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Friday, 22 June 2018

दावें कुछ पर हकीकत कुछ और ही

Reported by KNEWS | Updated: Apr 20-2018 01:00:58pm


रुद्रप्रयाग : चारधाम यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों के वाहनों के चक्के इस बार अनावश्यक नहीं रुक पायेंगे, ऐसा शासन-प्रशासन का मानना है। रुद्रप्रयाग जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ ही वैकल्पिक मार्गों को आवागमन के लिए दुरुस्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

 

दरअसल, वर्षाकाल के दौरान अक्सर राजमार्ग बाधित हो जाता है, जिससे यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है, लेकिन इस बार जिले के चार वैकल्पिक मार्गों को पूरी तरह से आवागमन के लिए तैयार करने का दावा किया गया है।

 

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केदारनाथ, बद्रीनाथ, हेमकुण्ड साहिब, गंगोत्री एवं यमुनोत्री को जोड़ने वाले मार्ग जिले की सीमा के अंर्तगत आते हैं। जिनमें ऋषिकेश-बद्रीनाथ-माणा राष्ट्रीय राजमार्ग और रुद्रप्रयाग-गौरीकुण्ड हैं। प्रशासन का दावा है यदि, संयोगवश राजमार्ग किन्हीं कारणों से बाधित होते हैं, तो आवागमन के लिए पौडी-खिर्सू-खांकरा, खांकरा-छांतीखाल, टिहरी-घनसाली-तिलवाड़ा एवं मयाली-गुप्तकाशी मोटरमार्गों को दुरस्त कर दिया गया है।

 

मोटरमार्गों के संवेदनशील स्थानों पर कर्मचारियों की संख्या बढ़ा दी गई है और जेसीबी भी तैनात कर दिये गये हैं।  मगर शासन-प्रशासन के लाख दावों के बावजूद हकीकत कुछ और ही है। रुद्रप्रयाग-गौरीकंुड राष्ट्रीय राजमार्ग अभी भी कई जगहों पर खस्ताहाल बना हुआ है। राजमार्ग के बांसबाड़ा, कुंड, फाटा, रामपुर, सीतापुर में बुरे हाल है। यहां पर तीर्थ यात्रियों को आवागमन में भारी दिक्कतें झेलनी पड़ सकती हैं।

 

इसके अलावा ही इन दिनों आॅल वेदर का कार्य भी चल रहा है।  मगर यह कार्य धीमी गति होने से लगता नहीं कि यात्रा से पूर्व कुछ भी सही तरीके से हो पायेगा। जिस तरीके से सड़क को काटा जा रहा है, उससे यही लग रहा है बरसात में काफी दिक्कतें पैदा हो जायेंगी। देश-विदेश से आने वाले तीर्थ यात्रियों को इस बार की यात्री काफी संभलकर करनी पड़ेगी।

 

बरसात के दिनों में राष्ट्रीय राजमार्ग के हालत खस्ता हो जायेंगे, क्योंकि आॅल वेदन का कार्य अभी-अभी शुरू हुआ है। ऐसे में कच्चे मार्ग पर चलना किसी खतरे से खाली नहीं होगा। इसके अलावा डेंजर जोनों का निस्तारण भी राष्ट्रीय राजमार्ग लोनिवि खण्ड नहीं कर पाया है। आपदा को गुजरे पांच साल का समय होने जा रहा है और अभी तक डेंजर जोनों का समाधान नहीं किया गया है।

 

ऐसे में यात्रियों को जान हथेली पर रखकर सफर करना होगा। एक ओर इस बार यात्रा के काफी बढ़ने के आसार नजर आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आधी-अधूरी व्यवस्थाओं के बीच यात्रा शुरू होगी। जिसमें कोढ़ में काज का काम करने जा रहा है। आॅल वेदर रोड़ का कार्य कछुवे की चाल से हो रहा है। ऐसे में जनता भी परेशान है। राष्ट्रीय राजमार्ग के अलावा वैकल्पिक मार्गों की भी दयनीय स्थिति है। इन मार्गों पर सुरक्षा के कोई खास इंतजाम नहीं है। 

                                     

                                                                    रुद्रप्रयाग से रोहित डिमरी


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