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Friday, 22 June 2018

‘पुलिस सप्ताह-2018’ सम्मेलन समारोह में सीएम योगी

Reported by KNEWS | Updated: Apr 07-2018 10:35:42am


लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्तमान सरकार आमजन को बेहतर कानून-व्यवथा देने के लिए प्रतिबद्ध है। सत्ता में आते ही राज्य सरकार द्वारा अपराधमुक्त एवं भ्रष्टाचारमुक्त प्रदेश बनाने के लिए गम्भीरता से कार्य शुरू किया गया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, देश का सर्वाधिक जनसंख्या वाला राज्य है। इतनी विशाल आबादी वाले राज्य में कानून-व्यवस्था एवं अपराधों पर नियंत्रण बनाये रखने के लिए पुलिस को मानवीय दृष्टिकोण के साथ काम करना चाहिए। जन सहयोग के माध्यम से किसी भी अप्रत्याशित घटना को रोका जा सकता है।

 

मुख्यमंत्री ने ‘पुलिस सप्ताह-2018’ के अवसर पर आयोजित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होने कहा कि विगत एक वर्ष में पुलिस की कार्य प्रणाली में सकारात्मक बदलाव आया है, जिसके परिणाम भी दिख रहे हैं। अब अपराधियों में पुलिस का भय दिखने लगा है, जो एक सभ्य समाज के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अच्छी कानून व्यवस्था के कारण ही ‘यू0पी0 इन्वेस्टर्स ’समिट-2018 में उद्योगपतियों और निवेशकों ने यहां अपनी रूचि दिखायी। 

 

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योगी ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से फील्ड में कार्यरत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को राज्य मुख्यालय के उच्चाधिकारियों के साथ विचार-विमर्श करने का अवसर मिलता है। यह एक ऐसा अवसर है जिसमें पुलिस के समक्ष उत्पन्न हो रही चुनौतियों आदि के सम्बन्ध में चिन्तन-मनन किया जाता है। साथ ही, उनका मूल्यांकन कर उनके निवारण के सम्बन्ध में पुलिसिंग की भावी दिशा भी तय की जाती है। राज्य सरकार की नीति है कि अपराधी चाहे जितना भी सशक्त और प्रभावशाली हो, उसे हर हालत में कानूनी शिकंजे में लाकर दण्डित कराने में कभी भी संकोच नहीं किया जाएगा। परिणामस्वरूप वर्तमान में उत्तर प्रदेश मेें कानून का राज स्थापित हुआ है और अपराध डकैती, हत्या, लूट आदि में काफी कमी आयी है। 

 


सरकार महिलाओं एवं छात्राओं की सुरक्षा को लेकर संवेदनशील है। इसीलिए महिलाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण हेतु ‘एण्टी रोमियो स्क्वाॅड’ का गठन कर अभियान चलाने की व्यवस्था की गई। प्रदेश की आम जनता के बीच सुरक्षा की भावना जागृत करते हुए पुलिस की मित्र छवि बनाए जाने एवं अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही किए जाने के उद्देश्य से, प्रतिदिन चेकिंग आदि की कार्यवाही के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों द्वारा कम से कम 60 मिनट फुट पेट्रोलिंग की जा रही है, जो सराहनीय है। 

 

 

प्रदेश में राष्ट्रपति जी, उपराष्ट्रपति जी, प्रधानमंत्री जी व अनेक विदेशी राष्ट्राध्यक्षों का भ्रमण सकुशल सम्पन्न हुआ है। इसके साथ ही, पुलिस ने प्रदेश में नगर निकाय सामान्य चुनाव-2017 एवं विभिन्न त्योहार और मेले आदि भी सकुशल एवं शांतिपूर्वक सम्पन्न कराये हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक एवं मानव जनित आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों हेतु वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा ‘राज्य आपदा मोचन बल’ (एस0डी0आर0एफ0) का गठन किया गया है। यह एक ऐसा बल है, जो आपातकालीन परिस्थितियों में सेवाएं देने का काम करेगा। 

