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Wednesday, 15 August 2018

मौलानाओं का फरमान

Reported by KNEWS | Updated: Apr 22-2018 11:55:39am


शामली  : शामली के मौलानाओं ने मीटिंग कर एक सराहनीय फैसला लिया है। जिस तरह से आधुनिक समाज मे फिजूलखर्ची और दिखावे के चलन बहुत तेजी के साथ बढ़ रहा है  डीजे पर डांस ,फायरिंग, और जमकर हुड़दंग किया जाता है ,जिससे कई बार बड़े बड़े हादसे भी हो जाते है।

 

उन तमाम चीजो पर रोक के लिए शामली के मौलानाओं ने एक मीटिंग बुलाई। शामली के मौलानाओं ने फिजूल खर्ची और शादियों में डीजे पर रोक के लिए सरहानीय कदम उठाया है।

 

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मीटिंग का आयोजन करने वाले शाही इमाम ने बताया कि इस्लाम में गाना बजाना गलत ठहराया गया इस्लाम धर्म के पैगम्बर नबी ए करीम सलल्ललाहु एलैइही वसल्लम ने फरमाया की इस्लाम में बेफिजूल की खर्ची और शादी विवाहों मे गाना बजाना या सुनना गलत है। अगर शामली मे किसी भी शादी मे डीजे बजेगा तो शामली के काजी उसकी शादी में शरीक नही होंगे और ना ही उनका निकाह पढ़ाएंगे।

 

हालांकि मौलानाओं का ये भी मानना है अगर शादी में डीजे पर खर्च होने वाले पैसे को बच्चो की तालीम मे लगाया जाए तो बच्चो को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी..वो लोगो को इन सब से बचने के लिए जागरूक भी करेंगे..और अगर उनका फरमान नही माना जाता तो वो ऐसे लोगो का बायकॉट करेंगे और ऐसे लोगो का निकाह पढ़ाने से खुद को बचाएंगे। मौलानाओं ने ऐलान किया है कि जो शख्स अपनी शादी में डीजे बजाएगा या फिजूल खर्च करेगा मौलाना अब उसका निकाह नही पढ़ाएंगे।

 

अगर शादी में डीजे बजेगा तो मौलानाओं ने निकाह पढ़ाने से साफ इंकार कर दिया है। वहीं विवाह में दिखावा और फिजूल खर्ची अगर की तो तब भी मौलाना निकाह नामा नही करेंगे। मौलानाओं ने ये पहल गरीब तबके के उत्थान के लिए की है। मौलानाओं का कहना है कि जिस रकम से शादी में डीजे बजवाया जाता है। उसे डीजे पे न खर्च किया जाए बल्कि उस पैसे से गरीब बच्चों की शिक्षा,तालीम पर खर्च किया जाए  जिससे गरीब बच्चे भी पढ़े और कामयाब इंसान बने।

 

वहीं साथ ही शादी में लाखों-लाखो रुपय लगाकर होने वाली साज सज्जा को भी मौलानाओं न गलत ठहराया। उन्होंने कहा कि पैसे को फजूल में खर्च न करके गरीबो के लिए खर्च किया जाए। मौलानाओं ने मीटिंग कर इस सराहनीय पहल का एलान किया है। साथ ही मौलानाओं ने ये भी कहा कि अगर कोई मुस्लिम शख्श उनका फरमान नही मानेगा  तो वो उस शादी में निकाह नही पढ़ाएंगे। शामली के मौलानाओं ने इस फरमान को एक मुहिम के रूप में चलाने की बात कही है। उन्होंने कहा के जनपद के सभी मौलानाओं और जिम्मेदार लोगो को साथ लेकर डीजे और फिजूल खर्ची पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी।

                                               

                                                    शामली से पंकज प्रजापति

                                              
 


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