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Tuesday, 19 June 2018

इनाम राशि के लिए दर -दर ठोकरें खा रही खिलाड़ी

Reported by KNEWS | Updated: Apr 15-2018 12:15:33pm


रेवाड़ी : हौसले बुलंद हो तो फिर  किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है और मुकाम हासिल कर लिया जाए तो फिर इनाम की राशि पाने के लिए अधिकारियों के चक्कर भी काटने पड़ सकते हैं।

 

यह भी तब जब प्रदेश के मुखिया खिलाड़ियों को दो लाख का बॉन्ड दे चुके हो।  ऐसा ही कुछ रेवाड़ी जिले के गांव बेहाला की रहने वाली कबड्डी की नेशनल खिलाड़ी प्रिया के साथ हो रहा है।

 

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खेल विभाग के अधिकारियों ने शून्य का ऐसा फेर चलाया कि प्रिया को मिलने वाले ₹200000 उसके अकाउंट में नहीं पहुंच पाए 2 वर्ष भाग दौड़ करने के बाद  भी वह अपनी इनाम की राशि पाने के लिए दर-दर ठोकरें खा रही है लेकिन कोई भी अधिकारी उसे यह नहीं बता पा रहा कि आखिर उसकी गलती क्या है। रेवाड़ी जिले  रेवाड़ी जिले के बहाला की रहने वाली प्रिया  जो गुरुग्राम के सेक्टर 14 स्थित सरकारी गर्ल्स कॉलेज में बीएससी सेकंड ईयर की छात्रा है।

 

प्रिया का रुझान शुरू से ही कबड्डी के खेल में रहा है। कबड्डी में हाथ आजमाते हुए उसने कई अवार्ड भी अपने नाम किए। पहले ग्रामीण ,जिला व प्रदेश स्तर पर हाथ आजमाया और फिर 2015 में एक दिन ऐसा आया कि प्रिया को नेशनल लेवल पर खेलने का मौका मिला 14 से 18 जनवरी 2015 को तमिलनाडु में 62 वी सीनियर नेशनल कबड्डी खेल प्रतियोगिता हुई इस प्रतियोगिता में हरियाणा प्रदेश की टीम भी खेलने गई और इस  टीम में प्रिया को भी  खेलने का मौका मिला। सभी खिलाड़ियों ने प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए अपना पसीना बहाया गया तथा द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

 

महिला खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से गदगद प्रदेश सरकार ने भी उन पर घोषणाओं की बौछार कर दी। लेकिन यह घोषणाएं जमीनी स्तर पर लागू नहीं हो पाई। खिलाड़ियों के सम्मान में गुरुग्राम में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया और उसमें सभी 11 खिलाड़ियों को इनाम राशि का बॉन्ड दिया गया बॉन्ड मिलने के बाद खिलाड़ियों के हौसले और ज्यादा बुलंद हो गए लेकिन उसके हौसले ने उस समय दम तोड़ दिया जब उन्हें मिला बांड मात्र कागजी दिखने लगा। कबड्डी के खिलाड़ी प्रिया का कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही से उन्हें विभाग के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

 

उन्होंने कहा कि अधिकारी प्रदेश सरकार के नारे की भी हवा निकालने में लगे हैं। एक तरफ मुख्यमंत्री मेडल लाओ इनाम राशि पाओ की घोषणा कर रहे हैं। वहीं मेडल लाकर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। जब  खेल विभाग में जाकर कारण जानने का प्रयास किया गया तो कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक नदारद थे।

 

लेकिन उन्होंने  फ़ोन पर इतना जरूर बताया कि विभाग ने एक करोड़  रुपए का बजट बनाकर सरकार के भेजा था लेकिन गलती से मिस प्रिंट होने के कारण यह राशि 10 लाख रुपए हो गई। इसीलिए खिलाड़ियों को चक्कर काटने पड़ रहे हैं। कुछ भी हो प्रिया ने इन ₹200000 को पाने के लिए एक चौथाई राशि से अधिक  किराया और भाड़े में खर्च कर दी के बाद भी अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंगी। अब देखना होगा कि क्या प्रिया को इनाम की राशि मिल पाएगी या यह बांड मात्र कागजी बांड ही बनकर रह जाएगा। 


                                             

                                                                                        रेवाड़ी से प्रेम भारद्वाज

                                                    


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