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कैप्टेन कूल बनाम हिटमैन, चिदंबरम स्टेडियम में 8 साल से मुंबई ने नहीं हारा कोई मैच

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Reported by Knews

Updated: May 07-2019 10:42:35am
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इंडियन प्रीमियर लीग के 12वें सीजन के पहले क्वालिफायर में मंगलवार को एम चिन्नास्वामी स्टेडियम पर शाम 7:30 बजे से चेन्नई सुपरकिंग्स और मुंबई इंडियंस आमने-सामने होंगे। इस सीजन में मुंबई ग्रुप स्टेज के दोनों मैच में चेन्नई को हरा चुका है। चेन्नई के घरेलू मैदान पर भी मुंबई का रिकॉर्ड बेहतर है। मुंबई चिन्नास्वामी पर 2011 से नहीं हारा है।

दोनों ही टीमों इस मैच को जीतकर अपनी फाइनल की सीट पक्की करना चाहेंगी। आईपीएल के फॉर्मेट के मुताबिक, क्वालिफायर-1 जीतने वाली टीम फाइनल में पहुंचेगी, जबकि हारने वाली टीम 10 मई को दूसरे क्वालिफायर में एलिमिनेटर जीतने वाली टीम के खिलाफ उतरेगी।

स्पिनर्स के लिए मददगार होगी चेन्नई की पिच
दोनों टीमों को चेन्नई की गर्मी और आद्रता से जूझना होगा। घरेलू टीम के लिए यहां का स्पिन विकेट मददगार हो सकता है। यहां 160 से ज्यादा का स्कोर चुनौतीपूर्ण होगा। ऐसे में जीत हासिल करने के लिए मुंबई के स्पिनर्स को ज्यादा मेहनत करनी होगी।

मुंबई की ताकत : कप्तान रोहित शर्मा बढ़िया फॉर्म में हैं। टीम के दूसरे ओपनर क्विंटन डीकॉक भी उनका अच्छा साथ दे रहे हैं। इस सीजन में दोनों ने सलामी जोड़ी के तौर पर टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। क्विंटन 14 मैच में 492 रन बनाकर टीम के टॉप स्कोरर हैं, जबकि रोहित के खाते में 386 रन हैं।

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ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या मध्यक्रम में उपयोगी भूमिका निभाने में सक्षम हैं। जसप्रीत बुमराह और लसिथ मलिंगा जैसे तेज गेंदबाजों को खेलना आसान नहीं है।

मुंबई की कमजोरी : टीम का मध्यक्रम अब तक कुछ खास नहीं कर पाया है। कीरोन पोलार्ड ने 14 मैच में 240 रन बनाए हैं। इसमें उनकी एक 83 रन की पारी भी शामिल है। ईशान किशन और एविन लेविस भी अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं। टॉप स्कोरर्स की लिस्ट में क्रुणाल पंड्या भी 40वें नंबर पर हैं। उनके 176 रन हैं। क्रुणाल स्पिनर के तौर पर भी ज्यादा सफल नहीं रहे हैं। उनके 14 मैच में 10 विकेट हैं।

चेन्नई की ताकत : टीम की ताकत उसके कप्तान महेंद्र सिंह धोनी हैं। धोनी टीम के टॉप स्कोरर भी हैं। उन्होंने ग्रुप स्टेज के 12 मैच में 122.66 के स्ट्राइक रेट से 368 रन बनाए हैं। इसके अलावा सुरेश रैना, फाफ डुप्लेसिस, शेन वॉटसन और अंबाती रायडू भी फॉर्म में हैं। गेंदबाजी विभाग में इमरान ताहिर (21 विकेट), हरभजन सिंह (13 विकेट) और रविंद्र जडेजा (13 विकेट) किसी भी टीम का बल्लेबाजी क्रम ध्वस्त करने की क्षमता रखते हैं।

चेन्नई की कमजोरी : टीम की कमजोरी उसके तेज गेंदबाजों का बहुत अधिक सफल नहीं होना और खराब क्षेत्ररक्षण है। खराब फील्डिंग की बात धोनी स्वीकार भी चुके हैं। हालांकि, उन्होंने विरोधी टीम को बड़ा लक्ष्य देकर इस कमी की भरपाई करने की वकालत की है। टूर्नामेंट के सबसे सफल गेंदबाजों की बात करें तो उसका सिर्फ एक तेज गेंदबाज दीपक चाहर ही टॉप-10 में शामिल है। ड्वेन ब्रावो 30वें नंबर पर हैं। शार्दुल ठाकुर भी 8 मैच में 6 विकेट ही ले पाए हैं।