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Monday, 19 November 2018

काशी में अनोखी शादी, सब देखकर रह गए हैरान

Reported by KNEWS | Updated: Feb 26-2018 12:46:21pm


वाराणसी : वैसे तो आपने शादियां बहुत सी देखी होगी जहां दूल्हा घोड़े पर बैठेोकर दुल्हन को लेने के लिए बारात लेकर उसके द्वार जाता है लेकिन धर्म की नगरी काशी में आने वाली रविवार को एक ऐसी अनोखी शादी हुई। जिसमें दुल्हन दूल्हे के घर बारात लेकर पहुंची। 

 

दरअसल ये अलग और अनोखी परम्परा की शुरुआत वाराणसी में फ़िल्म व्यवसाय से जुड़े डॉ डी एल कश्यप ने के साल पहले ही कर दी थी। अपने पांच पुत्रो की शादी में वधू की बारात बुलाकर इन्होंने वधू की बारात का स्वागत किया और रविवार को अपने सबसे छोटे बेटे मिस्टर राजा ठाकुर कश्यप की भी शादी में वधू की बारात का स्वागत किया।

 

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कन्दवा गाँव के रहने वाले कश्यप ने बताया कि छोटा बेटा राजा कैंट रेलवे स्टेशन पर लोको पायलट इंजीनियर जबकि लड़की राजलक्ष्मी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि वे अबतक अपने भाई और अपने कुल पांच बच्चो की शादी के लिए वधू को घोड़ी पर अपने दरवाजे बुलाकर शादी की रस्म को पूरा कर चुके है। वही बेटे राजा का कहना है कि ये शादी समाज के लिए सीख है।

 

डॉ कश्यप को ये अनोखा तरीका कहा से सुझा इस बारे में उन्होंने बताया कि करीब डेढ़ दशक पूर्व वे अपने बड़ेे बेटे संजय कुमार की शादी में बारात लेकर वधू के घर पहुचे तो उन्होंने देखा कि वधु पक्ष बारातियो के स्वागत के लिए परेशान रहे। उनकी परेशानी देखकर उसी समय कश्यप ने मन ही मन मे निर्णय लिया कि अब वह बारात ले जाने के बजाय वधू जिसे लक्ष्मी की संज्ञा देते है उनकी बारात घोड़ी पर अपने दरवाजे बुलाकर स्वागत करेंगे।

 

इसके लिए उन्होंने बकायदा लड़की को मंडप तक लाने के लिए घोड़ी का इंतजाम किया। मैं बहू को घोड़ी पर लाता हूं तो बेटी तो हाथी या बग्घी पर ले जाता हूँ। वही इस अनोखी पहल से दुल्हन भी बेहद खुश थी। डॉ कश्यप का कहना है कि जब बेटी को लक्ष्मी मानते है तो लक्ष्मी का स्वागत हम अपने घर पर क्यों न करे। कुछ इन्ही विचारो के साथ समाज के लिए नजीर बनने की प्रेरणा बनने के।सतह उन्होंने इस प्रथा की शुरुवात की। इन्होंने अपने पुत्रों में से सबसे छोटे बेटे की शादी को विशेष करने के उद्देश्य से कुछ नया करने की अबकी ठानी।

 

इस बार वधू जब इनके घर से थोड़ी ही दूर पर स्थित कर्दमेश्वर महादेव मंदिर पर वधू की बारात आई और बहू ने वही से अपने ससुर डॉ कश्यप फोन पर अपने आगमन की सूचना दी। सूचना पर दूल्हा राजा मन्दिर पहुंचा और वर वधू मन्दिर में एक साथ दर्शन करने के बाद बग्घी से मंडप तक पहुंचे।

                                                                                     वाराणसी से रवि सिंह 


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