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Saturday ,19 Oct 2019

'NRC' पर सवाल

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Reported by Knews

Updated: Sep 19-2019 12:57:40pm

असम में आखिरकार नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस यानि NRC की लिस्ट जारी हो गई है.लेकिन ये लिस्ट अपने साथ कई तरह के सवाल भी लेकर आई है. करीब 19 लाख लोगों की पहचान पर सवाल खड़ा हो गया है क्योंकि उनका नाम लिस्ट में नहीं है और वह ‘विदेशी’ हो गए हैं. लिस्ट में नाम ना होने के उदाहरण ऐसे हैं कि भाई असम का नागरिक है और बहन नहीं, मां नागरिक है और बेटा नहीं ऐसे में इस पर राजनीति भी तेज हो गई है. ना सिर्फ कांग्रेस बल्कि BJP भी इस लिस्ट पर सवाल खड़े कर रही है. और एक सवाल जो उठ रहा है वह यही है कि 19 लाख लोगों का क्या होगा, क्या इन्हें दोबारा मौका मिलेगा?

गौरतलब है कि असम की सरकार की तरफ से सभी को आश्वासन दिया जा रहा है, कि उन्हें मौका जरूर मिलेगा. जिनका नाम लिस्ट में छूट गया है, अब उन्हें 120 दिनों का मौका दिया जाएगा ताकि वह अपनी नागरिकता को साबित कर NRC के आने के बाद से ही इस पर राजनीति भी तेज हुई है. कांग्रेस ने लिस्ट को लेकर सरकार पर निशाना साधा है. तो वहीं बीजेपी भी इस पर सवाल खड़े कर रही है और एक बार फिर जांच की बात कह दी है. पार्टी का राज्य नेतृत्व हो, असम सरकार में बैठे लोग हों, हर किसी ने इस पर सवाल खड़े किए हैं.

बता दें कि NRC लिस्ट में बड़ी संख्या में हिंदुओं के नाम नहीं होने के चलते पूर्वोत्तर में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस NRC की पूरी प्रकिया पर सवाल उठा रही है. कांग्रेस ने स्टेट मशीनरी के कामकाज पर सवाल उठाया है और कहा है कि लिस्ट बनाने में पारदर्शिता नहीं बरती गई. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि क्या लोग साबित कर पाएंगे अपनी नागरिकता? क्या है पर्दे के पीछे की राजनीति? क्या लोग साबित कर पाएंगे अपनी नागरिकता? क्या है पर्दे के पीछे की राजनीति? आखिर क्यों इस पर हो रही राजनीति?

कानपुर से नीतिका श्रीवास्तव की रिपोर्ट