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Saturday ,19 Oct 2019

अर्थव्यवस्था का स्वास्थ्य

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Reported by Knews

Updated: Sep 19-2019 04:18:03pm

देश आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है.विश्व में भी जारी है मंदी का दौर जो बेहद चिंतनीय विषय  है. देश में मंद पड़ी अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने  के लिए सरकार अलग-अलग सेक्टरों में बूस्टर डोज दे रही है. इसी क्रम में  वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने हाउसिंग क्षेत्र को गति देने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का फंड 60 प्रतिशत तक पूरे हो गए लटके प्रॉजेक्ट को देने की घोषणा की है. हालांकि इसमें शर्त यह होगी की वह प्रॉजेक्ट एनपीए न हो. इसके अलावा सरकार ने निर्यात और रियलटी बाजार को बड़ा पैकेज देते हुए निर्यातकों को राहत देने के लिए 50 हजार करोड़ रुपए छूट देने का ऐलान किया है.

सरकार  अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए कई बड़े कदम उठा रही है और इन्हें लागू करने का काम शुरू भी हो चुका है. हाउसिंग क्षेत्र को गति देने के लिए सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपये का फंड 60 प्रतिशत तक पूरे हो गए लटके प्रॉजेक्ट को देने की घोषणा की है. हालांकि इसमें शर्त यह होगी वह प्रॉजेक्ट NPA और NCLT में ना हो. सरकार के इस ऐलान से दिल्ली-एनसीआर में अपने घर का इतंजार कर रहे हजारों निवेशकों को लाभ मिल सकता है. इसके अलावा एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए देश में अगले साल मार्च में मेगा शॉपिंग फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा.

वहीं दूसरी ओर निर्यात बढ़ाने के लिए विदेश व्यापार नीति 2015-20 में घोषित की गयी 'बाजार आधारित निर्यात छूट योजना' को सरकार ने वापस लेने का फैसला किया है और इसके स्थान पर नयी योजना 'रिमिशन ऑफ डयूटीज-टेक्सेस ऑन एक्सपोर्ट प्रोडक्ट'लागू करने जा रही है. एमईआईएस तथा अन्य योजनाओं का लाभ निर्यातकों को इस वर्ष 31 दिसंबर तक मिलता रहेगा. अगले वर्ष एक जनवरी से नयी योजना लागू हो जाएगी.नयी योजना में दो प्रतिशत तक की छूट कपडा और हस्तशिल्प के अलावा अन्य निर्यातित वस्तुओं पर भी मिलेगी. इससे सरकार पर 50 हजार करोड़ रुपए का भार पड़ने का अनुमान है. ऐसे में सरकार देश के आर्थिक स्वास्थ्य को सुधारने के लिए एक के बाद एक डोज दे रही है. क्या उससे पड़ेगा कोई फायदा? क्या सुधरेगी देश की आर्थिक स्थिति?