नमक

पीरियड्स में ब्लॉटिंग होना आम है। लेकिन अगर आप पीरियड्स से कुछ वक्त पहले से नमक का सेवन कम कर दें तो इससे आपकी किडनी को अत्यधिक पानी निकालने में हेल्‍प और दर्द से राहत मिलेगी।

 

गर्म पानी की थैली

आप hot water bag की help से भी इस पेन को कम कर सकती है इसके लिए जब भी आपको पेन हो hot water bag को उस हिस्से पर रखें जहां आपको पेन हो रहा हो। इससे आपका पेन कम हो जाएगा। गर्माहट मिलने से blood vessels खुल जाती है 

 

तेजपत्‍ता

 menstrual cramps को दूर करने के लिए कई महिलाएं इस्‍तेमाल करती है। यह हार्मोंन balance करने में हेल्‍प करता है जो आमतौर पर periods के दौरान उग्र हो जाते हैं

 

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KNEWS !3 months ago

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पीरियड्स की समस्या से पीसीओडी

नई दिल्ली : पीसीओडी  एक ऐसी कंडीशन है जहाँ महिलाओं की ओवरी बड़ी हो जाती है और फॉलिकल cysts बहुत छोटा हो जाता है । इस वजह से ओवरी में आये एग्स को शरीर से बाहर निकाल पाना असंभव सा हो जाता है...जिन महिलाओं को PCOD होता है उनमे हार्मोनल इमबैलेंस के आसार दिखते हैं।  यहाँ ओवरी एण्ड्रोजन (मेल हॉर्मोन) ज्यादा बनाने लगती हैं। इसकी ज्यादा मात्रा एग्स के विकास और ओवलुशन के दौरान शरीर से बाहर निकलने की प्रक्रीया पर असर डालती है ।

 

इस बीमारी के होने का अबतक कोई कारण पता नहीं चला है...लेकिन चिकित्सकों का मानना है कि यह समस्या महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन, मोटापा या तनाव के कारण होती हैं। साथ ही यह जैनेटिकली भी होती है।

 

ये पढ़े :  गंभीर बिमारियों से बचाता है टीकाकरण

 

वर्तमान में देखें तो हर दस में से एक प्रसव उम्र की महिला इसका शिकार हो रही हैं। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि जो महिलाएं तनाव भरा जीवन व्यतीत करती हैं उनमें पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम होने की संभावना अधिक होती है।

 

क्या है इसके लक्ष्ण

समय पर मासिक धर्म का न आना-

अचानक वजन बढ़ना-

 अधिक बाल उगना

इमोशनल हो जाना, चिंतित रहना, चिड़चिड़ापन

मुंहासों की शुरुआत

 

पीसीओड़ी से बचने के कुछ घरेलू उपाय... कैसे घर बैठे आप pcod से बच सकते है.. आइए जानते है...कुछ घरेलू नुस्खों के बारे में..

 

दालचीनी –  ये आपके अनियमित पीरियड की समस्या को दूर करने में बड़ी मददगार होती है। एक टीस्पून दालचीनी का पाउडर गरम पानी में मिला कर पी लें। आप चाहें तो इसे अपने cereal, ओटमील, दही या चाय में मिला कर भी पी या खा सकती हैं। इसका सेवन रोज करें, जब तक आपको रिज़ल्ट ना मिलने लगें।

 

अलसी  1-2 टेब्लस्पून ताज़ी पीसी हुई अलसी को पानी में मिला कर पी लें। इसे रोजाना तब तक पिए, जब तक आपको नतीजे ना मिलने लगें..

 

मेथीदाना –  ये होर्मोंस को संतुलित करने, कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में मदद करता है और साथ ही वज़न कम करने में भी कारगर होता है। तीन टीस्पून मेथीदाने को पानी में 7-8 घंटे के लिए भिगो दें। फिर सुबह खाली पेट एक टीस्पून भीगा हुआ मेथीदाना शहद के साथ मिलाकर खा लें। इसी तरह से एक-एक टीस्पून लंच व डिनर के 10 मिनट पहले खा लें। इस उपाय को कुछ महीने तक करें, जब तक आपको मनचाहे नतीजे ना मिलें।

 

