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Sunday ,20 Jan 2019

तीन तलाक़ के अध्यादेश पर राष्ट्रपति की मंजूरी

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Reported by KNEWS

Updated: Sep 20-2018 11:40:27am

मुस्लिमो को लेकर देश की सभी पार्टियां अपने वोट बैंक को सुधरने में लगी है.वही भाजपा भी इसमें कोई कसर नहीं छोड़ना छाती है.तीन तलाक को लेकर प्रधानमंत्री ने बिल पास किया था पर दो मानसून सत्र से राज्यसभा में न पारित हो पाने से वह कानून नहीं बन पाया। जिसके चलते केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को अध्यादेश जारी किया जो 6 महीनो तक रहेगा।इस अध्यादेश में तीन तलाक़ को अपराध माना गया है,जिसमे अपराधी को 3 साल की सजा होगी।आज सुबह राष्ट्रपति ने भी अध्यादेश पर मंजूरी दे दिये।

केद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी तीन तलाक के कई मामले सामने  आये थे जिसके कारण अध्यादेश लाने की जरूरत पड़ी। केंद्र सरकार को छह माह में इस अध्यादेश को विधेयक के रूप में संसद में पारित कराना होगा।कानून मंत्री ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि वह वोट बैंक के दबाव के चलते राज्यसभा में दो सत्र से लंबित तीन तलाक बिल  का समर्थन नहीं कर रही है। जबकि राजनीति से इसका कोई लेना-देना नहीं है.

प्रस्तावित कानून के दुरुपयोग की आशंकाएं दूर करते हुए सरकार ने इसमें कुछ सुरक्षा उपाय भी शामिल किए हैं, जैसे ट्रायल से पहले आरोपी के लिए जमानत का प्रावधान है। पीड़ित महिला चाहे तो समझौता भी कर सकती है।तीन तलाक़ पर खुश अहम् प्रावधान भी किये गए है ,जैसे पीड़ित के रिस्तेदार द्वारा शिकायत दर्ज करने पर तुरंत पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करेगी।तीन तलाक़ का आरोपी  को मजिस्ट्रेट से ही जमानत मिलेगी।