×
Knews App Now Available for Mobile

FREE for Android and iOS.

  LIVE TV

Thursday, 16 August 2018

सवालों के घेरे आईआईटी रुड़की

Reported by KNEWS | Updated: Mar 15-2018 01:18:06pm


रुड़की : अगर आप आई आई टी रूडकी में नौकरी करते है और यह समझते है की आप एक अच्छे संस्थान के जरिये देश और संस्थान की सेवा कर रहे है यहाँ सेवा करते हुए अगर आपको कुछ हो जाता है और आपका परिवार सुरक्षित है या यह संस्थान आपके साथ हमदर्दी दिखाते हुए आपके परिवार का ध्यान रखेगा या किसी तरह का सहयोग करेगा तो आप यह ग़लतफ़हमी अपने दिमाग से निकाल दीजिये।

 

क्योंकि यह संस्थान ऐसा बिलकुल नहीं करेगा यानी आपकी सेवा के बदले आपके परिवार का ध्यान तो बहुत दूर की बात है यहाँ आपके परिवार का इस तरह शोषण कर दिया जाएगा। जो भी सुनेगा वो कभी आई आई टी रूडकी में सेवा देना तो दूर इसके बारे में सोचना भी नहीं चाहेगा।

 

ये पढ़े : रुद्रप्रयाग मुख्यालय की जनता पी रही दूषित पानी

 

फिलहाल भी आई आई टी रूडकी में ऐसा ही एक मामला चल रहा है जिसमे आई आई टी को अपनी सेवा दे चुके 35 कर्मचारियों के  परिवार अच्छी सुविधाए मिलना तो दूर रोजी रोटी के लिए मोहताज होने के कागार पर खड़े है। दरअसल  IIT रूडकी को अपनी सेवाएं दे चुके 35 कर्मचारियों की अलग अलग कारणों से मौत हो चुकी है। उनकी जगह पर उन सभी के परिवार से एक एक यानी 35 मृतक आश्रितों को नियुक्ति दी गई थी। पांच छह साल से ज्यादा यह मृतक आश्रित आई आई टी रूडकी को अपनी सेवाएं दे रहे है।

 

अब आई आई टी प्रशासन की ओर से इन सभी को नोटिस जारी किया गया है कि आप सभी की सेवाएं 30 जून को समाप्त हो जाएँगी। उसके बाद आप आई आई टी रूडकी के कर्मचारी नहीं रहेंगे नोटिस मिलने के बाद से ही यह सभी कर्मचारी और इनके परिवार बहुत ज्यादा परेशानी में है इनमे से ज्यादातर कर्मचारी ऐसे है। जिनकी पांच छ साल यहाँ पर कार्य करने के बाद कही और नौकरी करने की उम्र भी निकल चुकी है कई कर्मचारी ऐसे है जिनके छोटे छोटे बच्चे है और अपने अपने घर भी नहीं है।

 

एक महिला कर्मचारी ऐसी है जिसकी एक छोटी बहन है और माँ बाप या कोई और रिश्तेदार भी नहीं है। आई आई टी रूडकी के यह सेवादार कई बार आई आई टी प्रशासन से मिलकर अपना दर्द बता चुके है लेकिन अभी तक इनके कोई आश्वासन नहीं मिला है यह कर्मचारी प्रधानमंत्री कार्यालय को भी अपनी पीड़ा का पत्र लिख चुके है लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है ऐसी हालत में यह कर्मचारी अब सड़क पर आने के कागार पर खड़े है और आई आई टी प्रशासन के खिलाफ हर लड़ाई लड़ने को तैयार हो चुके है।

 

सभी 35 मृतक आश्रित कर्मचारियों ने आई आई टी रूडकी की मेन बिल्डिंग के बाहर इकठ्ठा होकर आगे की रणनीति तय करने के लिए एक मीटिंग की। जिसमें उन्होंने फैसला लिया की वो सभी रूडकी आ रहे उत्तराखंड कबिनेट मंत्री मदन कौशिक से मुलाक़ात कर अपना दर्द उन्हें बताएँगे और उनसे इन्साफ दिलाने की मांग करेंगे और अगर इसके बाद भी कोई हल नहीं निकलता है और इनको 30 जून को आई आई टी रूडकी से निकाल दिया जाता है।

 

तो इनका कहना है की यह सभी अपने परिवारों के साथ आई आई टी की मेन बिल्डिंग में आकर डेरा डाल लेंगे और अगर इनके परिवार वालो के साथ कोई घटना घटती है तो उसका जिम्मेदार आई आई टी प्रशासन होगा।

                                                                         रुड़की से विशाल यादव

                            


पर हमसे जुड़े