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Monday, 22 October 2018

मकान गिरने से गरीब का आशियाना उजड़ा

Reported by KNEWS | Updated: Mar 24-2018 04:05:49pm


शामली : जनपद शामली के भवन थाना क्षेत्र के गांव कुतुबगढ़ निवासी सुखपाल पुत्र ज्ञान सिंह का मकान गांव के ही प्राथमिक विद्यालय के पास बना हुआ है। जिसके पीछे खेत है।

 

शुक्रवार की देर रात जब सुखपाल और उसका परिवार मकान के अंदर सो रहा था, तभी अचानक से मकान के पीछे की दीवार भरभराकर अचानक गिर गई जिसके कारण सुखपाल का तीन कमरों का मकान जमींदोज हो गया।

 

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अचानक हुए इस हादसे से पूरा परिवार सहम गया और मकानों में लेटे हुए सुखपाल की बेटी अलका और छोटी बाल-बाल बच गई। हादसे के दौरान पूरा परिवार बाहर आंगन में सोया हुआ था। मकान की छत व पिछली दीवार पीछे की तरफ जमींदोज हो गई जिसे कमरों में रखा फर्नीचर बेड कीमती सामान भी दीवार के नीचे दब गया।

 

सुखवाल ने हादसे की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी सुखपाल ने बताया कि गांव का प्रधान देवेंद्र का मकान के पीछे खेत हैं जिसमें ग्राम प्रधान देवेंद्र जानबूझकर उनकी दीवार के पीछे से नीव से मिट्टी हटा देता है और उसके बाद आए दिन उसमें आवश्यकता से अधिक पानी भर देता है। जिसके कारण मकान की नींव अचानक बैठ गई और मकान गिर गया।

 

मकान गिरने से गरीब सुखपाल का आशियाना उजड़ गया। सुखपाल ने बताया कि मकान के पीछे ग्राम प्रधान के खेत है। उसने दिवार के पास से मिट्टी हटाकर 5-6 दिन तक वहा कई फुट पानी भर दिया। जिससे मकान गिर गया है। कई बार प्रधान  को कहा लेकिन माने नही। हमारी गरीब आदमियों की कोई सुनवाई नही करता है। मकान गिरने की सूचना ग्राम प्रधान को फोन देने के लिए कई बार फोन किया लेकिन उन्होने फोन नही उठाया। 100 नम्बर पर सूचना दी। उन्होने आकर प्रधान से फोन पर बात की।

 

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उनके कहीं बाहर होने की बात कहकर 2 बजे के बाद आने की बात कही है। सुखपाल मकान गिरने से लगभग डेड लाख रुपयों का नुकसान हो गया। सुखपाल के पास ही पड़ोस में आधादर्जन मकान है जो कभी भी जमींदोज हो सकते है। जिससे कोई बड़ा हादसा कभी भी हो सकता है। सुखबीर मेहनत मजदूरी करके जैसे-तैसे अपने परिवार का लालन-पालन कर रहा है लेकिन ग्राम प्रधान के कारण उसके मकान का अचानक से गिर जाना उसके लिए किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं है।

 

ग्राम प्रधान ने अपनी हठधर्मिता के चलते उनके मकान जानबूझकर गिराकर उनका घर उजाड़ दिया गया। पीडित सुखपाल की मां ने बताया कि उनके पास जैसे तैसे यह कच्चा मकान था, वह भी गिर गया अब परिवार के सर से छत भी उठ गई कोई मदद करने वाला नहीं है। कैसे मकान बनेगा ग्राम प्रधान को कई बार ऐसा न करने के लिए रोका गया लेकिन ग्राम प्रधान ने अपनी हठधर्मिता के चलते उनके मकान जानबूझकर गिराकर उनका घर उजाड़ दिया।

 

भारत सरकार सबको पक्का मकान देने का वायदा कर रही है लेकिन अभी तक कच्चे मकान होने के बाद भी ग्राम प्रधान या ग्राम सचिव को गांव में कच्चे मकान दिखाई नहीं दे रहे है और खुद ग्राम प्रधान हठधर्मिता के चलते उनके मकान जानबूझकर गिराकर उनका घर उजाड़ दिया गया। सबको पक्का घर देने का वादा करने वाले दावे किताबी साबित हो रहे है।

 

                                                                            शामली से पंकज प्रजापति


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