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इलाहाबाद हाईकोर्ट में खाद्यान घोटाले की जांच

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Reported by KNEWS

Updated: Apr 30-2018 09:45:10am

लखनऊ : देश के सबसे बड़े 2 लाख क़रोड़ से ज़्यादा खाद्यान APL,BPL,पूस्ताहार,मिडडेमीलअंतोदय योजना जवाहर रोज़गार योजना सहित केंद्रीय योजनाओं में हुए घोटाले पर मानिटरिंग कर रही इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच की कोर्ट no-1  सोमवार 30/04/18 को जांच की प्रगति रिपोर्ट लेकर पहुंचेगी।

 

CBI/ED/CBCID/SIT/EOW/foodcell उक्त प्रकरण सुप्रीम कोर्ट से दो बार रिमांड होकर हाई कोर्ट की देख रेख में कछुआ गति से जांच चल रही है। 2009 में कोर्ट द्वारा समय-समय पर मांगी गई रैंडम जांचो के बाद किसी भी जांच एजेंसी ने न तो कोई जांच की ओर न ही प्रगति रिपोर्ट कोर्ट में दी है।

 

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जबकि कोर्ट द्वारा दिए गए एतेहासिक फ़ैसले में छःमाह में जाँच पूरी करने ओर एक साल में ट्रायल कंप्लीट करने के निर्देश दिए थे। इस मामले में याचिकाकर्ती जो की मीडिया वयक्ति है और आम जनता होने का दावा करता है ने सबसे पहले कोर्ट का ध्यान इस मामले की और आकृष्ठ कराया था। भारत सरकार सब्सिडी दरों पर अपनी विभिन्न योजनाओं के तहत मजदूरों और गरीबी रेखा से नीचे के लोगों खाध सामग्री आवंटित करती है। ऐसे व्यक्तियों को आमतौर पर कार्ड प्रदान किए जाते हैं जिसे बीपीएल, एपीएल कहा जाता है।

 

कुछ मामलों में ऐसे कार्ड धारकों के साथ-साथ वितरण के लिए खाद्यान्न दोपहर के भोजन के लिए 'मिड डे मील स्कीम' के तहत इसे आपूर्ति करें। लेकिन इस मामले में धांधली की बात सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि निचले वर्ग के छात्रों को मिड डे मील योजना के तहत दोपहर के भोजन उपल्बध कराया जाये। इस खाद्यान धोटाला में ये जानकारी सामने आ रही है कि साल 2003 से लेकर 2007 के बीच APL और BPL खाद्यान योजनाओं के तहत लोगो को मुहैया कराई जाने वाली खाद्य सामग्री को न केवल देश के विभिन्न राज्यों में बेचा गया  बल्कि इसे देश के बाहर नेपाल और बांग्लादेश जैसे देशों में भी निर्यात किया गया।

 

इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए कहा जा रहा है कि इस मामले में बात सामने आ रही है कि  इस मामलें की जांच सीबीआई द्वारा की जा सकती है। इस मामले में एक  राज्य सरकार द्वारा सुनवाई के दौरान ये बयान दिया गया था कि इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरों को संदर्भित किया गया है। अब देखना होगा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट  में जब इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच की कोर्ट no-1  30/04/18 को जांच की प्रगति रिपोर्ट लेकर पहुंचेगी तो इस मामलें में क्या निकलकर सामने आता है।