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Saturday ,15 Dec 2018

करोड़ो का घपला

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Reported by KNEWS

Updated: Apr 24-2018 10:45:06am

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही भ्रष्ट अधिकारियों को जेल भेजने का दावा करें लेकिन लखनऊ में काले कारनामों के किस्से अक्सर प्रकाश में आते रहते है। बख्शी का तालाब ब्लॉक में लगातार भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है।

 

स्वच्छ भारत अभियान के शौचालय VDO राजीव गुप्ता की मिलीभगत से ग्राम पंचायत अधिकारी मोहम्मद असलम ADO पंचायत सीपीसिंह ने शौचालय निर्माण कार्य में करोड़ों रुपए का घपला कर दिया।

 

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बख्शी का तालाब तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत सुभाननगर अरिगवाॅ मे सरकारी कागजों में बड़े पैमाने झोलझाल किया गया।  BKT ब्लॉक के VDO राजीव गुप्ता ,(ADO, पंचायत सीoपीoसिंह) ,और ग्राम पंचायत अधिकारी मोo असलम ने ग्राम पंचायत सुभाननगर अरिगवाॅ 27 अक्टूबर 2017 को कर O.D.F दिया गया जबकि शौचालय अभी तक नहीं बने हैं।

 

बख्शी का तालाब ब्लॉक के अधिकारी बड़े अधिकारियों की आंख में धूल झोंकने का काम कर रहे हैं । शौचालय निर्माण के नाम पर भ्रष्ट अधिकारी बिना मौरंग के ही शौचालय निर्माण कार्य करवा रहे है।  एक तरफ तो ओ०डी०एफ० कर दिया गया दूसरी तरफ आधे अधूरे शौचालय पड़े हुए हैं। शौचालय के सारे मानको को ताक पर रख दिया गया है जबकि केंद्र सरकार की तरफ से एक शौचालय के लिए ₹12000 की धनराशि दी जा रही है।

 

 लेकिन ग्राम पंचायत अधिकारी एडिओपंचायत की मिलीभगत से कम धनराशि में 328 शौचालय तैयार किए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक अधिकारी  3,936,000 का बंदरबांट कर रहे है।  11 गांवों में किया गया ओडीएफ शौचालय निर्माण कार्य के काम अधूरे पड़े हैं।  एक तरफ तो शौचालय बनाए जा रहे हैं दूसरी तरफ शौचालय अपने आप टूटे जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि 328 शौचालयों का निर्माण घटिया मटेरियल से किया गया है।

 

इसके अलावा बताया जा रहा है कि शौचालय जांच रिपोर्ट में बड़ा घपला किया गया है। सवाल अब यहां ये है कि आखिर इस मामले में कार्रवाई कौन करेगा। लखनऊ DM कौशल राज शर्मा ने कहा लखनऊ जिले के 570 ग्राम पंचायतों में विकास कार्य तेजी से चल रहा है। एक आधा गांव में शिकायत आई है कार्रवाई की जाएगी। लेकिन बताते चलें विकास कार्य नहीं भ्रष्टाचार में तेजी आई है। अधिकारी अपनी जेब गर्म करने के लिए गलत तरीके से विकास कार्य कर रहे हैं।

 

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत किसी भी भ्रष्ट अधिकारी के ऊपर FIR तक नहीं दर्ज कराई गई। ग्राम पंचायतों में करोड़ों रुपए का गमन हो गया। मानकों की सीधे तौर पर अनदेखी की जा रही है और अधिकारी अपनी जेब गर्म करने में लगे हुए हैं। तो साफ पता चलता है कि किस तरह से विकास कार्य हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही अधिकारियों को नसीहत देते रहें लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों की सेहत पर कोई भी फर्क नहीं पड़ता।

                                       

                                                                             लखनऊ से शनि कुमार