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सिग्नेचर के लिए आप और भाजपा में शुरू हुई जंग

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Reported by KNEWS

Updated: Nov 05-2018 01:07:21pm

प्रदूषण और धुएं ने दिल्ली के लोगो की मुसीबते बढ़ा दी है. जहा एक तरफ लोग घर से निकलने नहीं पसंद कर रहे वही दूसरी तरफ दिल्ली सरकार ने रविवार को सिग्नेचर ब्रिज का उद्घाटन कर के आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई. बता दे की यह ब्रिज यमुना के पश्चिमी किनारे पर स्थित राष्ट्रीय महामार्ग-1 को पूर्वी किनारे पर स्थित वज़ीराबाद रोड से जोड़ेगी। जिसकी वजह से दिल्ली के लोगो को अब यात्रा करने में आसानी होगी। वही रविवार को हुए उद्घाटन में जंहा सिग्नेचर के लिए आप विधायक और दिल्ली के बीजेपी अध्यछ मनोज तिवारी के बीच क्रेडिट को लेकर संग्राम छिड़ गया. जिसकी वजह से सोशल मिडिया पर दोनों को खूब आलोचना झेलनी पड रही है. 

 

बता दे की सिग्नेचर ब्रिज भारत का एक सेतु है.  इस सेतु का निर्माण दिल्ली के वज़ीराबाद में यमुना नदी पर किया गया। इस सेतु के निर्माण को दिल्ली मन्त्रीमण्डल द्वारा 23  फ़रवरी 2010  को स्वीकृति दी गई थी। जिसके बाद निर्माण के लिए 1128 करोड़ या 11.28 अरब रुपए अनुमानित किया गया. यमुना नदी पर निर्माणाधीन यह सेतु दिल्ली का पहला रज्जु कर्षण सेतु होगा। यह ब्रिज देश का पहला केबल-रक्षित पुल है.जो 154 मीटर की है. इस ब्रिज के बनने के बाद उत्तर और पूर्वोत्तर दिल्ली के बीच यात्रा करना और आसान हो गया. वही बता दे की इस ब्रिज का सुझाव सबसे पहले 1997 में हुआ था. लेकिन इसकी अवधारणा 2004 में जाकर बने। वही इसका निर्माण 2010 के राष्ट्रमंडल खेल से पहले हो जाना था. लेकि पर्यावरण के अनुमति न मिलने से यह उस समय तक नहीं पूरा हो पाया। इन सब के बिच 2011 में निर्माण कार्य की शुरुआत के बाद 4 नवंबर 2018 को दिल्ली  के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने इसका उद्घाटन करके सेतु को शुरू किया। 

 

एक तरफ जहा इस ब्रिज का दिल्ली के जाम की समस्या से जोड़ कर देखा जा रहा है. वही इसके उद्घाटन में आप और बीजेपी के बिच हुए झड़प से लोगो के बिच में बड़ी आक्रोश बढ़ गई।  रविवार को हुए उद्घाटन में ''बिन बुलाये मेहमान'' की तरह मनोज तिवारी के पहुंचने पर आप के विधायक ने उनको मंच पे नहीं चढ़ने दिया। जिसके बाद वहां हंगामा शुरू हो गया. उस घटना के बाद लोगो के मन में कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है की, क्या राजनेता सर काम क्रेडिट के लिए करते या जनता की भलाई के लिए.