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Saturday ,14 Dec 2019

कौन होगा सबसे बड़ा लड़ईया?

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Reported by Knews

Updated: Sep 21-2019 02:38:25pm

लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन और कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को कौन चुनौती देगा? इसकी वजह ये है कि लोकसभा चुनाव में 64 सीटें जीतने वाली बीजेपी का वोट प्रतिशत करीब 50 फीसदी है. जबकि बसपा के खाते में 10 सीटें आई है और उसका वोट प्रतिशत 19.3 है. वहीं, पांच सीटें जीतने वाली सपा को 17 फीसदी वोट मिले हैं. एक सीटों पर सिमटी कांग्रेस का वोट प्रतिशत 6 फीसदी है. तीनों पार्टियों के वोट प्रतिशत को मिला भी लें तो बीजेपी के को मिले वोट प्रतिशत से काफी दूर नजर आते हैं. बीजेपी का मजबूत संगठन और शानदार बूथ मैनेजमेंट ने सपा-बसपा-रालोद गठबंधन के जातिगत अंकगणित को लोकसभा चुनाव में चारों खाने चित कर दिया. इतना ही नहीं तीनों ही पार्टियां अपने पारम्परिक वोट बैंक को बचाए रखने में भी नाकामयाब रही हैं. बीजेपी द्वारा विपक्षी दलों के कोर वोटबैंक में सेंधमारी तीनों ही पार्टियों के लिए चिंता का विषय है और चिंतन का भी.

हालांकि लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद अभी यह कहना कि आगामी विधानसभा चुनाव में सपा-बसपा और कांग्रेस अपने मतभेदों को भुलाकर एक साथ आएंगे बहुत जल्दबाजी होगी. इसकी वजह यह है कि तीनों ही दलों की अपनी-अपनी मजबूरियां हैं. चुनाव जीतने के अलावा पार्टी के वोटबैंक को बचाए रखना भी एक अहम मुद्दा है. लोकसभा चुनाव में यह देखने को मिला कि सपा-बसपा इस बात को लेकर असमंजस में थे कि वे बीजेपी से लड़ रहे हैं या कांग्रेस से या फिर दोनों से.

इसी तरह कांग्रेस भी उत्तर प्रदेश में पिछले 30 सालों से अपनी खोई जड़ें तलाश रही है और हर चुनाव के बाद उसका प्रदर्शन गिर रहा है. 1989 के बाद से कांग्रेस यूपी की सत्ता से दूर है.  कमजोर संगठन और जमीन से जुड़े नेताओं की कमी कांग्रेस को बहुत ज्यादा खल रही है. हालांकि बसपा और सपा के पास आज भी अपना कोर वोटबैंक है, लेकिन कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि उसके पास फिलहाल कोई वोटबैंक नहीं है जो पार्टी की मदद कर सके.इस बार राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी को सक्रिय राजनीति में उतारकर कार्यकर्ताओं में जोश फूंकने की कोशिश जरूर की लेकिन परिणाम उत्साहवर्धक नहीं रहा. यहां तक की पार्टी अपनी पारम्परिक सीट अमेठी भी हार गई. कांग्रेस यूपी में महज एक सीट जीतने में कामयाब रही. ऐसे में अपनी जमीन खो चुकी सपा-बसपा समेत कांग्रेस में से 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को कौन देगा चुनौती ?