Live Tv

Tuesday ,25 Jun 2019

IUC और ICU के 52 वेंटीलेटर खराब, दिल्ली सरकार ने कबूला

VIEW

Reported by Knews

Updated: Feb 13-2019 12:04:24pm
 knews, news, khabar, taaza khabar, kanpur news, latest news, breaking news, hindi news, दिल्ली सरकार, सरकारी अस्पताल, मौत, वेंटीलेटर, हाई कोर्ट, high court, वेंटीलेटर ख़राब, अरविंद केजरीवाल सरकार, फटकार, स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय, कंट्रोल रूम

देश की राजधानी दिल्ली में सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर को लेकर मांगी गई रिपोर्ट पर दिल्ली सरकार ने हाई कोर्ट को बताया है कि दिल्ली के अस्पतालों में ४०० वेंटिलेटर वाले बेड हैं। जिसमें से ३०० IUC में और १०९ ICU में हैं। इनमें से ५२ वेंटिलेटर खराब हैं, जिन्हें तुरंत मरम्मत कराने को कहा गया है। इसके अलावा १८ और वेंटिलेटर खरीदे जा रहे हैं। 

दिल्ली सरकार ने  तीन साल के एक बच्चे को बेहद खराब और चिंताजनक हालत के बावजूद वेंटिलेटर नहीं मिलने के आरोपों के बाद हाई कोर्ट की ओर से वेंटिलेटर्स को लेकर मांगी गई स्टेटस रिपोर्ट के बाद यह जानकारी दी गई है। हाल ही में वेंटिलेटर समय पर नहीं मिलने से एक बच्चे की मौत हो गई थी। दिल्ली हाई कोर्ट ने इसके लिए दिल्ली सरकार को फटकार लगाई थी और अस्पतालों में मुहैया कराई जा रही सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी देने को कहा था। 

आम आदमी पार्टी ने उसके जवाब में यह भी कहा है कि अस्पतालों में खाली बेड को लेकर तात्कालिक जानकारी दिया जाना व्यवहारिक नहीं है। जबकि नियम के मुताबिक दिल्ली स्टेट हेल्थ मिशन को अस्पतालों में उपलब्ध बेड और वेंटिलेटर को लेकर ऑनलाइन वेब पोर्टल बनाने को कहा गया है। जिससे आम लोगों को इसके बारे में जानकारी हो सके। 

आखिर क्यों सेंसर बोर्ड ने Gully Boy के 13 सेकंड के सीन काटा.... (आगे पढ़े)

अरविंद केजरीवाल सरकार ने अपने पक्ष में तर्क देते हुए सुनवाई के दौरान यह भी कहा कि उसके स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय में कंट्रोल रूम है जो सभी अस्पतालों से खाली बेड और बाकी की सभी जानकारी लेता है। दिल्ली सरकार ने कोर्ट में कंट्रोल रूम के जो नंबर दिए हैं वह ये 011-22300012, 22307145 हैं। वहां से आम जनता २४ घंटे जानकारी ले सकती है, लेकिन अक्सर स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े फोन नंबर को लेकर आम जनता का फीडबैक बेहद बुरा रहा है। 

अक्सर शिकायत रहती है कि इन नंबरों पर फोन करने पर या तो कोई उठाता ही नहीं या जानकारी पूरी नहीं दी जाती। हाई कोर्ट ने ३० जनवरी को अस्पताल से मासूम फरहान को वेंटिलेटर उपलब्ध कराने को कहा था। बाद में बच्चे फरहान को वेंटिलेटर मुहैया कराया गया, लेकिन १० फरवरी को उसकी मौत हो गई। 

बच्चे के लिए इस मामले में याचिका लगा कर हाई कोर्ट तक इस मामले को लाने वाले वकील अशोक अग्रवाल ने कोर्ट को बताया था कि एलएनजेपी अस्पताल में २०५३ बिस्तर हैं लेकिन वहां केवल १०२ वेंटिलेटर है और उसमें से १२ खराब हैं।