Live Tv

Sunday ,22 Sep 2019

सिर्फ 'तीन कदम'... और मोदी का शंखनाद

VIEW

Reported by Knews

Updated: Sep 10-2019 04:20:48pm

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगामी तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर 'कमल' खिलाने की जिम्मेदारी खुद संभाल ली है. महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड में चुनावी बिगुल पीएम मोदी ने खुद फूंका है. बीजेपी इन तीनों राज्यों में पूरी तरह से चुनावी मोड में आ चुकी है. बीजेपी का एजेंडा साफ है कि पीएम मोदी के नाम और काम पर ही राज्यों में वोट मांगे जाएंगे यही वजह है कि चुनावी ऐलान से पहले पीएम मोदी ने एक के बाद एक तीन राज्यों का दौरा करके चुनावी अभियान को धार देना शुरू कर दिया है. पीएम मोदी ने हरियाणा में रैली करके बीजेपी का चुनावी एजेंडा तय कर दिया है.

सबसे पहले बात पहले कदम यानि कि हरियाणा की करते हैं. मोदी ने इस रैली के जरिए धारा 370 के मुद्दे को उठाने के साथ-साथ किसान और युवाओं को साधने की कवायद की है. इससे बीजेपी का चुनावी एजेंडा साफ हो गया है. बीजेपी ने हरियाणा में खट्टर के चेहरे को आगे करके गैर जाट कार्ड खेलने का मन बना लिया है. बीजेपी ने हरियाणा में मिशन-75 का लक्ष्य रखा है.

ये पढ़ें- बैंकों का विलयकरण, क्या सुधरेगी अर्थव्यवस्था?

अब बात करते हैं दूसरे कदम यानि कि महाराष्ट्र की पीएम मोदी बीजेपी के ट्रंप कार्ड हैं, जिसकी काट फिलहाल विपक्ष के पास नहीं है. पीएम ने महाराष्ट्र के दौरे से राज्य के तीन इलाकों मुंबई, मराठवाड़ा और विदर्भ को साधने की कवायद की है. मोदी के महाराष्ट्र के रण में उतरने से शिवसेना के रुख में नरमी दिखी. महाराष्ट्र चुनावों की तैयारियां बीजेपी ने लोकसभा चुनावों के खत्म होने के बाद ही शुरू कर दी थीं. बीजेपी ने महाराष्ट्र में मिशन-220 का लक्ष्य रखा है. मुख्यमंत्री फडणवीस महाजनादेश यात्रा के जरिए माहौल बनाने में जुटे हैं. हालांकि महाराष्ट्र में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल दलों के बीच सीट शेयरिंग को लेकर सहमति अभी नहीं बनी है

सबसे आखिरी और तीसरे कदम यानि कि झारखंड की बात करें तो इस बार झारखंड में पार्टी ने मिशन-65 का लक्ष्य तय कर रखा है. पिछले चुनावों में बड़ी मशक्कत करने के बाद सरकार बनी थी और उम्मीदों के मुताबिक सीटें नहीं आई थीं. इस बार बीजेपी आलाकमान कोई कसर नहीं छोडना चाहता है. इसलिए चुनावी बिगुल फूंकने के लिए पीएम मोदी खुद ही सियासी रण में उतरने जा रहे हैं बता दें कि बीजेपी ने आगामी चुनावों में धारा 370 को हटाने के फैसले को सियासी तौर पर भुनाने की तैयारी कर ली है.अनुच्छेद 370 हटाने का फैसला आम आदमी के अंदर तक घर कर गया है.मोदी ने रोहतक की रैली में जिक्र करके साफ कर दिया है कि तीन राज्यों के चुनाव में यह एक बड़ा मुद्दा होगा. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि क्या भगवा की आंधी को रोक पाएगा विपक्ष? क्या मरणासन्न विपक्ष को मिलेगी इन चुनावों से संजीवनी? या नेस्तनाबूद कर देगी बीजेपी?

कानपुर से नीतिका श्रीवास्तव की रिपोर्ट