 

 

संगठित अपराधियों के विरुद्ध कड़ी व प्रभावी कार्यवाही के लिए राज्य सरकार ‘यूपीकोका कानून‘ लाने जा रही है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध एक नई चुनौती के रूप में हम सबके सामने है। इस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस को तकनीकी दक्षता की आवश्यकता है। राज्य सरकार द्वारा साइबर अपराधों की प्रभावी रोकथाम हेतु राजधानी लखनऊ एवं जनपद गौतमबुद्धनगर में साइबर थानों की स्थापना की गयी है। उन्होंने कहा कि समाज व राष्ट्र विरोधी तत्वों द्वारा सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर कानून-व्यवस्था सम्बन्धी गम्भीर समस्याएं पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है, इससे निपटने के लिए सोशल मीडिया पर निरन्तर निगरानी करते हुए प्रभावी कार्यवाही की जरुरत है। 

 

हमारी सरकार प्रदेश की जनता को उत्कृष्ट और त्वरित पुलिस सेवा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसे ध्यान में रखकर किसी भी आकस्मिकता की स्थिति में न्यूनतम समय में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए, प्रदेश स्तरीय पुलिस इमरजेन्सी प्रबन्धन प्रणाली ‘डायल-100’ परियोजना को और सुदृढ़ किया जा रहा है। शहरों की तंग गलियों की आवश्यकता को देखते हुए प्रदेश सरकार ने 3400 चार-पाहिया वाहनों के अतिरिक्त 1600 दो-पहिया वाहनों को भी इस प्रणाली से जोड़ा है। 

 

राज्य सरकार पुलिस के मनोबल को बढ़ाने के उद्देश्य से पुलिस बल को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। अच्छा कार्य करने वाले पुलिस कर्मचारियों के उत्साहवर्धन हेतु राज्य सरकार द्वारा प्रशंसा चिन्ह की संख्या को 200 से  बढ़ाकर 950 किया गया है। सेवा काल के दौरान वीरतापूर्ण कार्य करते हुए शहीद होने वाले पुलिस कर्मियों के परिजनों की अहेतुक सहायता राशि में वृद्धि करते हुए इसे 20 लाख रुपए से बढ़ाकर 40 लाख रुपए कर दिया गया है। इसके अलावा, शहीद पुलिस कर्मियों के माता-पिता को दी जाने वाली सहायता को भी 5 लाख रुपए से बढ़ाकर 10 लाख रुपए कर दिया है। 

 


मृतक कर्मियों के आश्रितों को असाधारण पेंशन तथा दिवंगत पुलिस कर्मी की मृत्यु की तिथि से विलम्बतम 03 माह के अन्तर्गत सेवायोजन का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गये हैं। पुलिस कर्मियों के होनहार बच्चों की शिक्षा के लिए भी वित्तीय अनुदान दिया जा रहा है। इसके अलावा, पुलिस कर्मियों को लाइलाज बीमारियों के उपचार हेतु एस0जी0पी0जी0आई0 एवं जीवन रक्षा निधि में पर्याप्त धनराशि की व्यवस्था की गई है। पुलिस कर्मियों को निजी भवन निर्माण हेतु अग्रिम धनराशि भी प्रदान की जा रही है।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक ओ0पी0 सिंह ने कहा कि अच्छी कानून व्यवस्था विकास की धुरी होती है।

 

इस प्रकार के आयोजनों से अधिकारियों को अपने अनुभव साझा करने का अवसर प्राप्त होता है, जिससे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली से आमजन का पुलिस पर विश्वास बढ़ा है। इससे पूर्व पुलिस महानिदेशक ओ0पी0 सिंह ने मुख्यमंत्री को एक स्मृति चिन्ह भेंट किया। 
इस अवसर पर मुख्य सचिव राजीव कुमार, प्रमुख सचिव गृह अरविन्द कुमार सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। 

                                                                                            लखनऊ से आलोक शुक्ला


 


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