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GST के बाद मोदी सरकार कर सकती है भूमि खरीद पर नया बदलाव

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Reported by Knews

Updated: Oct 13-2018 03:50:05pm

मोदी सरकार जीएसटी के बाद ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की तरफ बढ़ रही है. स्टॉक्स, डिबेंचर सहित किसी फाइनैंशल इंस्ट्रूमेंट के ट्रांसफर पर सरकार देशभर में समान स्टैंप ड्यूटी दर को लागू करने की तैयारी में है।सरकार ने पुरे देश में स्टैप ड्यूटी को एक समान करने का फैसला किया है. जिस प्रकार जीएसटी के तहत केंद्र सरकार ने सभी राज्यों में एक टैक्स का एलान किया था। उसी प्रकार वह इस पर भी नये कदम उठाने के फ़िराक में है. 

 

वही इस मामले पर इकनोमिक अधिकारी का कहना है कि, इसका प्रस्ताव तैयार है और राज्यों की भी सहमति है। अधिकारी ने बताया कि संसद के शीतकालीन सत्र में इस बदलाव को पारित कराने के लिए लाया जा सकता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस कदम से राज्यों के राजस्व पर असर नहीं पड़ेगा। वही बता दें, कि स्टैंप ड्यूटी भूमि खरीद से जुड़े ट्रांजैक्शंस और डॉक्युमेंट्स पर लगता है, लेकिन इसे GST के दायरे से बाहर रखा गया था। बिल्स ऑफ एक्सचेंज, चेक, लेडिंग बिल्स, लेटर्स ऑफ क्रेडिट, इंश्योरेंस पॉलिसीज, शेयर ट्रांसफर, इकरार-नामा जैसे वित्तीय साधनों पर स्टैंप ड्यूटी संसद से तय होता है। हालांकि, अन्य वित्तीय साधनों पर स्टैंप ड्यूटी की दर राज्य दर के हिसाब से किया जाता है .

 

स्टैंप ड्यूटी में भिन्नता की वजह से अक्सर लोग ट्रांजैक्शन ऐसे राज्यों के जरिए करते हैं, जहां दर कम होती है। मार्केट रेग्युलटर सिक्यॉरिटीज ऐंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने इससे पहले राज्यों को सलाह दी थी कि इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से होने वाले फाइनैंशल ट्रांजैक्शन पर स्टैंप ड्यूटीज को एकसमान बनाएं या माफ कर दें। एकसमान स्टैंप ड्यूटी रेट के लिए 1899 के कानून में बदलाव के लिए प्रयास पहले भी हुए हैं, लेकिन राज्यों ने इस अपील को खारिज कर दिया, क्योंकि वे स्टैंप ड्यूटी पर अधिकार खोना नहीं चाहते।