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Sunday ,16 Dec 2018

तीन साल बाद भी नही मिल रहा कब्जा, व्यापारी परेशान

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Reported by KNEWS

Updated: Mar 24-2018 11:26:37am

कानपुर : एक तरफ जंहा योगी सरकार अवैध कब्जा करने वालो के खिलाफ कार्यवाही करने की नसीहत दे रही है वहीं प्रदेश की सबसे बड़ी मंडी कानपुर चकरपुर मंडी में चबूतरा न0 6 पर अवैध कब्जा करने वाले शेरू एन्ड क0 सरंक्षण देकर योगी सरकार के आदेशो की धज्जियां उड़ा रही है।

 

ये मामला प्रदेश की सबसे बड़ी मंडी चकरपुर कानपुर की है जंहा पर 2015 में सचिव संतोष यादव ने मौजूद जिलाधिकारी के आदेश पर करीब 1 दर्जन चबूतरों का आवंटन किया था।

 

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जिसमे सुशील कुमार गुप्ता का भी हुआ था किंतु आवंटन लेटर तो मिल गया लेकिन 3 साल हो गए उस पर कब्जा नही मिला। सचिव संतोष यादव औऱ जिलाधिकारी का ट्रान्सफर हो गया। 3 साल से पिड़ित सुशील गुप्ता प्रति माह समय से सरकारी किराया जमा कर रहे है और आलाधिकारियों के चक्कर लगा रहे है पर कब्जा नहीं मिला।

 

पिड़ित जिलाधिकारी और सचिव निदेशक और उपनिदेशक के ऑफिस के चक्कर लगा लगाकर थक चुका है पर उसकी सुनने वाला कोई नही है। पूर्व सचिव संतोष से जब बात की गई तो उनका कहना है कि 2015 में जिलाधिकारी के आदेश पर आवंटन किया गया था जिसका किराया जमा किया जा रहा है इसलिये पिड़ित को कब्जा मिलना चाहिए।

 

अभी तक पिड़ित सुशील गुप्ता को चबूतरे का कब्जा क्यो नही दिया गया इसकी जानकारी मौजूदा सचिव से कीजिए। जब इसकी जानकारी मौजूदा सचिव संजय प्रजापति से की गई तो उन्होंने उस आवंटन को फर्जी बता दिया और कहा है कि इस आवंटन को रद्द किया जाएगा। जैसा कि मौजूदा सचिव संजय प्रजापति का कहना है कि ये सुशील कुमार गुप्ता का आवंटन फर्जी है तो  प्रति माह किराया किस आधार पर लिया जा रहा था। 

 

अगर ये आवंटन फर्जी है तो सुशील कुमार गुप्ता के नाम से सरकारी रसीदे क्यो काटी गयी और सरकारी रजिस्टर में उनके किराए की एंट्री क्यो की गई। एक सचिव संतोष यादव ने आवंटन किया जो इसे लीगल बता रहे है एक सचिव जो मौजूदा है सजंय प्रजापति उसे अनलीगल बता रहे है। इन दोनों अधिकारियों के बीच मे फंसे पिड़ित का क्या दोष है जिसका कारोबार खत्म होता नजर आ रहा है।

 

अब देखना ये है कि सिटी मजिस्ट्रेट जो मंडी सभापति है  इसकी जांच कैसे करते है क्योकि 2015 में चबूतरा न0 6 पर दर्जनों आवंटन हुए है जो जांच में फर्जी पाए जाएंगे। देखने वाली बात ये भी होगी की सिटी मजिस्ट्रेट जो मंडी सभापति है फर्जी आवंटन में दोषी अधिकारियों पर क्या कार्यवाही करते है। 

 
                                                                        कानपुर से कमलेश कुमार