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सलमान को जेल, 5 साल की सजा 10 हजार जुर्माना

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Reported by KNEWS

Updated: Apr 05-2018 11:50:26am

नई दिल्ली : जोधपुर कोर्ट ने काला हिरण केस में फैसला सुनाते हुए सलमान खान को 5 साल की सजा सुनाते हुए 10 हजार का जुर्माना भी लगाया है। जहां सलमान कोर्ट से सीधे जोधपुर जेल जाएंगे। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं केस में अभिनेता सैफ अली खान, अभिनेत्री तब्बू, सोनाली बेंद्र और नीलम को कोर्ट ने बाइज्जत बरी कर दिया है। सलमान खान पर शिकार मामले में 3 केस और आर्म्स एक्ट में 1 केस दर्ज है।

 

सलमान खान के वकील कम सजा के लिए जिरह कर रहे हैं। उनके वकील ने कहा है अगर तीन साल से ज्‍यादा की सजा होती है तो जमानत के लिए ऊपरी अदालत में जाएंगे। सलमान खान को इस मामले में छह साल की सजा हो सकती है। सलमान पर आरोप है कि उन्होने दो काले हिरणों का शिकार करने और बाकी को उकसाने का आरोप लगा है।

 

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जोधपुर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देव कुमार खत्री ने वर्ष 1998 में हुई इस घटना के संबंध में बीते 28 मार्च को मामले की सुनवाई पूरी हो जाने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने फैसला सुनाने की तारीख पांच अप्रैल मुकर्रर करते हुए सभी आरोपियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए थे। 


पूरा मामला कब शुरु हुआ :

 

1998 को फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं'  की शूटिंग के दौरान सलमान समेत अन्य आरोपी जिप्सी पर घूमने गए जहां उन्होने जोधपुर के नजदीक गांव कांकाणी सहित तीन अलग-अलग स्थानों पर हिरणों का शिकार किया। जिसके बाद 2 अक्तूबर 1998 को बिश्नोई गांव के लोगों ने सलमान व अन्य के खिलाफ केस दर्ज कराया जिसके बाद 12 अक्तूबर 1998 को सलमान को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन उन्हें जमानत मिल गई। 10 अप्रैल 2006 को ट्रायल कोर्ट ने चिंकारा शिकार केस में सलमान को दोषी ठहराया गया और उन्हें 5 साल की सजा दी गई।

 

31 अगस्त 2007: राजस्थान हाई कोर्ट ने चिंकारा शिकार मामले में सलमान को पांच साल की सजा सुनाई। एक हफ्ते बाद सलमान की अपील पर यह सजा सस्पेंड कर दी गई। सलमान खान ने एक सप्ताह का यह वक्त जोधपुर जेल में बिताया। बाद में हाई कोर्ट ने आर्म्स ऐक्ट के केस में भी सलमान को बरी कर दिया। 24 जुलाई 2012: राजस्थान हाई कोर्ट की बेंच ने काले हिरण के शिकार मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए। इसके बाद मामले में ट्रायल की राह खुली। 9 जुलाई 2014: राजस्थान सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सलमान खान को नोटि जारी किया। राजस्थान सरकार ने हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसके तहत सलमान की सजा को सस्पेंड किया गया था।

 

25 जुलाई 2016: राजस्थान हाई कोर्ट ने घोड़ा फार्म हाउस और भवाद गांव चिंकारा शिकार केस में सलमान खान को बरी कर दिया। हाई कोर्ट ने कहा कि इसके सबूत नहीं हैं कि सलमान की लाइसेंसी बंदूक से ही शिकार किया गया। 19 अक्टूबर 2016: राजस्थान सरकार ने हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की। दरअसल 18 अक्टूबर 2016 को इस मामले में 10 साल से लापता गवाह हरीश दुलानी सामने आ गया। दुलानी ने दावा किया वह अपने पुराने बयान पर कायम है कि उसने सलमान को शिकार करते देखा है। राजस्थान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दुलानी के इसी बयान को आधार बनाया।

 

11 नवंबर 2016: राजस्थान सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट मामले की सुनवाई को फास्ट ट्रैक करने के राजी हो गया। 15 फरवरी 2017: सलमान खान के वकील ने सबूत पेश करने से इनकार कर दिया। इससे पहले 27 जनवरी को बयान की रिकॉर्डिंग के दौरान सलमान खान ने खुद को निर्दोष बताते हुए सबूत पेश करने की इच्छा जताई थी।

 

बाद में उनके वकील ने कहा कि सबूत पेश करने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि उन्हें बेकसूर बताए जाने वाले सारे सबूत कोर्ट में पहले ही पेश किए जा चुके हैं। तब एक मार्च से इस मामले का ट्रायल शुरू होना था।  28 मार्च 2018: इस मामले में ट्रायल कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई। चीफ जूडिशल मैजिस्ट्रेट देव कुमार खत्री ने अपना फैसला सुरक्षित रखा।

                                                                                नई दिल्ली से ज्योति सिंह