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Friday, 17 August 2018

बिना सोना खरीदे मनाएं अक्षय तृतीया

Reported by KNEWS | Updated: Apr 18-2018 03:47:55pm


नई दिल्ली : भारत में अक्षय तृतीया पर्व का विशेष महत्व है। अक्षय तृतीया को अखाती तीज भी कहते हैं। इस पर्व को बेहद शुभ माना जाता है और इसलिए अक्षय तृतीया पर लोग सोने की खरीदारी करते है। माना जाता है की इस दिन खरीदा गया सोना अखंड सौभाग्य का प्रतीक होता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन किसी भी काम में लगाई गई पूंजी दिन दूनी और रात चौगुनी बढ़ती है और कारोबार फलता-फूलता है।

 

 

ये भी माना जाता है कि इस दिन खरीदा गया सोना कभी समाप्त नहीं होता है। विवाह, मुंडन या कोई भी सुभ कार्य अक्षय तृतीया के दिन करना सुभ माना जाता है। लेकिन इंडिया जैसे देश मे जहां आधे से ज्यादा आबादी गरीबी रेखा के नीचे हो क्या ऐसे देश में हर किसी के लिए सोना खरीदने पॉसिबल होता है??? क्या गरीब लोग भी और कुछ उपाय कर के अपने ज़िन्दगी को सफल बना सकते है।

 

 

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और वही उपाय जानने के लिए हमने बात की वस्तुक आचार्य आशा गोयल से। उनका कहना है कि अक्षय का मतलब है कि जिसका कोई आंत नही होता। जबतक हमारा धरती है इसका आंत नही होगा। अक्षय तृतीया के दिन कोई भी काम शुरू करेंगे तो वो बहुत फलकारी होगा। इस दिन सोना खरीदना भी एक हद तक ठीक है लेकिन जो लोग सोना affort नहीं कर सकते उनके लिए भी एक उपाय है। समृद्धि के लिए सब एक पीतल के बर्तन ले उसके अंदर चावल या पोहा रखे और बर्तन को पूर्व दिशा में रख दे।

 

 

सुबह से शाम तक बर्तन को रखा रहने दे और शाम को उसमे से थोड़ा सा चावल या पोहा बना के खा ले और बाकी चावल अपने किचन में रख दे। और देखे के पूरे साल धन कैसे बढ़ता है। युधिष्टिर को कृष भगवान ने पीतल का थाल दिया था और कहा था कि इस बर्तन का अनाज कभी खत्म नही होगा, हमेशा अक्षय रहेगा। इस लिए अक्षय तृतीया के दिन हम पीतल का थाल इस्तेमाल करते है।

 

 

अक्षय के दिन ही द्रोपदी का चिर हरण होरहा था जिस दिन कृष भगवान ने द्रोपदी को कभी खंड न होने वाला साड़ी प्रदान किया था जो दुर्योधन और दुस्साशन के लाख प्रयास के बाद भी साड़ी नही निकाल पाए। आम तौर पर कोई भी ये उपाय कर सकता है। समें किसी तिथि या मुहूर्त की जरूरत नहीं है।  

 

 

अक्षय तृतीया पर किए गए कार्यों का कई गुना फल प्राप्‍त होता है। इस साल अक्षय तृतीया पर शनि की चाल बदलना भी एक विशेष घटना है जिसका प्रभाव सभी राशियों पर अगले 6 महीने तक देखने को मिलेगा। 

 

                                                                          नई दिल्ली से प्राक्षी मिश्रा

 


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