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त्रिपुरा में चला मोदी मैजिक, 35 सीटों पर खिला कमल

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Reported by KNEWS

Updated: Mar 03-2018 09:47:53pm

नई दिल्ली : 2013 चुनावों में त्रिपुरा में एक भी पाने वाले भाजपा को इस बार उम्मीद से ज्यादा मिला। कई मायनों में खास त्रिकोणीय राज्य का संघर्ष कहीं कहीं भाजपा के लिये मुश्किल भरा था। त्रिपुरा में 59 सीटों के लिये विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने लेफ्ट क्लीन स्वीप करते हुए 35 सीटों पर कब्जा कर लिया।

 

25 सालों तक त्रिपुरा में राज करने वाली लेफ्ट को अपने ही गढ़ मे जबरदस्त हार का सामना करना पड़ा। कहीं न कहीं यहां मोदी मैजिक चल गया। भाजपा की इस बड़ी और ऐतिहासिक जीत ने सीपीएम को उसी के गढ़ में हरा दिया। लेफ्ट की हार कहीं न कहीं ये साबित करती है कि वहां के लोग को अब लेफ्ट पर और उसकी नीतियों पर विश्वास न रहा।

 

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वहीं नगालैंड में बीजेपी को 28 सीट मिली है जहां उसको गठबंधन से सरकार बनानी होगी और मेघालय में 2 सीटे मिली है। पूर्वोतर के राज्यों में बीजेपी की जीत को 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के नजरियें से भी देखा जा रहा है। ऐसा माना जा रहा कि इन राज्यों में बीजेपी की जीते से लोकसभा में फायदा मिल सकता है। पूर्वोतर के 8 राज्यों में कुल 25 लोकसभा की सीटें है। ऐसे में अगर बीजेपी यहां बढ़त बनाने में कामयाब होती है तो इससे एनडीए को काफी फायदा होगा। वैसे लेफ्ट का ढाई दशक का प्रचलन भी बीजेपी ने तोड़ दिया। गौर करें दो आजादी से लेकर अब तक पूर्वोतर राज्यों में बीजेपी को नकारा गया है।

 

लेकिन इस जीत के बाद ये जरुर तय हो गया है कि बीजेपी के अब कहीं भी चुनाव लड़ना मुश्किल की बात नहीं है। अब केरल ही एकमात्र राज्य बचा है जहां लेफ्ट की सरकार है। वरना पश्चिम बंगाल में तो पहले ही टीएमसी हार चुकी है। इस जीत का सारा श्रेय कहीं न कहीं बीजेपी की रणनीति को जाता है।

 

याद हो कि 2014 लोकसभा चुनाव में बीजेपी को यहां 25 में से 11 सीटे मिली थी। अब इन राज्यों में जीत मिलने के बाद अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस बार पूर्वोतर में एनडीए को सीटों का जरुर फायदा होगा। ऐसे में अब  बीजेपी शासित 19 राज्यों में बीजेपी या गठबंधन की सरकार है और अब हिंदी बेल्ट के अलावा पूर्वोतर में भी बीजेपी ने कमल खिला लिया है।

                                                                                     नई दिल्ली से ज्योति सिंह