 एपल साइडर विनेगर – ये PCOS PCOD से लड़ने में बहुत असरदार होता है क्योंकि ये ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है, जिससे इंसुलिन कम बनता है और हॉर्मोनल असंतुलन भी नहीं होता है। इसके अलावा ये वज़न कम करने में भी सहायता करता है...apple cider vinegar   दो टीस्पून apple cider vinegar को एक ग्लास पानी में मिलाकर रोजाना सुबह खाली पेट व लंच और डिनर से पहले पिएं। इसे कुछ महीने करें, जब तक आपको बीमारी से छुटकारा ना मिल जाए

 

 

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KNEWS !3 months ago

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गंभीर बिमारियों से बचाता है टीकाकरण

नई दिल्ली : बच्चों की सेहत का ख्याल उनेक जन्म से ही शुरू हो जाता है...बच्चो के खान पान के साथ उनका टीकाकरण भी बेहद जरूरी है...उन्हे गंभीर बिमारियों से बचाया जा सके... और संपूर्ण तरीके से इनका शारिरीक और मानसिक विकास हो सके...

  

1/2 माह में शिशु टीकाकरण

 

डी.पी.टी. का तृतीय टीका

हेपेटाईटिस B का तृतीय टीका

पोलियो की तृतीय खुराक

हेमोफिलस इन्फ्लुएंजा बी (HIB) की तृतीय ख़ुराक़

रोटावायरस की तृतीय खुराक

 न्यूमोकोकल कन्जुगेटेड वैक्सीन तृतीय ख़ुराक़

 

12वें माह में शिशु वैक्सीनेशन

 

टाइफ़ाइड कन्जुगेटेड वैक्सीन

हेपेटाइटिस A पहली ख़ुराक़

 

15-18वें महीने में टीकाकरण

खसरा, रूबेला

वेरिसेला की दूसरी खुराक

D.P.T. का पहला बूस्टर डोज़

हेमोफिलस इन्फ्लुएंजा बी का बूस्टर डोज़

न्यूमोकोकल कन्जुगेटेड वैक्सीन का बूस्टर डोज़

पोलियो वैक्सीन का चौथा ख़ुराक़

टाइफाइड कन्जुगेटेड वैक्सीन की दूसरी ख़ुराक़

5 वर्ष

खसरा, रूबेला की दूसरी ख़ुराक़

D.P.T. का दूसरा बूस्टर डोज़

पोलियो की पाँचवी ख़ुराक़

10 वर्ष टीडी

टेटनस, डिप्थीरिया

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KNEWS !3 months ago

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प्रेगनेंसी के समय कैसा होना चहिए खान-पान

नई दिल्ली : जब एक महिला जब मां बनने वाली होती है.... तो उसके शरीर में बहुत से बदलाव होते है.. वहीं बदलाव उसके खान-पान में भी होते है..उसे अपने खान-पान को बेहतर रखने की सलाह दी जाती है...क्योकि इस समय वह जो भी खाती है.. उसका असर बच्चे पर होता है...गलत खाने से केवल मां ही नही बच्चे का शारिरिक और मानसिक विकास भी प्रभावित होता है...प्रेगनेंसी के दौरान कैसा होना चहिए आपका खानपान..

हरी पत्तेदार सब्जियां

हरी पत्तेदार सब्जियां फोलिक एसिड और बायोटिन दोनों का एक अच्छा स्रोत हैं। इसलिए, हर खाने में उन्हें शामिल जरूर करें।

दूध

दूध, दही, छाछ, पनीर...इन खाद्य पदार्थों में कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन बी -12 की उच्च मात्रा होती है... ज्यादा से ज्यादा खाए और पीएं... लेकिन कच्चे  दूध ना पीए .. क्योकि कच्चे दूध में लिस्टेरिया जीवाणु होते है जो गर्भपात का कारण बन सकता है...

 

ये पढ़े : नजरअंदाज ना करें जोड़ो का दर्द

 

अंड़े

शरीर की मांसपेशियों , त्वचा, अंगों और ऊतकों को बनाने के लिए प्रोटीन की निरंतर आपूर्ति की जरूरत होती है । इसलिए से कम दो अंडे जरूर लें ।

आंवला

आवलें में विटामिन - सी और अन्य एंटीऑक्सिडेंट भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं जो भोजन में प्रदूषित वातावरण या कीटनाशक द्वारा आये खतरनाक कणों को निष्क्रिय कर देता है । 

अखरोट

हमारे मस्तिष्क का लगभग 60% ओमेगा -3 फैटी एसिड से बना होता है...भ्रूण में विकसित होने वाला पहला अंग है मस्तिष्क और इस विकास में कच्चे माल की जरूरत तो होती  ही है।  अखरोट, बादाम और सन बीज ओमेगा 3 फैटी एसिड के अच्छे स्रोत हैं...

