Live Tv

Tuesday ,21 May 2019

ईवीएम- वीवीपैट मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

VIEW

Reported by Knews

Updated: May 07-2019 10:27:30am
latest news, news, knews, breaking news, hindi news, hindi khabar, taza khabar,  big breaking news, evm-vvpat, supreme court, hearing, loksabha election, opposition, election news

लोकसभा चुनावों के तहत जहां नेताओं ने एक- दूसरे पर जमकर हमला बोला है, वहीं इस दौरान विपक्ष ने ईवीएम पर भी कई आरोप लगाए हैं. चुनावों के पहले से ही ईवीएम सुर्खियों के साथ ही सवालों के घेरे में रही है. कांग्रेस, आप, टीडीपी, टीएमसी समेत 21 दलों ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है, जिसको लेकर आज ईवीएम- वीवीपैट मामले में सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है. इससे पहले के चुनावों में भी विपक्ष भाजपा सरकार पर ईवीएम से छेड़छाड़ करने के आरोप लगाती रही है.

जानिए पूरा मामला

दरअसल शीर्ष अदालत में आज ईवीएम- वीवीपैट में पर्चियों के मिलान को लेकर सुनवाई है. ईवीएम का बटन दबाने के बाद तीन सेकेण्ड तक जो पर्ची दिखाई देती है, उसको लेकर विपक्ष ने हर विधानसभा क्षेत्र की 50 फीसद ईवीएम की पर्चियों की जांच की मांग की है. चुनाव आयोग के आदेश पर अभी तक वि.स. क्षेत्रों की एक ही ईवीएम की पर्चियों का मिलान किया जाता था. लेकिन गत 8 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने प्रत्येक क्षेत्र की पांच ईवीएम और वीवीपैट की पर्चियों के मिलान का निर्देश दिया था. किन्तु इस पर भी विपक्ष ने असंतोष जताया. विपक्ष के 21 दलों की मांग है कि वोटिंग के बाद प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की 50 प्रतिशत या फिर 125 मतदान केन्द्रों की ईवीएम- वीवीपैट की जांच की जाए. जिसको लेकर आज शीर्ष अदालत अहम फैसला सुना सकती है.

बता दें कि कांग्रेस समेत आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री व टीडीपी सुप्रीमो चंद्रबाबू नायडू, आप के मुखिया व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, सपा अध्यक्ष व उ.प्र. के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, नेशनल कांफ्रेस पार्टी के मुखिया शरद पवार  तथा नेशनल कांफ्रेस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला समेत कई बड़े नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका दायर की थी. इनका मानना है कि उन्हें ईवीएम पर पूरी तरह विश्वास नहीं है, क्योंकि ईवीएम से छेड़छाड़ की जा सकती है.