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इच्छामृत्यु पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला

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Reported by KNEWS

Updated: Mar 09-2018 03:30:39pm

नई दिल्ली : लंबे समय से चली आ रही ‘इच्छामृत्यु’ की मांग वाली याचिका आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने मान ली। जिस के बाद अब देश में जो लोग जीने की इच्छा छोड़ चुके है या जो लंबे समय से मरनसन्न की अवस्था में है वो ‘इच्छामृत्यु’ ले सकेंगे। 

 

सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने ‘इच्छामृत्यु’ को देश में वैध घोषित कर दिया और कहा कि किसी भी व्यक्ति को सम्मान से मरने का अधिकार है। संविधान पीठ ने कहा कि इस संबंध में कानून बनने तक उसकी ओर से जारी दिशा-निर्देश और हिदायत प्रभावी रहेंगे।

 

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बहरहाल आप को बता दे कि अरुणा शानबाग के केस में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट मार्च 2011 में ने कहा था कि ‘इच्छामृत्यु’ की इजाजत दी जा सकती है, अगर व्यक्ति आसाधरण रोगों से ग्रस्त हो और उसके ठीक होने की कोई गुंजाइश ना हो और उसके करीबी रिश्तेदार इस बात की अनुमति चाहते हो तो उस व्यक्ति को ‘इच्छामृत्यु’ की इजाजत दी जा सकती है। अरुणा शानबाग के केस मे सुप्रीम कोर्ट मे ‘इच्छामृत्यु’ कि याचिका लगभग 40 सालो तक लंबीत रहा था।