 

 

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KNEWS !3 months ago

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नजरअंदाज ना करें जोड़ो का दर्द

नई दिल्ली : आर्थराइटस या जोड़ो के दर्द में शरीर के जोड़ों में छोटे-छोटे क्रिस्‍टल जमा होने लगते हैं जिससे जोड़ों में दर्द की समस्या होती है। इसके अलावा इस समस्या को होने पर जोड़ो में सूजन भी होती है और रोगी को चलना-फिरना मुश्किल हो जाता है। इस दर्द से छुटकारा पाने के लिए लोग कई तरह की दवाइयों का सेवन करते हैं। मगर इससे भी कोई फायदा नहीं होता। ऐसे में अपने खाने में कुछ चीजों को शामिल करके अर्थराइटिस जैसी समस्या से राहत मिलती है।  

 

ब्रोकली और गोभी  

ब्रोकली में प्रोटीन, कैल्शियम, कार्बोहाईड्रेट, आयरन, विटामिन ए और सी, क्रोमियम पााया जाता है...इसके अलवा इसमें पाए जाने वाले मिनरल्स, इंसुलिन ब्ल्ड शुगर को कंट्रोल में रखता है। ब्रोकली में पाए जाने वाले पौषक तत्व इन्यून सिस्टम को मजबूत बनाने का काम करता है। शरीर में खून की मात्रा बढ़ने से अर्थराइटिस की समस्या में फायदा मिलता है...

 

लहसुन 

लहसुन की तासीर गर्म होती है। इसलिए गर्मियों में लहसुन कम खाना चाहिए। मगर रोजाना1 या 2 कली खाने से अर्थराइटिस रोगियों को फायदा होता है। इसमे पाये जाने वाले एंटी बायोटिक, एंटी बैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटी इंफ्लेमेट्री गुण जोड़ों के दर्द से राहत पहुंचाता है।

हल्दी 

हल्दी में भी एंटी बायोटिक, एंटी बैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटी इंफ्लेमेट्री गुण होते हैं। हल्दी में करक्यूमिन नामक तत्व होता है, बीमारी फैलने वाले बैक्टिरियां को खत्म करने का काम करता है। अर्थराइटिस के मरीजों को हल्दी का सेवन जरूर करना चाहिए। इसको खाने से ना केवल दर्द से राहत मिलती है। बल्कि रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

 

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बथुआ के पत्तों का रस 


गठिया की दर्द से राहत पाने के लिए बथुआ का रस काफी कारगार है। रोजाना 15 ग्राम ताजे बथुआ के पत्तों का रस पीएं लेकिन इसके स्वाद के लिए इसमें कुछ न मिलाएं। इस उपाय को लगातार तीन महीने करने से दर्द से हमेशा के लिए राहत मिलेगी।

 

पपीता 

जितना हो सके पपीता खाएं क्योकि पपीते से मिलने वाला विटामिन C जोडो के दर्द के बहुत ही फायदेमंद है...

एक्सरसाइज 

आज कल बिगड़ते खान-पान और व्यायाम मा करने की वजह से मोटापा भी लोगो में एक समस्या बनता जा रहा है... मोटापा भी जोडो के दर्द का कारण होता है... रोज एक्सरसाइज करके उसे कम करे

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KNEWS !3 months ago

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कैसे रखें नवजात शिशु का ख्याल

नई दिल्ली : जब कोई महिला अपने बच्चे को जन्म देती तो दुनिया में उससे सुन्दर और ख़ुशी भरा कोई समय नहीं होता है...पर बच्चे का जन्म होने के बाद भी आपको बहुत सारी चीजों का ध्यान देना पड़ता है जो हर नवजात शिशु के लिए बहुत जरूरी होता है। किसी भी नवजात शिशु के जन्म के बाद उसका बहुत ज्यादा ध्यान रखना पड़ता है...

