Live Tv

Sunday ,20 Jan 2019

स्टालिन ने संभाली DMK की कमान

VIEW

Reported by KNEWS

Updated: Aug 28-2018 03:10:55pm

तमिलनाडु में डीएमके की सियासत में 49 साल के बाद मंगलवार को नेतृत्व परिवर्तन हो गया। डीएमके प्रमुख एम. करूणानिधि के निधन के बाद उनके बेटे एम के स्टालिन को नया अध्यक्ष चुन लिया गया है। स्टालिन पहले पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष थे। चेन्नई में आज नैशनल कौंसिल की मीटिंग में स्टालिन को पार्टी का नेता चुन लिया गया। पार्टी की कमान स्टालिन को मिलने पर डीएमके कार्यकर्ता और लोगो ने खूब जश्न मनाया। स्टालिन को परिवार में अपने बड़े भाई एम. के. अलागिरि से जहां चुनौतियों का सामना करना है। वहीं,  राज्य में बदलते राजनीतिक समीकरण भी उनके सामने किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं हैं।  

स्टालिन के नेतृत्व की पहली परीक्षा 2019 का लोकसभा चुनाव है। स्टालिन के नेतृत्व में लड़े 2016 के चुनाव में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। 2011 में भी डीएमके ने राज्य में सत्ता गवां दी थी, 2014 में भी पार्टी को भरी हार से झूंझना पड़ा था। इस तरह से देखा जाये तो स्टालिन के कंधो पर लोकसभा चुनाव जिताने की बड़ी जिम्मेदारी है। 
स्टालिन को 2019 लोकसभा चुनाव से पहले थिरुपरनकंद्रुम और तिरुवरुर विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव जीतना होगा। चुनाव जीतने के साथ साथ उन्हें पार्टी के वरिष्ठों के साथ अच्छे सम्बन्ध बना कर रखने होंगे और सबको साथ में लेकर चलना होगा।  
तमिलनाडु की सियासत में वसे तो बीजेपी का कोई खासा जनाधार नहीं है,लेकिन इसके बावजूद भाजपा ने उम्मीदें नहीं छोड़ी हैं। आगामी लोकसभा चुनाव में बीजेपी महागठबंधन के जरिये वहां जड़े जमा सकती है। इसी को मद्देनज़र रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह कई बार प्रदेश का दौरा कर चुके हैं। कभी करूणानिधि की बीमारी के दौरान तो कभी उनके अंतिम संस्कार में। बीजेपी के पास रजनीकांत एक विकल्प के रूप में हैं, और मोदी जैसा कद्दावर चेहरा है। यह सब चुनौतियां डीएमके और स्टालिन के लिए कम नहीं हैं।