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Thursday ,17 Jan 2019

खोज निकाला कैंसर का ये नया इलाज, जरुर पढ़े

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Reported by KNEWS

Updated: Jan 25-2018 06:47:04pm

रुड़की : देश में बढ़ रही कैंसर की बिमारी का इलाजअब आसानी से हो सकेगा। क्योंकि अपनी उच्च शिक्षा के लिए विश्व में अलग पहचान बनाने वाली आई आई टी रूडकी ने कैंसर के उपचार के लिए एक नई तकनीक की खोज की है। इस तकनीक का नाम फोटो डायनेमिक थेरेपी यानी PDT दिया गया है। इस तकनीक के ज़रिये दवा शरीर के सिर्फ कैंसर वाले हिस्से पर ही असर करेगी यानी की दवा का पूरे शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होगा।

 

इससे पहले कैंसर के उपचार में जिन तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता था। उसका प्रभाव पुरे शरीर पर पड़ता था जैसे की सर से बाल झड़ जाते थे, नाखुनो में भी दिक्कते पैदा होनी शुरू हो जाती थी। क्योंकि कैंसर के उपचार में इस्तेमाल की जाने वाली दवाइयों के दुष्प्रभाव से शरीर की कोशिकाएं अपना कार्य करना बंद कर देती थी। कैंसर पीड़ित इंसान इस तकनीक के माध्यम से जो भी दवाई खायेगा तो दवाई का असर सिर्फ कैंसर वाली जगह पर ही होगा ।

 

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इस तकनीक की खोज करने वाले आई आई टी रूडकी के कैमिस्ट्री विभाग के प्रोफेसर कौशिक घोष ने बताया कि हमने ऐसे कुछ अणु की खोज की है जिसको हम कैंसर वाली जगह पर लगाए और वहाँ पर रौशनी डाले तो यह अणु अपना कार्य शुरू कर देते है। और कैंसर के विषाणुओं को नष्ट कर देता है। तना ही नहीं इन अणुओं को दवाई की तरह लेने के बाद भी आप शरीर के कैंसर वाले हिस्से पर अगर रोशनी डालते है । तो भी यह सिर्फ कैंसर वाले हिस्से पर ही कार्य करेंगे यानी की दवाई की तरह इन अणु को लेने के बाद यह अणु पूरे शरीर में चले जाते है।

 

इस रिसर्च से संबंधित पेपर्स यूरोपियन जर्नल ऑफ इनऑर्गेनिक कैमिस्ट्री में भी प्रकाशित किये गए है।  प्रोफेसर घोष ने दावा किया है कि शरीर के जिस हिस्से के सेल्स कैंसर से ग्रस्त होंगे केवल उसी हिस्से पर नीइट्रिक ऑक्साइड युक्त ड्रग्स को लगाकर विजिबल प्रकाश को डालना होता है । जिससे ड्रग्स एक्टिवेट हो जाता है और उस जगह कैंसर के वायरस को ख़त्म कर देता है। पहले अल्ट्रावायलेट प्रकाश में ऐसा किया जाता था लेकिन वह मानव शरीर के लिय हानिकारक होता है। इसलिए अब अणु को सामान्य रोशनी में भी इलाज किया जा सकता है और शरीर को कोई भी दूसरा हिस्सा पूरी तरह से सुरक्षित रहता है।

 

आई आई टी रूडकी के रसायन विज्ञान विभाग में तैनात प्रोफेसर कौशिक घोष पिछले 12 साल से कैंसर से लड़ने वाले इन अणुओं  पर कार्य कर रहे है। अब जाकर उनको इसमें सफलता हासिल हुई है इनकी 12 साल की मेहनत से तैयार यह तकनीक अब कैंसर से पीड़ित लोगो के काम आने वाली है यानी की इस तकनीक के ज़रिये लाखो लोगो को लाभ मिलने वाला है 

                                                                                         रुड़की  से विशाल यादव