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Thursday ,17 Jan 2019

अजब प्रेम की गजब कहानी काफी दिलचस्प

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Reported by KNEWS

Updated: Feb 27-2018 11:55:32am

हरदोई : हरदोई में इन दिनों मोहब्बत का एक ऐसा मामला सामने आया है कि जिसको सुलझाने में पुलिस के भी हाथ पांव फूल गए है, दरअसल एक दिव्यांग जो एक रॉन्ग कॉल से एक लड़की से मोहब्बत कर बैठा। तकरीबन 02 साल दोनों के बीच मोहब्बत की नई नई इबादते लिखी गयी। लेकिन 02 साल के बाद लड़की ने अपना नंबर बदल दिया और फिर वो दिव्यांग नज़रों से न दिखने के बावजूद दर दर भटकने को मजबूर है, पहले तो वो 250 किलोमीटर दूर लड़की के शहर जा पहुंचा और वहां की पुलिस से न्याय की गुहार लगाई।

 

लेकिन जब कोई नतीजा न निकला तो एसपी हरदोई की चौखट पर आकर आये दिन अपना सर पीटता और मोहब्बत से मिलाने की दुहाई देता फिर रहा है , फ़िलहाल पुलिस उसे झूठी तसल्ली दिए हुए है और दिव्यांग की काउंसलिंग कराने की बात कर रही है। शख्स पूरी तरह से ब्लाइंड है और अपनी अनोखी शिकायत को लेकर पुलिस विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है।

 

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पहले इनके बारे में  तफ्सील से जान लीजिये फिर इनके किस्से के बारे में ज़िक्र करते है। जिससे उत्तर प्रदेश पुलिस परेशान है। इस शख्स का नाम शादाब हुसैन अंसारी है। वल्दियत मोहम्मद अली निवासी  है। 02 साल की उम्र में तेज़ बुखार इनकी आँखों की रोशनी ले गयी। तब से अब तक बहुत से वैध बहुत से हक़ीम को दिखाया गया। लेकिन इस मर्ज़ का इलाज कोई नहीं कर पाया। धीरे-धीरे ज़िंदगी यूँ ही बढ़ती रही और एक दिन एक घटनाक्रम ने शादाब की ज़िंदगी में नया मोड़ ला दिया। दरअसल 10 अक्टूबर 2011 को मोहल्ले के लोगो ने शिकायत की, कि शादाब लड़कियों से मोबाइल पर बात करता है, शादाब के मुताबिक शिकायत झूठी थी लेकिन उसका असर असली हुआ और उसका मोबाइल घरवालों ने छीन लिया। 

 

मोबाइल ही एक सहारा था जिससे दिन रात गाने सुनकर दोस्तों को याद कर कर दिन गुज़रता था। लिहाज़ा मोबाइल दिलाने के लिए शादाब ने  घरवालों के खिलाफ पुलिस में कम्प्लेन कर दी। जिसके बाद उसका मोबाइल तो मिल गया लेकिन घर वालों ने उसे घर से बाहर निकाल दिया और बेदखल की कार्रवाई परिवारजनों की तरफ से अमल में लाई गयी। इधर शादाब को रहने और खाने के लाले थे तो वही झूठी शिकायत पर मिली सजा का मलाल भी, किसी तरह 04 साल लोगो के मानमनोवल और ट्रेनों में ग़ज़ल कव्वाली करते बीत गया। फिर एक रोज़ डायल 100 ने  परिवार वालों पर  दबाव बना कर दोबारा से  उसे घर में जगह दिलवा दी। 

 

किस्सा यही खत्म हो जाता तो बेहतर था क्योंकि जो आगे होने वाला था। वो बेहद अनोखा और दिलचस्प था। शादाब कहता है कि बेख़ता मिली सजा का उसे मलाल था लिहाज़ा अब वो खता करना लाज़मी था। जिसकी सजा वो पा चूका था, दोस्तों यारो से बिन आँखों के भी मोबाइल अच्छी तरह से चलाने का तरीका उसे आ गया था। एक रोज़ एक रांग कॉल महोबा में  एक लड़की को जा लगी किसी तरह दोनों में दोस्ती हो गयी।

 

दोस्ती होने के बाद शादाब ने बड़ी ही ईमानदारी से अपने अंधेपन बेरोज़गारी और मजबूरियों की कहानी लड़की को बता  डाली, शादाब की सच्चाई को देखते हुए इनकी दोस्ती परवान चढ़ी और दोस्ती मोहब्बत में तब्दील  हो गयी। रात में 06 से 07 घंटे तक और दिन में 01 से 02 घंटे तक बात होना एक आम बात हो गया था, चूँकि  एक ही नेटवर्क के दोनों सिम यूज़ करते थे लिहाज़ा मनी प्रॉब्लम भी बड़ा इशू नहीं थी, मोहब्बत का सिलसिला बदस्तूर जारी रहता अगर लड़की अपना नम्बर न बदलती, जैसे ही लड़की ने अपना नंबर बदला कुछ ही घंटों में शादाब का हाल बुरा हो गया।

 

शादाब हरदोई जनपद से 250 किलोमीटर दूर लोगो की मदद से महोबा जा पहुंचा और वहां महोबा कोतवाली के इंस्पेक्टर से न्याय की गुहार लगाई। लेकिन इश्क़ के इस ड्रामे को इंस्पेक्टर साहब ने हँसते हुए टाल दिया। हालंकि वहाँ तैनात कांस्टेबल ने लड़की का नंबर न लगने पर सहेली को कॉल लगया और पूरा घटनाक्रम  की जानकारी दी , इसके बाद  शादाब को उस लड़की  कॉल किया और वहां से चले जाने और भूल जाने की दरख्वास्त लड़की की तरफ से की गयी। 

 

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शादाब महोबा से  तो लौट आया लेकिन अब तक उसकी लड़की को पाने की चाहत खत्म न हुई है। मोबाइल नम्बर के माध्यम से उसने आधार नम्बर भी निकलवा लिया और कई मर्तबा एसपी और एएसपी से न्याय की गुहार लगा चूका है, एसपी विपिन मिश्रा ने पहले तो लड़की  को भूल  जाने और ये सब  गलत रास्ते होने की बात समझायी लेकिन इश्क़ के भूत के आगे उसके एक न समझ आई।

 

लिहाज़ा पुलिस विभाग के अफसरों का इस मामले को लेकर बुरा हाल है। फिलहाल एएसपी कुंवर ज्ञाननंजय सिंह ने कहा इसकी  काउंसलिंग कराई जाएगी और इसे समझाया जायेगा कि किसी लड़की का पीछा करना कानून जुर्म है। प्यार का ये अफसाना पुरे गुलिसतां में सुर्खियां ज़रूर बटोरे हुए है। 

                                                                                 हरदोई से आलोक मिश्र