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Wednesday ,20 Mar 2019

गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने को लेकर लोगों ने निकाली जनाक्रोश रैली

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Reported by KNEWS

Updated: Mar 12-2018 10:49:45am

गैरसैंण : गैरसैंण स्थाई राजधानी संघर्ष समिति के आवाहन पर रविवार को गैरसैंण में जनसैलाब उमड पड़ा। समिति द्वारा आहूत जनाक्रोश रैली में नगर स्थित रामलीला मैदान जहां दिन भर राजधानी गैरसैंण के नारों से गूंजता रहा।

 

वहीं सूबे के कोने-कोने से सैकडों की तादाद में गैरसैंण पहुंचे ग्रामींणों ने भाजपा व कांग्रेस के खिलाफ नगर की सड़कों पर जोरदार प्रदर्शन कर गैरसैंण को प्रदेश की राजधानी घोषित किये जाने की मांग की।

 

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रैली में कांग्रेस, उत्तराखण्ड क्रांति दल, उत्तराखण्ड परिवर्तन पार्टी, भाकपा (माले),स्वराज अभियान से जुडे कार्यकर्ताओं सहित बडी संख्या में महिलाओं के साथ बच्चे, बूढे अैार जवानों ने शिरकत की। तय कार्यक्रम के अनुसार रविवार सुबह से ही ग्रामीण रामलीला मैदान में एकत्र हाने लगे। दोपहर एक बजे मैदान से रैली प्रारम्भ हुई। तिराहे से डाक बंगला रोड, रानीखेत रोड होते हुए हुजूम तहशील परिषर में दाखिल हुआ। जहां गैरसैंण प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर आक्रोष व्यक्त किया।

 

आन्दोलनकारियों ने कहा कि शुक्रवार रात को अनशनकारियों के साथ जिस प्रकार से पुलिस कार्यवाही अमल में लाई गई उसे बर्दास्त नहीं किया जायेगा। उपजिलाधिकारी ने अनशनकारियों को उठाने में जहां आन्दोलन समिति सहयोग नहीं कर रही है। वहीं भूख हडताल पर बैठे व्यक्ति को गायब कर दिया जा रहा हैं। जिस पर आन्दोलनकारी भड़क गये और अनशनकारी के जीवन की रक्षा करना सरकार का दायित्व बताया। 

 

दूसरी ओर नगर के रामलीला में सभा आयोजित की गई। जिसमें गैरसैंण को स्थाई राजधानी घोषित किये जाने तक आन्दोलन जारी रखने का संकल्प लिया। नारायणवगड, थराली, अल्मोडा, बागेश्वर, चौखुटिया, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, घाट, द्वाराहाट, श्रीनगर, चम्पावत आदि दूरस्थ स्थानों से पहुंचे। प्रतिनिधियों ने भागीदारी की। 
दूसरी ओर 7 दिनों से भूख हडताल पर बैठे राज्य आन्दोलनकारी खीम सिंह रौथाण के वजन में 5 किग्रा की कमी बताई गई हैं।

 

चिकित्सकों के अनुसार अनशनकारी के रक्तचाप व शुगर लेवल भी अनियमित है। प्रशासन अनसनकारी को उठाने में दो बार विफल रहा है। शुक्रवार को दूसरी बार उठाने आये प्रशासन ने पुलिस कार्यवाही कर अनसनककारी के कक्ष का दरवाजा तोड दिया था। जिसको लेकर आन्दोलनकारियों में भारी आक्रोष है। 

                                                                                       गैरसैंण से गौरव शाह