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Sunday ,20 Jan 2019

बीजेपी में दंगल,एससी एसटी को लेकर दो भाजपा नेता आमने सामने

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Reported by KNEWS

Updated: Sep 21-2018 01:00:34pm

एससी एसटी एक्ट को लेकर एक बार फिर सियासत में तूतू मैमै शुरु हो गया गया है.इस बार यह मध्य प्रदेश में  हुआ। हर बार पक्ष और विपक्ष बयानबाजी करते थे लेकिन एमपी में तो भाजपा अपने में ही बयानबाजी शुरू कर दिया .यह तब हुआ जब एमपी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर के कहा की एमपी में एससी एसटी एक्ट में पहले जाँच होगी फिर उस पर कोई कार्यवाही होगी इस बात पर भाजपा के दो नेता ने कहा की चौहान को अपनी गलती मानते हुए उन्हें अपने बयां को वापस लेना चाहिए.एससी एसटी एक्ट के बयां पर चौहान से पूछने पर की क्या वह केंद्र  सरकार के अध्यादेश के खिलाफ कोई अध्यादेश जारी करेंगे, तो उन्होंने कहा की  ''मुझे जो बोलना  था वह बोल दिए''.अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा की राज्य में सवर्ण, पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, जनजाति सभी वर्गों के हितों को सुरक्षित रखा जाएगा, जो भी शिकायत आएगी, उसकी जांच के बाद ही किसी की गिरफ्तारी होगी.

शिवराज सिंह के बयान से नाराज बीजेपी सांसद उदित राज ने कहा की मै उनके  निर्णय से नाराज हुँ।उन्होंने यह भी कहा की हमारी सरकार कानून मजबूत करती है और हमारे चीफ मिनिस्टर डाइल्यूट करते हैं. इससे बड़ी बेचैनी महसूस कर रहा हूं. फोन भी आ रहे हैं. समाज के अंदर फिर से निराशा है. आक्रोश पैदा हो गया है,उन्होंने दवा किया की मै राष्ट्रीय अध्यक्ष से बात करूँगा और कहूंगा की एससी एसटी एक्ट पर दोहरी राजनीती क्यों और चौहान जी से बयान वापस लेने को भी कहूंगा।वही दूसरी तरफ भी आरपीआई नेता और सांसद रामदास अठावले ने कहा की चौहान ने अगड़ी  जातीयों के लोगो को  खुश करने के लिए उन्होंने यह बयान दिया है.मुख्यमंत्री को अपना बयां को वापस लेना चाहिए क्योकी वह अगड़ी और पिछड़ी दोनों वर्गों के मुख्यमंत्री है.

बता दे की एससी एसटी एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने पहले जाँच का फैसला दिया था लेकिन केंद्र में स्थापित मोदी  सरकार ने अध्यादेश लेकर कोर्ट के फैसले को बदल दिया था जिसके चलते पुरे भारत में सवर्ड़ो ने आंदोलन करते हुए सरकार के फैसले को गलत ठहराया था.यह आंदोलन एमपी में भी देखने को मिला। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमर सिंह भदौरिया ने कहा कि अगले विधानसभा चुनाव में संगठन बीजेपी का खुलकर विरोध करेगा और लोगों से इसके खिलाफ वोट देने की अपील करेगा. भदौरिया ने कानून में केंद्र सरकार की ओर से लाए गए बदलाव को गलत ठहराते हुए कहा कि इससे सामान्य वर्ग के हितों को गहरी चोट पहुंची है.