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Sunday, 21 October 2018

केदारपुरी बनेगा स्मार्ट

Reported by KNEWS | Updated: Apr 15-2018 02:40:44pm


देहरादून : 2013 की आपदा में पूरी तरह से तबाह हुए बाबा केदार को बसाने का काम लगभग अंतिम चरण पर है। इस बार की यात्रा में आने वाले यात्रियों को ना केवल सुखद यात्रा का अनुभव होगा बल्कि वह हाईटेक केदार यानी स्मार्ट केदार के दर्शन करेंगे।

 

राज्य सरकार और केंद्र सरकार की तरफ से पूरा फोकस इस बार चार धाम यात्रा में सबसे ज्यादा केदारनाथ पर ही है और शायद यही कारण है कि मुख्य सचिव उत्पल कुमार से लेकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार बाबा केदारनाथ में चल रहे कामों का जायजा ले रहे हैं।

 

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जैसे ही भक्त गौरीकुंड से बाबा केदारनाथ के लिए चढ़ाई करेंगे तो वह देखेंगे कि अब तक सड़क किनारे खड़े बिजली के खंबे और झूलते तार भक्तों को नजर नहीं आएंगे। जिला प्रशासन ने केदारनाथ में तमाम बिजली की लाइनों को अंडरग्राउंड कर दिया है। मंगेश घिल्डियाल कहते हैं कि यात्रा के दौरान पहले ऐसा कई बार होता है कि अधिक बर्फबारीया बारिश के कारण जगह-जगह से बिजली के खंबे या तो टूट जाते थे या फिर किसी कारणों से तार झूल जाते थे लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। मंगेश की मानें तो यह काम लगभग 50% हो चुका है। 

 

जून महीने तक यह काम पूरा हो जाएगा बिजली के साथ-साथटेलीफोन की लाइनें भी अंडर ग्राउंड करवा दी गई है। जिला प्रशासन की माने तो केदारनाथ के सामने बनने वाले बाजार को भी बेहद हाईटेक बनाया गया है। इस बार व्यवस्थित तरीके से केदारपुरीमें हाट बाजार लगेंगे जो ना केवल भीड़ में किसी तरह की कोई दिक्कत है नहीं आने देंगे। साथ ही भक्तों को उस बाजार में घूम कर अच्छी अनुभूति की प्राप्ति होगी। केदारनाथ में बारिश के वक्त में अगर लाइट जाती है तो पलक झपकते ही वह दोबारा भी आ जाएगी।

 

इस तरह की व्यवस्थाएं भी की गई हैं यात्रियों के रुकने के लिए खास व्यवस्थाएं हैं। खाने पीने से लेकर तमाम उन सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है जो भक्तों से जुड़ी हैं। इसके साथ ही इस बार यात्रा में भक्तों को बाबा केदारनाथ धाम तक पहुंचाने वाले घोड़े खच्चरों के साथ -साथ उनके मालिकों को भी हाईटेक बनाया गया है। इस बार घोड़े खच्चरों के सर पर एक ऐसा यंत्र लगाया जाएगा जो ना केवल उनकी लोकेशन बताएगा बल्कि यह भी बताएगा कि खच्चर ठीक से चल रहा है या नहीं।

 

इसके साथ ही उसके साथ चल रहे खच्चर स्वामी के गले में भी एक विशेष तरह का कार्ड डाला जाएगा जो यह निर्धारित करेगा कि यह खच्चर कितने चक्कर लगा चुका है और इस वक्त कहां पर है। उस कार्ड में खच्चर की संख्या खर्चा स्वामी का नाम और उसका पूरा पता होगा। 

                             

                                                                देहरादून से अजय  पाण्डेय


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