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महिलाओं में बढ़ी किडनी संबधित बीमारियां

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Reported by Knews

Updated: Apr 24-2019 04:26:11pm
kidney- disese

नई दिल्ली : आज के टाइम में किडनी की बीमारी बड़ी तेजी से बढ़ रही है... किडनी रोग महिलाओं में मृत्यु का आठवां सबसे प्रमुख कारण माना जा रहा है. महिलाओं में किडनी डिसीज पुरुषों के मुकाबले 5 फीसदी ज्यादा होती है.

 

महिलाओं की मौत ज्‍यादा

वर्ल्‍ड हेल्‍थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक, गंभीर किडनी रोग की वजह से औसतन 6 लाख महिलाओं की मौत उपचार के आभाव में हो जाती है। आमतौर महिलाओं में गंभीर किडनी रोग यूटीआई इंफेक्‍शन (मूत्र मार्ग में संक्रमण) की वजह से होता है। इसकी वजह से ब्‍लैडर और ट़यूब भी प्रभावित होती हैं।

 

 कारण

महिलओं में गंभीर किडनी रोग का मुख्‍य कारण प्रतिकूल गर्भावस्‍था परिणाम और कम प्रजनन क्षमता भी है। हालांकि, गंभीर किडनी रोग के बावजूद भी महिलाओं को गर्भावस्था और जन्म दोनों के दौरान पूर्व-एक्लम्पसिया और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा हो सकता है जो रक्तचाप बढ़ाने से गुर्दे पर तनाव पैदा कर सकते हैं। इसी कारण से, सभी गर्भवती महिलाओं के लिए उचित देखभाल महत्वपूर्ण है।

 

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इलाज है मुश्किल

की‍डनी की बीमारी के लक्षण धीरे धीरे विकसित होते हैं। प्रारंभिक लक्षण जैसे कि कम बार पेशाब करना, भूख की कमी, नींद की कमीं, थकान आदि संकेत हैं। वहीं कुछ लक्षण ऐसे हैं जो दिखाई नहीं देते हैं, जिसकी वजह से ये बीमारी गंभीर हो सकती है। ऐसी स्थिति में चिकित्‍सक की सलाह लेनी चाहिए। अगर मरीज खान-पान में संयम बरते, नियमित रूटीन फॉलो करे और समय पर डायलिसिस करवाता रहे तो वह लंबा जीवन जी सकता है।

 

 उपाय

किडनी रोग किसी को भी प्रभावित कर सकता है और महिलाओं को को यह खतरा ज्‍यादा है। अगर आप इस समस्‍या से खुद को दूर रखना चा‍हती हैं तो इसके लिए नियमित रूप से व्यायाम करने या शारीरिक रूप से सक्रिय रहने, धूम्रपान न करने, शराब से दूर रहने आदि जैसी आदतों को अपनी लाइफस्‍टाइल में शामिल करेंगी तो इस बीमारी से  बचा जा सकता है... इसके अलावा आपका हाई, मधुमेह, हृदय की समस्याएं, किडनी रोग का पारिवारिक इतिहास रहा है तो आपको यह सुनिश्‍चित करना चाहिए कि आप हर छोटी-बड़ी समस्‍या के दौरान एक्‍सपर्ट की सलाह जरूर लें।

 

हर्बल दवाईंया

यदि आप हर्बल दवाओं का उपयोग कर रहे हैं, यह ध्यान रहे कि आप इसकी ओवर डोज बिल्कुल न लें। हर्बल उपचार किसी भी अन्य दवा की तरह ही है, और इसके भी दुष्प्रभाव हो सकते हैं। हर्बल उपचार बहुत शक्तिशाली हो सकता है। इसलिे बिना डॉक्टर के सुझाव के हर्बल दवाओं को बिल्कुल नहीं लेना चाहिए।

 

खास बातें

मैग्नीशियम किडनी की सही काम करने में मदद करता है, इसलिए ज्यादा मैग्नीशियम वाली चीजें, जैसे कि गहरे रंग की सब्जियां खाएं। 
खाने में नमक, सोडियम और प्रोटीन की मात्रा घटा दें। 
35 साल के बाद साल में कम से कम एक बार ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच जरूर कराएं।
 न्यूट्रिशन से भरपूर खानाएक्सरसाइज और वजन पर कंट्रोल रखने से भी किडनी की बीमारी की आशंका को काफी कम किया जा सकता है।