 

मालिश : बच्चे की मालिश नहलाने से एक घंटे पहले करनी चाहिए। जाड़ों में जैतून के तेल और गर्मियों में नारियल के तेल से मालिश करना बेहतर होगा। बच्चे को नहलाने के बाद सिर पर तेल न लगाएं।

 

दांतों की देखभाल : मां-बाप बहुत देर में बच्चों के हाथ में ब्रश थमाते हैं। दूध के दांत बहुत नाजुक होते हैं और इन्हें बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है। एलेक्स का कहना है कि जब दांत आने लगें, तो बच्चे को ठीक सोने से पहले दूध पिलाना बंद कर दें। अगर ब्रश कराना शुरू नहीं किया है, तो दूध पिलाने के बाद गीले कपड़े से दांत साफ करें।

 

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दूध :  दूध पीने से गैस भी हो जाती है, जिससे बच्चों को दिक्कत होती है। ऐसे में दूध पिलाने के बाद उसका सिर अपने कंधे पर रखकर 10 मिनट तक हल्की थपकी देते रहें।

 

ध्यान से नहलाएं : नवजात के शरीर का तापमान करीब 37 डिग्री सेल्सियस होता है। बच्चे को इस तापमान के पानी से ही नहलाना चाहिए। इस तापमान पर बच्चे को सीधा बैठाकर नहलाएं। नवजात की त्वचा नाजुक होती है। बहुत ज्यादा देर तक पानी में रहने से वह सूख सकती है

 

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KNEWS !3 months ago

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महिलाओं में बढ़ी किडनी संबधित बीमारियां

नई दिल्ली : आज के टाइम में किडनी की बीमारी बड़ी तेजी से बढ़ रही है... किडनी रोग महिलाओं में मृत्यु का आठवां सबसे प्रमुख कारण माना जा रहा है. महिलाओं में किडनी डिसीज पुरुषों के मुकाबले 5 फीसदी ज्यादा होती है.

 

महिलाओं की मौत ज्‍यादा

वर्ल्‍ड हेल्‍थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक, गंभीर किडनी रोग की वजह से औसतन 6 लाख महिलाओं की मौत उपचार के आभाव में हो जाती है। आमतौर महिलाओं में गंभीर किडनी रोग यूटीआई इंफेक्‍शन (मूत्र मार्ग में संक्रमण) की वजह से होता है। इसकी वजह से ब्‍लैडर और ट़यूब भी प्रभावित होती हैं।

 

 कारण

महिलओं में गंभीर किडनी रोग का मुख्‍य कारण प्रतिकूल गर्भावस्‍था परिणाम और कम प्रजनन क्षमता भी है। हालांकि, गंभीर किडनी रोग के बावजूद भी महिलाओं को गर्भावस्था और जन्म दोनों के दौरान पूर्व-एक्लम्पसिया और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा हो सकता है जो रक्तचाप बढ़ाने से गुर्दे पर तनाव पैदा कर सकते हैं। इसी कारण से, सभी गर्भवती महिलाओं के लिए उचित देखभाल महत्वपूर्ण है।

 

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इलाज है मुश्किल

की‍डनी की बीमारी के लक्षण धीरे धीरे विकसित होते हैं। प्रारंभिक लक्षण जैसे कि कम बार पेशाब करना, भूख की कमी, नींद की कमीं, थकान आदि संकेत हैं। वहीं कुछ लक्षण ऐसे हैं जो दिखाई नहीं देते हैं, जिसकी वजह से ये बीमारी गंभीर हो सकती है। ऐसी स्थिति में चिकित्‍सक की सलाह लेनी चाहिए। अगर मरीज खान-पान में संयम बरते, नियमित रूटीन फॉलो करे और समय पर डायलिसिस करवाता रहे तो वह लंबा जीवन जी सकता है।

 

 उपाय

किडनी रोग किसी को भी प्रभावित कर सकता है और महिलाओं को को यह खतरा ज्‍यादा है। अगर आप इस समस्‍या से खुद को दूर रखना चा‍हती हैं तो इसके लिए नियमित रूप से व्यायाम करने या शारीरिक रूप से सक्रिय रहने, धूम्रपान न करने, शराब से दूर रहने आदि जैसी आदतों को अपनी लाइफस्‍टाइल में शामिल करेंगी तो इस बीमारी से  बचा जा सकता है... इसके अलावा आपका हाई, मधुमेह, हृदय की समस्याएं, किडनी रोग का पारिवारिक इतिहास रहा है तो आपको यह सुनिश्‍चित करना चाहिए कि आप हर छोटी-बड़ी समस्‍या के दौरान एक्‍सपर्ट की सलाह जरूर लें।

