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Tuesday ,12 Nov 2019

क्या है बसपा की रणनीति?

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Reported by Knews

Updated: Sep 10-2019 04:39:03pm

करीब ढाई दशक बाद साइकल और हाथ का साथ लोकसभा चुनाव में फ्लॉप हो गया और चुनाव परिणाम के आते ही बसपा ने अपनी हार का सारा ठीकरा सपा के सिर पर फोड़ दिया. अब जब यूपी में उपचुनाव और विधानसभा चुनाव करीब है तो हाथी एक बार फिर से अपने पैरों पर खड़ा होने की जद्दोजहद है. इसी क्रम में बसप सुप्रीमो मायावती ने अपने संगठन को ताश के पन्नों के मानिंद फेटना शुरू कर दिया है. मायावती ने राष्ट्रीय स्तर की तरह राज्य स्तर पर भी तीन मुख्य नेताओं की नियुक्ति की वहीं मंडल पर जोन इंचार्ज की भी व्यवस्था में परिवर्तन किया है. अब पार्टी में मुख्य जोन इंचार्ज का पद समाप्त कर दिया गया है.

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बता दें कि मायावती ने राज्य स्तरीय 3 कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए जिसमें राष्ट्रीय महासचिव आरएस कुशवाहा प्रदेश अध्यक्ष मुनकाद अली एमएलसी भीमराव को शामिल किया गया है. मायावती ने बहुजन वॉलंटियर्स और उसके मंडल अध्यक्ष का पद भी समाप्त कर दिया है. मायावती ने नए पदों के सृजन के साथ-साथ कई पदों को समाप्त भी कर दिया है. उसकी वजह पार्टी संगठन में बेहतर कोऑर्डिनेशन की व्यवस्था को लागू करना है.

मायावती ने इस बैठक में सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को आने वाले चुनाव की रणनीति और उनकी जिम्मेदारियों के बारे में गंभीरता से निर्देश दिए हैं. साथ ही यह साफ किया कि आने वाले चुनाव से पहले हर पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्र में बीजेपी की उत्तर प्रदेश की सरकार के बारे में सच बताकर जनता को बसप के पाले में खींचने का प्रयास करे. आने वाले उपचुनाव से पहले मायावती का यह कदम एक सोची-समझी रणनीति की तरह देखा जा रहा है. उपचुनाव की सभी 13 सीटों पर मायावती ने अपने पार्टी कैंडिडेट तय कर दिए हैं. ऐसे में क्या है बसपा की रणनीति? कैसी रहेगी हाथी की चाल?

कानपुर से नीतिका श्रीवास्तव की रिपोर्ट