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Monday, 22 October 2018

किसानों में मचा कोहराम

Reported by KNEWS | Updated: Apr 23-2018 10:15:58am


इटावा : इटावा जिले के भर्थना इलाके के तीन गांवों में खेतों में लगी आग से 36 किसानों की 200 बीघा से अधिक फसल जलकर खाक हो गई । फायर बिग्रेड के देर से पहुंचने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।

 

 उन्होंने फायर ब्रिगेड की गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने पीएसी की मदद से आक्रोश पर काबू पाया । सवा घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, पीड़ित परिवारों में कोहराम मचा है।

 

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सुजीपुरा के आमोद कुमार के गेहूं के खेत से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन से निकली चिंगारी से गेहूं की फसल में आग लग गई। तेज पछुआ हवा के कारण देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। क्षेत्र के तीन राजस्व गांवों भरथना देहात, पालीकलां, सुजीपुर के करीब तीन दर्जन अन्नदाताओं की दो सौ बीघा पकी खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। सूचना पर पहुंची फायर बिग्रेड ने जब आग बुझाने का प्रयास किया तो कुछ असामाजिक तत्वों ने दमकल पर पथरावकर चालक से हाथापाई भी की।

 

इससे गाड़ी का खिड़की का शीशा, लाइट आदि टूट गई। चालक ने इसकी सूचना पुलिस को दी। एसडीएम भरथना हेम सिंह, सीओ विकास जायसवाल, तहसीलदार गजराज सिंह यादव, मंडी सचिव अनिल कुमार, प्रभारी निरीक्षक जेपी पाल लवेदी पुलिस और पीएसी बल के साथ पहुंचे और अराजकतत्वों को खदेड़ा। नगर पालिका परिषद से पानी का टैंकर मंगवाया गया और जितेन्द्र सिंह यादव ने तीन ट्रैक्टर और टैंकर भेजकर आग पर काबू पाया।

 

भरथना देहात, पालीकलां, सुजीपुर, घमुरिया के आमोद कुमार, संजीव कुमार, सूरज सिंह, मिश्रीलाल, अखिलेश, लल्लू, सुबोध, बलराम, सुधीर, अवधराम, छोटेलाल, अरविन्द, महेन्द्र, रविन्द्र, अनिल, सुनील, आशीष, संजय, मनोज दीक्षित समेत तीन दर्जन से अधिक ग्रामीणों की पकी फसल जलने से परिवार में कोहराम मच गया। बिजली विभाग के अधिकारियों के मौके पर न पहुंचने से नाराज एसडीएम हेम सिंह ने उपखंड अधिकारी को फोन पर कड़ी फटकार लगाते हुए विभागीय टीम को घटनास्थल का जायजा लेने के निर्देश दिए।

 

 इस अग्निकांड की घटना को ग्रामीण, प्रशासन और पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए काबू में कर लिया। अगर प्रशासन सक्रिय नहीं होता तो बड़ी घटना हो सकती थी क्योंकि खेतों के पास में घमुरिया गैस एजेंसी का गोदाम है। अगर आग इस गोदाम तक पहुंच जाती तो गोदाम में रखे गैस सिलेंडरों में विस्फोट हो सकता था। ग्रामीणों ने अपने संसाधनों से आग पर काबू पाना शुरू कर दिया था। खेतों में खड़ी फसल में आग लगने की सूचना पर फायर बिग्रेड की गाड़ी दस मिनट में ही घटनास्थल पर पहुंच गई ।

 

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पीड़ित किसान फायर बिग्रेड को अपने-अपने खेतों की ओर ले जाने को लेकर भिड़ गए । कुछ नाराज ग्रामीणों ने चालक सुभाष चंद्र के साथ हाथापाई करके गाड़ी पर पथराव कर दिया । फायर बिग्रेड कर्मी रविंद्र कुमार, ओमकार मशीन छोड़कर भाग गए। गैस गोदाम की सुरक्षा में तैनात निरीक्षक इन्द्रपाल सरोज को देख आक्रोशित ग्रामीणों ने उनका घेराव किया। पुलिस पर भी लोगों का गुस्सा फूटा। आग बुझाने में सहयोग कर रहे युवक रवि यादव भगदड़ के दौरान घायल हो गया। खेतों में भीषण आग की लपटों में घिर जाने से सौरभ यादव बुरी तरह झुलस गया।

 

आग बुझने के बाद गांव सुजीपुरा की महिलाओं ने अग्निकांड में हुए नुकसान के मुआवजे को लेकर पालीबम्बा स्थित सड़क को जाम कर दिया। थाना प्रभारी निरीक्षक जे.पी. पाल ने महिलाओं को समझा बुझाने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं मानी। मौके पर पहुंचे एसडीएम भरथना हेम सिंह से अपनी बात रखने को कहकर बमुश्किल महिलाओं को राजी कर आधे घंटे बाद जाम खुलवाया। एसडीएम श्री सिंह ने महिलाओं की बात सुनकर शासन से मिलने वाली आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन दिया।

 

एसडीएम भरथना हेम सिंह ने राजस्व विभाग की तीन टीमें बनाकर अग्निकांड की घटना में जले गेहूं के नुकसान सहित पीड़ित किसानों के नाम, रकवा सहित नुकसान का जायजा लेने के लिए निर्देश दिये। राजस्व कर्मियों ने आग से जले खेतों पर पहुंचकर राजस्व अभिलेखों के अनुसार नक्शे व नामों से नुकसान का जायजा लिया। गठित तीनों टीमों में राजस्व निरीक्षक सूरज प्रसाद, सदर लेखपाल गौरव श्रीवास्तव, राजेश यादव, आशीष शर्मा, गरिमा पोरवाल, आशीष कटारिया, राघवेन्द्र कुमार आदि शामिल थे। टीम ने सर्वे पूरा कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी।

                                               

                                                                                     इटावा से प्रमोद दीक्षित 


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