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मोदी सरकार का ऐतिहासिक फैसला, पहली बार मिलेगा सवर्णों को आरक्षण

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Reported by KNEWS

Updated: Jan 08-2019 10:44:12am

केंद्र की मोदी सरकार ने गरीब सवर्णों को आरक्षण देने पर मुहर लगा दी है। इस फैसले के तहत आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को सरकारी नौकरी और उच्‍च शिक्षा संस्‍थानों में १० फीसदी आरक्षण दिया जायेगा। देश के करोड़ों लोगों को केंद्र सरकार के इस फैसले का लाभ मिलेगा। कैबिनेट की मुहर लगने के बाद आज इसके लिए संविधान संशोधन बिल संसद में पेश किया जाएगा। 

भारतीय जनता पार्टी ने अपने सभी सांसदों को सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी कर दिया है, जबकि कांग्रेस ने पहले ही अपने सांसदों के लिए सोमवार और मंगलवार को उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया था। 

सरकार के सामने संसद में बड़ी चुनौती

संसद का मंगलवार को इस सत्र का आखिरी दिन है, ऐसे में सरकार के सामने इस बिल को पेश करने और पास करवाने की बड़ी चुनौती है। वो भी तब जब विपक्ष पूरी तरह से आक्रामक स्थिति में है। सूत्रों की मानें तो मोदी सरकार इस बिल को पास कराने के लिए सत्र को आगे बढ़ाने पर भी विचार कर सकती है। 

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गौर करने वाली बात ये भी है कि अगर सरकार को संविधान संशोधन बिल को लागू करवाना है तो उसे लोकसभा और राज्यसभा दोनों में पास करवाना जरूरी है। और इस प्रक्रिया को इसलिए भी जटिल माना जा रहा है क्योंकी लोकसभा में तो एनडीए सरकार के पास बहुमत है, लेकिन राज्यसभा में विपक्ष की स्थिति मजबूत है। ऐसे में सरकार की अग्निपरीक्षा होना तय है। किसी-किसी मामले में ऐसे संशोधन को राज्यों के विधानमंडल में भी पारित करना पड़ता है। 

केंद्र सरकार के इस फैसले कि मांग कई पार्टियां पहले से करती आई हैं। यही कारण रहा कि सोमवार को जब कैबिनेट का फैसला आया, तो किसी भी राजनीतिक दल ने इसका पुरजोर विरोध नहीं किया। बस, चुनाव से पहले ऐलान करने के लिए सरकार की मंशा पर सवाल उठा दिए। 

क्या है मोदी कैबिनेट का फैसला?

दरअसल, सोमवार को सभी को चौंकाते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया। इस फैसले के तहत आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण समाज के लोगों को सरकारी नौकरी और शिक्षा के क्षेत्र में १० फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। इसके लिए सरकार की ओर से कुछ शर्तें भी रखी गई हैं। 

किसे मिलेगा आरक्षण का लाभ:

१. केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री विजय सांपला के मुताबिक जिन लोगों की सालाना आमदनी ८ लाख से कम होगी उन्‍हें आरक्षण का लाभ मिलेगा। 

२. जिन सवर्णों के पास खेती की ज़मीन ५ एकड़ से कम होगी। 

३. इस आरक्षण का लाभ वे सवर्ण पा सकेंगे, जिनके पास आवासीय भूमि १००० वर्ग फीट से कम होगी। 

४. जिन सवर्णों के पास अधिसूचित नगर पालिका क्षेत्र में १०० गज से कम का आवासीय प्‍लॉट है। 

५. इसके अलावा जिन सवर्णों के पास गैर अधिसूचित नगर पालिका क्षेत्र में २०० गज से कम का आवासीय प्‍लॉट है।  

६. इस आरक्षण का लाभ उनको मिलेगा जो अभी तक किसी भी तरह के आरक्षण के अंतर्गत नहीं आते थे। 

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अब तक कितने संविधान संशोधन

१९५० में संविधान लागू होने के बाद से अब तक १०१ संशोधन किए जा चुके हैं। सोमवार को सरकार ने सवर्ण जातियों के लिए १० फीसदी आरक्षण का ऐलान किया। इसके लिए संविधान में संशोधन की जरूरत पड़ेगी। इससे पहले भी कई संशोधन हुए हैं जिनमें कुछ खास हैं। ४२वें संशोधन के तहत संविधान की प्रस्तावना में 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' और 'एकता व अखंडता' शब्द जोड़े गए थे। इसी तरह हाल ही में पारित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक १२२वां संशोधन विधेयक और १०१वां संविधान संशोधन था। 

संशोधन की जरूरत इसलिए है क्योंकि सवर्ण आरक्षण मौजूदा ४९.५ फीसदी आरक्षण की सीमा के ऊपर जा रहा है। इसके लिए संविधान की धारा १५ और १६ में बदलाव करना होगा।भारत के संविधान में संशोधन की मुश्किलों के बावजूद यह दुनिया में सबसे ज्यादा बार संशोधित किया जाने वाला दस्तावेज है। इसमें हर साल में औसतन दो संशोधन किए जाते हैं। 

संशोधन की प्रक्रिया

संशोधन की प्रक्रिया संसद से होती है। पहले इसे लोकसभा में भेजा जाता है फिर राज्यसभा में। दोनों सदनों में इसे विधेयक के रूप में पेश किया जाता है। बारी-बारी से इस विधेयक को दोनों सदनों में पारित होना जरूरी है। प्रत्येक सदन में दो-तिहाई बहुमत से इसका अनुमोदन होना जरूरी है। इसके बाद कुछ खास संशोधन को राज्यों की विधायकों में भी पारित करना होता है। इतना सब होने के बाद इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाता है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून में तब्दील हो जाता है। राष्ट्रपति के स्तर पर रुकावट की संभावनाएं न के बराबर होती हैं। 

क्या  हिन्दू सवर्णों के अलावा भी किसीको आरक्षण का लाभ मिलेगा?

केंद्र सरकार के इस फैसले का लाभ सिर्फ हिंदू सवर्णों को नहीं मिलेगा। इस फैसले का लाभ हिंदुओं के अलावा मुस्लिम और ईसाई धर्म के लोगों को भी मिलेगा। उदाहरण के तौर पर अगर कोई मुस्लिम सामान्य श्रेणी में आता है और वह आर्थिक रूप से कमजोर है तो उसे १० फीसदी आरक्षण का फायदा मिलेगा। 

किन नौकरियों में ये आरक्षण मिलेगा?

मोदी सरकार का ये लाभ सरकारी नौकरियों और शिक्षा के क्षेत्र में मिलेग। मोदी सरकार का ये फैसला पूरे देश में लागू होगा, ऐसे में जिन क्षेत्रों में आरक्षण का प्रावधान है उसमें केंद्र-राज्य और निगम की नौकरी में इस फैसले का लाभ सीधे तौर पर मिलेगा। 

सरकार के इस बड़े फैसले का भारतीय जनता पार्टी ने स्वागत किया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि गरीब सवर्णों को आरक्षण मिलना चाहिए. पीएम मोदी की नीति है कि सबका साथ सबका विकास। सरकार ने सवर्णों को उनका हक दिया है. पीएम मोदी देश की जनता के लिए काम कर रहे हैं। 

                                                                                     - विभा चौधरी