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Thursday ,13 Dec 2018

6 लोगों को निगल गया नाला

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Reported by KNEWS

Updated: Apr 21-2018 10:55:08am


गाजियाबाद : गाजियाबाद में नेशनल हाईवे 24 के किनारे का नाला मौत का नाला बन गया। जो 6 लोगों की जिंदगी निगल गया। हादसा विजयनगर इलाके में अकबरपुर बेहरामपुर के पास हुआ।

 

दरअसल नेशनल हाईवे 24 पर जाम लग रहा था और टाटा Sumo  में 12 लोगों का यह पूरा परिवार एक शादी में शरीक होने के लिए जा रहा था । ड्राइवर ने नेशनल हाईवे 24 के किनारे से गाड़ी को बैक करके दूसरे रास्ते से ले जाने की कोशिश की।

 

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लेकिन गाड़ी बैक करते समय ही नेशनल हाईवे 24 के किनारे करीब 20 फुट नीचे के नाले में गाड़ी जा गिरी और पूरा परिवार उस में फंस गया ।करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद गाड़ी को बाहर निकाला जा सका। जिसमें से एक बच्चा और एक महिला समेत छह लोगों की मौत हो गई। चश्मदीदों का आरोप है कि पुलिस को फोन मिलाने पर पुलिस काफी देरी से आई और 100 नंबर पर कॉल भी नहीं लग पाया।

 

जिसकी वजह से यह मौतें हुई हैं । बचे हुए घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है । घटना के बाद शादी में जा रहा परिवार मातम के दौर से गुजर रहा है। सभी मृतक और घायल मूल रूप से रुद्रपुर के रहने वाले हैं और खोड़ा में एक शादी में शरीक होने के लिए जा रहे थे। लेकिन उससे पहले ही हादसा हो गया। मौके पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की क्रेन ने आकर गाड़ी को बाहर निकाला क्योंकि नाला काफी गहरा था। नेशनल हाईवे 24 के किनारे किसी तरह का चिन्ह नहीं था जो इस बात को दर्शाएं की नीचे नाला है और ना ही नेशनल हाईवे 24 के किनारे कोई दीवार थी।

 

भारी पुलिस बल इलाके में लगाया गया है क्योंकि हालात संवेदनशील बन गए हैं। पुलिस का कहना है कि 10 से 12 लोग गाड़ी में सवार थे । जिनमें एक बच्चा भी शामिल था। मरने वालों में 60 साल के ओम प्रकाश,  55 साल की  महिला , 30 साल की रीना ,  5 साल की अंशिका , 17 साल की ऋतु , और 28 साल की मधु और एक अन्य शामिल है । बताया जा रहा है कि अभी तक 5 वर्ष की अंशिका नहीं मिली है।

 

 जिसकी लाश नाले में होने की आशंका है।जाहिर है एक परिवार जो शादी में जा रहा था, अब उसके घर में मातम छा गया है। किसी को नहीं पता था कि जाम से बचने के लिए जो गाड़ी बैक की जा रही है।  वह नेशनल हाईवे 24 के मौत के नाले की तरफ ले जाएगी।  इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है और पुलिस की देरी का जिम्मेदार कौन है? यह दोनों सवाल बहुत बड़े हैं। अगर पुलिस वक्त रहते आ जाती ,तो शायद 6 में से भी कुछ जानें बचाई जा सकती थी ।