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अयोध्या मामला : विवाद में दखल देने वाली सभी याचिकाएं कोर्ट ने की खारिज

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Reported by KNEWS

Updated: Mar 14-2018 10:30:38am

नई दिल्ली : अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला लेते हुए विवाद से जुड़ी सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया जो मुख्य पक्षकारों की तरफ से दायर नहीं की गई थी। कोर्ट ने कहा कि राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद भूमि विवाद में कोर्ट सिर्फ मुख्य पक्षकारों को ही सुनेगा।


जिनमें सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड, रामलला विराजमान और निर्मोही अखाड़ा मुख्य पक्षकार है। कोर्ट ने सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका को भी खारिज कर दिया है। अब सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई 23 मार्च को होगी। 

 

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सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या के राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में 2 बजे सुनवाई है। याद हो कि पिछली बार 8 फरवरी को सुनवाई हुई। जिसमें ये कह कर आगे की तारीख दी गई थी कि सुन्नी वक्फ बोर्ड में उन किताबों के अनुवाद मांगा था। जिनके अंश हिंदू पक्ष अपनी दलील में रख रहे थे। जिसको लेकर 14 मार्च को सुनवाई की तारीख टाल दी गई थी। अब जब दस्तावेजों के लेने देने का काम पूरा हो चुका है इसलिए दोपहर दो बजे तीन सदस्यी टीम जस्टिस दिपक मिश्रा, जिस्टिस एस अब्दुल नजीर और जस्टिस अशोक भूषण की मामले की सुनवाई करेंगे।

 

बता दें कि 9 हजार से ज्यादा पन्नों के दस्तावेज 7 भाषाओं में है जिनका अनुवाद अंग्रेजी में कर दिया गया है। इसकी जिम्मेदारी कोर्ट के ने यूपी गर्वमेंट को दिया था जिन्होने काम पूरा कर लिया है।  गौरतलब है कि sc तीन सदस्यील विशेष पीठ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के साल 2010 के फैसले के खिलाफ दायर 13 अपीलों पर सुनवाई कर रही है। याद हो कि 2010 में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 2:1 के अनुपात में फैसले देते हुए निर्मोही अखाड़ा, सुन्नी वक्फ बोर्ड और भगवान रामलला के बीच बांटने का आदेश दिया था।

 

लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 2011 में इलाहाबाद हाई कोर्ट की इस फैसले पर  रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ये मामला एक जमीनी विवाद है हम इसे उसी तरीके से देखेंगे। इसलिये सभी पक्ष कारों को ये हिदायत दी गई थी कि आप तथ्यों के साथ अपनी बात कोर्ट के समकक्ष रखें।

                                                                                             नई दिल्ली से ज्योति सिंह