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Saturday, 20 October 2018

भारत में 100% अफॉर्डेबल मेडिकल फैसिलिटी ?

Reported by KNEWS | Updated: Mar 16-2018 10:45:33am


नई दिल्ली : विकासशील क्यूबा एक बहुत ही छोटा सा देश है जो भारत के मुकाबले बहुत ही छोटा है लेकिन क्या आपको पता है क्यूबा अपने नागरिकों की देखभाल कैसे करता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि क्यूबा छोटा सा होने के बावजूद उसके हौसले बहुत बुलंद है। पहले बात करते है भारत की जहां आपकी जिंदगी का कोई भरोसा नहीं है। क्योंकि जिस तरह से देश में दिन पर दिन गंभीर बिमारियां बढ़ती जा रही है उन्हे कंट्रोल कर पाने में आप नाकाम है। लेकिन सरकार ब्लैक मनी पर लगाम लगाने के लिये काफी कोशिशे कर रही है। वो भी  ट्रैक्स और जीएसटी लेकर।

 

लेकिन सरकार ने क्या कभी सोचा है कि भारत में बढ़ती बिमारियों को कम करने के लिये भी कोई काम करें। भारत इस तरफ कुछ प्रयास तो कर रही है लेकिन अभी वो कागज पर ही है। आपको आगे बताते उस छोटे से देश के बारे में जहां जनता को सौ प्रतिशत फ्री मेडिकल फैसिलिटी या यूं कहे अफॉर्डेबल मेडिकल फैसिलिट मिलती है।लेकिन बात करें भारत की तो सरकार इस ओर क्यूबा से कोसो दूर है। क्योंकि जहां क्यूबा मेडिकल सुविधा देने में टॉप रैंकिग में है वहीं भारत इसमें 97 नंबर पर है। बात करें भारत में इलाज की तो बहुत ही महंगा है जिसमें कई तरह की कैटेगरी भी है।

 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि भारत के 57 फीसदी एलोपैथिक डॉक्टरों के पास मेडिकल योग्यता नहीं है। उनमें से एक तिहाई डॉक्टर ऐसे हैं, जो केवल सेकेंडरी स्कूल तक ही शिक्षित हैं और दूसरों का इलाज कर रहे हैं।
 

 

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भारत जब कोई इलाज कराने की सोचता है तो सबसे पहले अपना बैंक बैलंस देखता है क्योंकि यहां पता नहीं है इलाज के दौरान आपकी कमाई का कितना हिस्सा इलाज मे लगा जाए। लेकिन अगर डॉक्टरों की इनकम की बात करें तो वो जरुर अच्छी है। यहां आम नागरिकों को डॉक्टर्स से अपॉइंटमेंट लेना पड़ता है। यहां जिनके पास पैसे है वो तो अपना इलाज करा लेते है लेकिन जिनके पास नही है वो तो बिमारियों से जूझता रहता है और अंत में मर जाता है। क्योंकि भारत में डॉक्टरों की फीस इतनी है कि हर कोई अफॉर्ड ही नहीं कर सकता। बावजूद इसके भारत में डॉक्टरों की कमी है। 

 

100%  मेडिकल फैसिलिटी वाला देश

 

क्यूबा में तमाम पाबंदियों के बावजूद क्यूबा एक मामले में आज भी सबसे आगे है। जानकर आपको हैरानी होगी कि यहां 100 % मेडिकल फैसिलिटी है। या यूं कहा जाएं कि यहां की मेडिकल फैसिलिटी किसी स्वर्ग से कम नहीं है। अमेरिका के बगल मे बसा क्यूबा बहुत ही छोटा देश है जो अपने नागरिकों के बारे में सोचता है। दरसल यहां पर सरकार ने अफॉर्डेबल मेडिकल फैसिलिटी अपने नागरिको को दे रखी है। क्यूबा में  1976 से ही फ्री मेडिकल फैसिलिटी है। 1960 बाद न क्यूबा मे कोई प्रैक्टिसिंग डॉक्टर और न कोई प्राइवेट हॉस्पिटल, नर्सिंग होम है। यहां इलाज करने में सरकार कभी गरीबी अमीरी नही देखती है। क्यूबा में सबको एक मेडिकल सुविधा देती है। यहां तक कि क्यूबा में चाहे लाखो करोड़ो रुपये दवाईयों में या चिकित्सा सुविधा देने में खर्च क्यों न हो जाएं।

 

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक क्यूबा चिकिस्ता सुविधा देने मामले में अमेरिका से भी काफी बेहतर है। यहां कि चिकित्सा सुविधा पूरी तरह से चाक चौबंद है। जानकर हैरानी होगी कि इस छोटे से देश मरीज डॉक्टर के पास नहीं डॉक्टर मरीज के पास जाते है। यहां 150 के करीब परिवारों पर एक डॉक्टर और एक नर्स होते है। सबसे बड़ी बात ये है कि यहां हॉस्पिटल या कंसलटोरियल पास में ही होता है जहां नीचे इलाज होता है ऊपर वो लोग रहते है। यहां सबसे बड़ी बात ये है कि यहां कि सड़को पर कोई भी आपको बिमारियों से ग्रसित नहीं दिखेगा। क्योंकि यहां प्राथमिक स्तर पर इलाज पर या यूं कहे बिमारियों पर काबू पा लिया जाता है।

 

हर तरह की बिमरी के लिये एक स्पेशल डॉक्टर है। जानकर हैरानी होगी कि यहां मेडिकल की पढ़ाई की कोई फीस नहीं है। यहां जो मेडिकल की पढ़ाई करते है वो सिर्फ दो साल पढ़ाई करते बाकि के 4 चार सीनियर डॉक्टरों के साथ प्रैक्टिस करते है। यहां 149 नारिकों पर 1 डॉक्टर है। अफसोस  की बात ये है कि वहीं भारत में 1668 नगरिकों 1 डॉक्टर है। जहां भारत चिकिस्ता सुविधा देने में दुनिया में 97 वें नंबर पर है। क्यूबा अपने कुल बजट का 8.,6 % चिकित्सा सुविधा पर खर्च करता है। वहीं भारत में 3.8 प्रतिशत खर्च किया जाता है। सबसे बड़ा सवाल ये उठता है कि अगर क्यूबा जैसा छोटा सा देश अपने नारिकों का 100% फैसिलिटी दे सकता है तो भारत क्यों नहीं। 

                                                                                      नई दिल्ली से ज्योति सिंह


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