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Monday, 19 November 2018

एससी/एसटी एक्ट को लेकर हंगामा, जमकर लगे प्रधानमंत्री मुर्दाबाद के नारे

Reported by KNEWS | Updated: Sep 06-2018 02:28:58pm


के.न्यूज़, ऋचा ओझा: केंद्र सरकार के द्वारा संसद में पास कराये गए एस सी - एस टी क़ानून के विरोध में सवर्ण समाज के प्रदर्शन का असर दिल्ली से सटे ग्रेटर नॉएडा में भी देखने को मिला जहाँ सवर्ण समाज संगठनों द्वारा एससी एसटी एक्ट के विरोध में भारत बंद बंद का आव्हान पूरा हो रहा है।  ग्रेटर नोएडा में आज,अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद दिखाई पड़े मिले। प्रधानमंत्री सहित सभी नेताओं के मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। आज सुबह से ही राजपूत संघठनो  सहित कई दर्जनों संगठनों द्वारा गली, दुकानें बंद कराई गई एवं लगभग 60 से 70% व्यापारियों ने अपनी दुकानें स्वयं भी बंद रखी, वही बहुतायत की संख्या में स्कूलों में भी बच्चों की संख्या कम देखी गई इसके चलते कहा जा सकता है कि आज ग्रेटर नोएडा पूरी तरह से बंद है। दुकानदार अपनी दुकानों को बंद करके दुकानों के सामने ही जमे हुए हैं। संगठनों के लोगों की विभिन्न विचारधाराएं सामने आ रही हैं, वहीं राजपूत उत्थान सभा के पक्षिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष ठाकुर धीरज सिंह ने कहा कि "एससीएसटी एक्ट सरकार द्वारा जबरन थोपा गया काला कानून है।  इसका दुरपयोग  पहले भी होता रहा है ,इसी के चलते सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक निर्णय दिया था। जिसके विरुद्ध भारत की बीजेपी सरकार ने पूरी तरह से संसद में काले कानून के रूप में पास करवा दिया गया है।  इसका हम पुरजोर विरोध करते हैं,अगर यह काला कानून वापस नहीं हुआ तो आंदोलन उग्र रूप लेगा सभी ने कहा कि 2019 में हम नोटा पर वोट देंगे और सभी लोगो का विरोध करेंगे"। 

वहीँ मऊ में भी एससी एसटी एक्ट के विरोध में पीड़ित समाज द्वारा आज के दिन पूरे भारत को बंद करने का ऐलान किया गया हैं। जिले में भी दुकानदारों द्वारा दुकाने बंद कर शांति पूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया जा रहा हैं। बताते चले कि बंदी कर मांग किया जा रहा हैं कि केन्द्र सरकार द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को पलटते हुए काला कानून के रुप में एससी एसटी एक्ट बनाया गया। उसे खत्म कर सर्वेच्च न्यायालय के फैसले को बहाल किया जाये।

कासगंज में भी आज सवर्ण समाज ओबीसी मोर्चा सहित 35 संगठनों द्वारा 6 सितंबर एससी एसटी एक्ट के विरोध में भारत बंद बंद का आव्हान पूरा हो रहा है। कासगंज आज 90% बन्द रहा। व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह से बंद दिखाई पड़े मिले। आज सुबह से ही अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, क्षत्रिय एकता मंच,राजपूत करणी सेना, व्यापारी एकता मंच, व्यापारी महासभा,अग्रवाल महासभा, माहौर वैश्य महासभा, अखिल भारतीय व्यापार मंडल मिश्रा गुट, एवं कंछल गुट, लोधी महासभा,  शाक्य कुशवाहा महासभा सहित कई दर्जनों संगठनों द्वारा गली, दुकानें बंद कराई गई एवं लगभग 60 से 70% व्यापारियों ने अपनी दुकानें स्वयं भी बंद करके रखी। वही बहुतायत की संख्या में स्कूलों में भी बच्चों की संख्या कम देखी गई इसके चलते यह कहा जा सकता है कि आज जनपद कासगंज सहित मऊ, मध्यप्रदेश, ग्रेटर नॉएडा और अन्य शहर पूरी तरह से बंद दिखाई पद रहे हैं। संगठनों के लोगों की विभिन्न विचारधाराएं सामने आ रही हैं। वहीं क्षत्रिय महासभा के जिला अध्यक्ष विजेंद्र सिंह गौर ने कहा कि  "एससीएसटी एक्ट सरकार द्वारा जबरन थोपा गया काला कानून है। इसका दुरपयोग  पहले भी होता रहा है। 
वही शूकर क्षेत्र सोरों में  तीर्थ स्थल के पुरोहितों ने बाजार बंद रखें एवं प्रदर्शन करते हुए वे रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए। वहां पहुंच कर उन्होंने बरेली को जाने वाली ट्रेन को रोक रखा एवं जमकर प्रदर्शन करके मोदी सरकार के खिलाफ नारे  भी लगाए। वहीं भारतीय किसान यूनियन भानु गुट ने भी इस काले एक्ट के विरोध में पूरा समर्थन दे दिया है। वह भी सैकड़ों समर्थकों के साथ बाजारों में घूमकर दुकानें बंद करा रहे हैं। उन्होंने कहा है कि अगर इस काले कानून को वापस नहीं लिया गया तो वह इससे भी उग्र प्रदर्शन करेंगे। जहां भारतीय किसान यूनियन लगाकर प्रदर्शन कर रही थी तो वही जनपद कासगंज पुलिस किसी अनहोनी की घटना को लेकर उनके साथ भी चल रही है।
 


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