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भारत की आक्रामक तैयारी

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Reported by KNEWS

Updated: Mar 27-2018 11:15:33am

नई दिल्ली : भारत हर कीमत पर अपनी सीमा की सुरक्षा चाहता है। हाल ही में भारत दुनिया में सबसे ज्यादा हथियार आयात करने वाला देश बना। देश की रक्षा से जुड़ी एक खबर आ रही है जिससे माना जा रहा है कि इससे देश रक्षा के क्षेत्र में और मजबूत होगा।

 

 भारत ने इजराइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज / राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम को अतिरिक्त बराक -1 शॉर्ट-रेंज सतह-टू-एयर मिसाइल (एसएएम) की आपूर्ति के लिए अनुबंधित किया है। बताया जा रहा है कि 69 अरब डॉलर (USD 70.5 मिलियन) मूल्य वाला अनुबंध, भारतीय नौसेना (आईएएनएस) को दिया गया।

 

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जानकारों का मानना हे कि भारत और चीन की सीमा जहां -जहां लगती है वहां चीन ने तो सीमा तक सड़क बना लिया है लेकिन भारत इस मामले में उतना कामयाब नही हो पाया है। जिसके कारण भारत इन शार्ट मिड रेंज मिसालइलो की मदद से चीन और पाकिस्तान पर अपना दबाब बनाने की कोशिश में जो समय के हिसाब से बहुत जरूरी है।

 

या यू कहे कि भारत इन मिसालइलों की मदद से चीन और आए दिन LOC ( लाईन अॉफ कन्ट्रोल) पर पाकिस्तान की नापाक हरकतों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए इन मिशाइलो की खरीद कर रहा है। रक्षा के जानकार मानते हे कि ये पाकिस्तान के खिलाफ एक छोटी जंग छेड़ने की तैयारी है।मिली जानकारी के अनुसार रक्षात्मक मिसाईलों को ध्यान में रखते हुए 131 बारक -1 शिप बर्न देखेंगे। रक्षा मंत्रालय ने 20 मार्च के बचान में इस बात की घोषणा की थी।

 

इसके अलावा अधिग्रहण को जनवरी में मंत्रालय द्वारा मंजूरी दे दी गई थी। जानकारी ये भी सामने आ रही है कि इससे पहले अप्रेल 2017 में रक्षा मंत्रालय के रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने इनके लिए यूएसबी अरब के 100 बराक -1 एसआर-एसएएम के आयात को मंजूरी दे दी थी। लेकिन कहा जा रहा हे कि इसके बाद कोई अनुबंध नहीं हुआ था। इसके अलावा इससे पहले,अक्टूबर 2014 में, रक्षा मंत्रालय ने बराक -1 के अधिग्रहण के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे।

 

                                                                नई दिल्ली से आशीष साह