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Sunday, 18 November 2018

हिमांचल के बाद पंजाब में बारिश से तबाही का खतरा ,मुख्यमंत्री ने जारी किया रेड अलर्ट

Reported by KNEWS | Updated: Sep 24-2018 05:31:35pm


प्राकृतिक कहर इस समय पुरे भारत में तबाही मचा रहा है.लौटे मानसून ने उत्तर भारत को काफी प्रभावित किया है.जिसके चलते हिमाचल में नदियां उफनाईं हैं तो कई पहाड़ दरक रहे हैं. चंडीगढ़ में सुखना झील का पानी खतरे के निशान को पार कर गया है. 2 दिन से भारी बारिश के चलते पंजाब सरकार ने रेड अलर्ट जारी कर दिया है.पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने 24 घंटे तक लोगो से घर के बाहर नहीं निकलने की गुजारिश की है,तो वही सेना को भी मुस्तैदी से तैनात होने का हुकुम दिया है.

जिला प्रशासन से नदियों के दोआब इलाकों में किसी भी बचाव अभियान के लिए पर्याप्त नौकाओं का इंतजाम करने को कहा गया है. सतलुज नदी के पास दोराहा और मछिवारा गांवों को अलर्ट पर रखा गया है. एसएसपी खन्ना ने थाना प्रभारियों को आदेश जारी कर कमजोर घरों को पहचानने को कहा है, ताकि समय पर लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके.वही दूसरी तरफ भारतीय मौसम विभाग ने सोमवार को पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी यूपी, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, दक्षिणी कर्नाटक, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.

चंडीगढ़ के सुखना झील में पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है. झील के दरवाजे खोल दिए गए हैं. पानी का स्तर 1163 फुट से ऊपर पहुंचने पर सोमवार को बीते 10 साल में पहली बार झील के दरवाजे खोले गए. चंडीगढ़ और पंचकूला को जोड़ने वाले सुखेत्री पुल को ट्रैफिक के लिए बंद कर दिया गया है. सुखना झील से छोड़े गए पानी के चलते चंडीगढ़ के निचले इलाकों में पानी भर गया है.पंजाब में भारी  बारिश के चलते और जगह-जगह जल भराव को देखते हुए फिरोजपुर रेलवे डिवीजन ने कई रेल गाड़ियों को रद्द कर दिया और कई गाड़ियों के रूट बदले.

हिमांचल प्रदेश के मंडी जिला में बीते दो दिनों से हो रही लगातार भारी बारिश के चलते जिला भर में प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है. हाई अलर्ट के दौरान लोगों से अपने आसपास सावधानी बरतने और नजर बनाए रखने की अपील की गई है. किसी प्रकार की कोई प्राकृतिक आपदा नजर आती है, तो इसकी सूचना जिला प्रशासन को या संबंधित उपमंडलीय प्रशासन को देकर सहायता मांगी जा सकती है.वहीं भारी बारिश के कारण जिले के नदी नाले उफान पर हैं. खासतौर पर ब्यास नदी खतरे के निशान से उपर बह रही है. कुल्लू-मनाली में जितनी भी बारिश हो रही है, उसका सारा पानी ब्यास नदी के साथ मंडी जिला से होता हुआ कांगड़ा जिला और उससे आगे जा रहा है. इस कारण ब्यास नदी के किनारे रहने वालों को अलर्ट जारी कर दिया गया है. लारजी और पंडोह डैम से भी भारी पानी छोड़ा जा रहा है क्योंकि बारिश के इतने अधिक पानी को स्टोर कर पाना संभव नहीं.

बरोट में बहने वाली उहल नदी भी पूरे उफान पर है. यहां पर पानी का जलस्तर खतरे के निशान से उपर बह रहा है, वहीं इस नदी पर टिक्कन के पास बने लोहे के पुल पर भी खतरा मंडराने लगा है. डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने बताया कि जिला में सोमवार को हाई अलर्ट जारी किया गया है और लोगों से ऐहतिआत बरतने को कहा जा रहा है. उन्होंने बताया कि जिला में अभी तक कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है और जो नुकसान हुआ है उसका आकलन किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन उच्च स्तरीय बैठक करके राहत कार्यों की स्थिति जांचने जा रहा है और आगे के फैसले लेने जा रहा है.


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