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Thursday ,17 Jan 2019

भूखमरी की कगार पर श्रमिक

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Reported by KNEWS

Updated: Mar 04-2018 05:49:16pm

बागेश्वर : प्रदेश सरकार और नौकरशाही की कार्यप्रणाली से बागेश्वर जिले के श्रमिको के परिवार भूखमरी के कगार पर आ गये है। विधानसभा चुनावों में भाजपा ने पलायन को अपना मुददा जरूर बनाया गया था। चुनावी वादों में पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी पहाड़ के काम लाने वादे कोरे साबित होते दिख रहे है।

 

सरकार बने एक वर्ष पूरे होने वाले है। सरकार ने एक वर्ष के कार्यकाल में कितने युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा तथा। कितना पलायन कम हुआ इसका आंकडा अभी सरकार दे नही पायी है। लेकिन जिले की एक मात्र कौसानी चाय बागान फैक्ट्री श्रमिकों की समस्याओ की अनदेखी के कारण बंद होने के कगार में है।

 

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जिस कारण 2000 से अधिक कास्तकारो के सामने रोजगार का संकट खडा होना शुरू हो गया है। अब सवाल उठना लाजमी है। कि क्या अब इन कास्तकारो को भी रोजगार के लिये पलायन होने को मजबूर होना पडेगा। वही समाज सेवी किसन खत्री जी का कहना है कि कौसानी चाय बागान फैक्टी अल्मोडा के किराये के  मकानो मे बैठे संचालको की निष्क्रियता के  कारण और शासन को गलत रिर्पोट भेजने के कारण चाय बागान फैक्ट्री बंद होने के कगार पर है। जिससे 2000 से अधिक श्रमिक के सामने पुन : रोजी रोटी का संकट खडा हो गया है।  

 

वही समाज सेवी बी डी पाडे जी का कहना है। कि कौसानी के कास्तकारो ने अपनी जमीने देकर क्षेत्र के विकास के लिये और पलायन की समस्या से निपटने के लिये चाय बागान फैक्ट्री के अधिकारीयो  सहयोग किया गया था । लेकिन आज किसान और काश्तकार अधिकारीयो की निष्क्रियता के चलते श्रमिक भूखमरी की कगार पर है और अधिकारी मौज में है। 

 

एक  तरफ क्षेत्र के विद्यायक विदेश दौरो मे मस्त है। तथा दूसरी और श्रेत्र के श्रमिक रोजी रोटी छीनने के कारण पलायन को बेबस दिख रहे है। श्रमिको की समस्याओ के निराकरण न होने तथा नौकरशाही के पूर्ण रूप से बेलगाम होने से जिले की एक मात्र कौसानी चाय बागान फैक्ट्री बंद होने के कगार में है।

                                                                                                     बागेश्वर से जगदीश पाण्डेय