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Tuesday ,07 Jul 2020

क्या तालमेल से बनेगा मंदिर

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Reported by Knews

Updated: Sep 20-2019 04:11:15pm

अयोध्या विवाद को मध्यस्थता से सुलझाने की पहल एक बार फिर से तेज हो गई है. अयोध्या भूमि विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला अगले कुछ महीनों में आने की उम्मीद बढ़ गई है. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि हमें उम्मीद है कि हम अयोध्या राम जन्मभूमि मामले में 18 अक्टूबर तक सुनवाई पूरी कर लेंगे. अयोध्या में राम मंदिर बनने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई और मध्यस्थता दोनों साथ साथ चलेगी. अगर पक्ष आपसी बातचीत से मसले का समझौता करना चाहते है तो इसे कोर्ट के समक्ष रखे. आप मध्यस्थता कर सकते हैं. इसकी गोपनीयता बनी रहेगी.

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने तमाम पक्षों से कह दिया है कि अयोध्या विवाद में बहस 18 अक्टूबर तक खत्म कर ली जाएगी. सुप्रीम कोर्ट ने तमाम पक्षों से वक्त के बारे में पूछा था. सबके जवाब आने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने समय सीमा तय कर दी है. गौरतलब है कि 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 14 याचिकाएं दाखिल की गई थीं. हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि अयोध्या का 2.77 एकड़ का क्षेत्र तीन हिस्सों में समान बांट दिया जाए. पहला-सुन्नी वक्फ बोर्ड, दूसरा- निर्मोही अखाड़ा और तीसरा- रामलला विराजमान लेकिन इस फैसले पर बवाल अब तक कायम है.

जानकारी के लिए बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 8 मार्च को इस मामले को बातचीत से सुलझाने के लिए मध्यस्थता पैनल बनाया था. हालांकि, पैनल मामले को सुलझाने के लिए किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सका. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा होता है कि क्या इस बाद बात चीत और आपसी तालमेल से बनेगी बात?