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Monday, 19 November 2018

अपराधी नेताओ को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत,कहा संसद को कानून बनाना चाहिए

Reported by KNEWS | Updated: Sep 25-2018 12:16:26pm


भारतीय राजनेताओ की बात की जाये तो कई बड़े नेता जिनकी इतिहास में आपराधिक मामले जरूर होंगे। सभी अपराधी अपराध करने के बाद राजनेताओ की  सरण में आकर बच जाते थे.वही अब सरण में नहीं ,बल्कि अपराध करने के बाद अपराधी खुद राजनेता बन जाते है.वही इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया।आरोपों का सामना कर रहे नेताओं  पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव लड़ने से रोक लगाने पर इनकार कर दिया है. कोर्ट का कहना है कि इस मामले पर संसद को ही कानून बनाना चाहिए. कोर्ट के इस फैसले से मौजूदा दौर के कई बड़े नेताओं को राहत मिली है.

इस मामले में भाजपा सहित कई अन्य पार्टी के नेताओ को राहत मिली है। इन नेताओं में बीजेपी के दिग्गज नेता लालकृष्ण अडवाणी भी शामिल हैं. ये वह नेता हैं जिनके खिलाफ किसी न किसी मामले में आरोपपत्र दाखिल हो चुका है लेकिन कोर्ट का फैसला नहीं आया है.इन नेताओ में भाजपा के अडवाणी के साथ  मुरली मनोहर जोशी और उमा  भारती के साथ साथ अन्य पार्टी के पप्पू यादव आदि को भी राहत की साँस लेने को मिला है. बता दे की अयोध्या में बाबरी मस्ज़िद गिराए जाने के मामले में लखनऊ की सीबीआई अदालत के आदेश के बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती पर आपराधिक मुकदमा चला था.

आपराधिक मामले की बात करे तो भारतीय राजनीती में 1765 सांसदों -विधायकों पर कुल 3045 आपराधिक केश कोर्ट में दाखिल है.जिनमे से 53 सांसदों के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज है.वैसे तो पुरे भारत के सभी राज्यों के लगभग नेताओ के ऊपर आपराधिक मामले है लेकिन उत्तर प्रदशे के नेताओ पर ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज है.इस मामले पर कोर्ट ने पूर्ण   जानकारी अपने संज्ञान में लाने के लिए ,कोर्ट ने कहा है कि हर नेता को अपने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी चुनाव लड़ने से पहले चुनाव आयोग को देनी चाहिए. कोर्ट ने कहा है कि इस मसले संसद को कानून बनाना चाहिए.


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