 

हर्बल दवाईंया

यदि आप हर्बल दवाओं का उपयोग कर रहे हैं, यह ध्यान रहे कि आप इसकी ओवर डोज बिल्कुल न लें। हर्बल उपचार किसी भी अन्य दवा की तरह ही है, और इसके भी दुष्प्रभाव हो सकते हैं। हर्बल उपचार बहुत शक्तिशाली हो सकता है। इसलिे बिना डॉक्टर के सुझाव के हर्बल दवाओं को बिल्कुल नहीं लेना चाहिए।

 

खास बातें

मैग्नीशियम किडनी की सही काम करने में मदद करता है, इसलिए ज्यादा मैग्नीशियम वाली चीजें, जैसे कि गहरे रंग की सब्जियां खाएं। 
खाने में नमक, सोडियम और प्रोटीन की मात्रा घटा दें। 
35 साल के बाद साल में कम से कम एक बार ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच जरूर कराएं।
 न्यूट्रिशन से भरपूर खानाएक्सरसाइज और वजन पर कंट्रोल रखने से भी किडनी की बीमारी की आशंका को काफी कम किया जा सकता है।

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KNEWS !3 months ago

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अगर ले रहे हैं नींद की गोलियां, तो हो जाएँ सावधान

आज की इस भागदौड़ वाली जिंदगी में अधिकतर लोग ज्यादा तनाव होने या नींद ना आने की वजह से नींद की गोलियां लेने लगते हैं। हालांकि, शुरुआत में तो कुछ समय के लिए यह गोलियां सुकून देती हैं लेकिन इनकी आदत किसी भी व्यक्ति के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। आप भी अगर नींद की गोलियों का सहारा लेते हैं तो सावधान हो जाए। 

दरअसल, हाल ही में हुई एक स्टडी की रिपोर्ट में बताया गया है कि जो लोग रोजाना नींद की गोलियां लेते हैं उनमें हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होने का खतरा अधिक रहता है। स्पेन की ऑटोनोमा डी मैड्रिड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के मुताबिक, नियमित तौर पर नींद की गोलियां लेने ने बुजुर्ग लोगों में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है। 

Election से पहले आयकर विभाग के लपेटे में आया कांग्रेस नेता का हवाला रैकेट.... (आगे पढ़े)

इस स्टडी के लिए शोधकर्ताओं की टीम ने तनाव और उच्च रक्तचाप से ग्रस्त करीब 752 बुजुर्ग लोगों को शामिल किया। स्टडी के दौरान पाया गया कि करीब 156 लोगों ने एंटीहाइपरटेंसिव दवाइयों की संख्या में वृद्धि की। इससे नींद की अवधि या क्वालिटी और एंटीहाइपरटेन्सिव ड्रग के उपयोग में परिवर्तन के बीच कोई संबंध नहीं पाया गया। 

शोधकर्ताओं की टीम ने सुझाव देते हुए कहा कि नींद की गोलियों का सेवन भविष्य में उच्च रक्तचाप के इलाज की आवश्यकता और अनहेल्दी लाइफस्टाइल की ओर संकेत करता है, जो उच्च रक्तचाप के लिए जिम्मेदार हो सकता है। नियमित तौर पर नींद की गोलियां लेने से अल्जाइमर बीमारी के होने का खतरा भी बढ़ता। 

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KNEWS !4 months ago

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जोश-ए-जवानी

भारत में ऐसे लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है जिनमें सेक्स के प्रति इच्छा में कमी देखी जा रही है और ज्यादातर लोग अपराधबोध की वजह से इस बारे में खुलकर बात भी नहीं कर पाते हैं लेकिन क्या आप जानते है कैसे सेक्स आपकी कैलोरी बर्न करने में मदद करता है, दरअसल कुछ वक्त पहले एक स्टडी सामने आई थी, जिसमें कहा गया कि सेक्स से कैलोरी बर्न करने में मदद मिलती