Live Tv

Wednesday ,20 Nov 2019

अबकी बार सपा-कांग्रेस के गढ़ पर वार!

VIEW

Reported by Knews

Updated: Sep 11-2019 04:28:33pm

पहले विधानसभा फिर लोकसभा चुनाव 2019 में मिली करारी हार के बाद अब समाजवादी पार्टी ने नए तरीके से काम करना शुरू कर दिया है. लोकसभा चुनाव में हार और बहुजन समाज पार्टी से गठबंधन टूटने के बाद अब सपा अपने सभी कदम फूंक-फूंक कर रख रही है. समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव अब नई नीति के तहत पार्टी से साइड किए गए पुराने नेताओं को साधने में जुट गए हैं.इन नेताओं के जरिए ही यूपी के पूर्व मुख्‍यमंत्री व सपा के राष्ट्रीय अखिलेश यादव जल्द ही होने वाले उपचुनाव और वर्ष 2022 में विधानसभा के होने वाले चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं. सपा के सूत्र बताते हैं कि अखिलेश खुद पुराने नेताओं के संपर्क में हैं. सपा में यह चर्चा तेज है कि कई पुराने नेताओं की पार्टी में वापसी हो सकती है. इनमें वर्ष 2017 विधानसभा चुनाव के दौरान सपा से बसपा चले गए. कई नेताओं के नाम की भी चर्चा है. जानकारी के अनुसार, कई पूर्व सपा नेताओं की सपा अध्यक्ष से मुलाकात भी हो चुकी है.

ये भी पढ़ें- सुप्रीम कोर्ट का 'सुप्रीम' आदेश, फुटपाथ हों खाली

वहीं कांग्रेस की बात करें तो कांग्रेस ने अभी से ही 2022 यूपी विधानसभा चुनाव में फतह हासिल करने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है. इसके लिए पार्टी स्तर पर रणनीति को लगभग अंतिम रूप दिया जा चुका है. बताया यह भी जा रहा है कि विधानसभा चुनाव प्रियंका गांधी के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा. संभव है पार्टी जल्द ही उन्हें बतौर मुख्यमंत्री पेश कर सकती है. कांग्रेस की रणनीति है कि पर्याप्त समय रहते ही यूपी में मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर दिया जाए, ताकि लोग उसे अच्छी तरह से जान और समझ सकें. इसमें और कोई नाम पार्टी के पास है नहीं और कोई ऐसा चेहरा है नहीं जिसके दम पर पार्टी विधानसभा चुनाव में उतर कर अच्छी लड़ाई लड़ सके.

इन दोनों ही पार्टियों के सामने चट्टान बन कर सत्ताधारी बीजेपी खड़ी है. और सपा-कांग्रेस के सामने 2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर चुनौती कम नहीं हैं. क्योंकि हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में ये दोनों ही पार्टियां बीजेपी के सामने ध्वस्त हो गयी थी. बताते चलें कि सपा के नेता मुलायम सिंह यादव के किले  मैनपुरी और कांग्रेस के अंतिम और आखिरी किले रायबरेली पर बीजेपी की नजरे टिकी हुई हैं और इन्हें ध्वस्त करने की पुरजोर कोशिश में हैं.ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि क्या बीजेपी के वार से सपा-कांग्रेस बचा पाएंगे अपना गढ़? क्या सपा और कांग्रेस 2022 के विधानसभा चुनाव में दिखा पाएंगे कोई करिश्मा? ये देखना वाकई दिलचस्प होगा.

कानपुर से नीतिका श्रीवास्तव की रिपोर्ट